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जनवरी, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ncert class 12 Hindi- chapter-12- तिरिछ

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Ncert class 12 Hindi- chapter-12- तिरिछ यह पाठ उदय प्रकाश द्वारा रचित कहानी 'तिरिछ' से लिया गया है, जो पिता की दुखद मृत्यु और लेखक के भयावह सपनों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। कहानी में तिरिछ नाम के एक विषैले जीव को शहर की क्रूरता और आधुनिकता के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। ग्रामीण पृष्ठभूमि के एक सीधे-सादे पिता जब शहर जाते हैं, तो वहां की भीड़ उन्हें पहचान नहीं पाती और मानसिक भ्रम व बाहरी हमले के कारण उनकी दुखद मृत्यु हो जाती है। लेखक अपने पिता के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए शहर की अमानवीयता और वहां व्याप्त संवेदनहीनता पर तीखा प्रहार करता है। अंततः, यह रचना व्यक्तिगत भय और सामाजिक विषमता के बीच के गहरे संबंध को उजागर करती है। तिरिछ कहानी का संक्षेपण उदय प्रकाश द्वारा रचित कहानी 'तिरिछ' एक दुःस्वप्न की तरह बुनी गई मर्मस्पर्शी कथा है, जो शहर की क्रूरता और एक बेटे के अपने पिता के प्रति गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। इस कहानी का संक्षेपण निम्नलिखित है: कहानी का सारांश 1. पिता का व्यक्तित्व और तिरिछ का भय: कहानी के केंद्र में लेखक के पिता हैं, जो एक गंभीर, मितभाषी ...

Ncert class 12 Hindi- chapter-10- जूठन

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Ncert class 12 Hindi- chapter-10- जूठन यह पाठ ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा 'जूठन' से लिया गया एक अत्यंत मार्मिक अंश है, जो जातिवाद और भेदभाव की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। लेखक ने अपने बचपन के उन अनुभवों को साझा किया है जहाँ उन्हें स्कूल में पढ़ाई के बजाय केवल दलित होने के कारण हेडमास्टर द्वारा सफाई करने पर मजबूर किया गया। इसमें दलित समुदाय के प्रति समाज के अमानवीय व्यवहार, अत्यंत गरीबी और मृत पशुओं की खाल उतारने जैसे कठिन श्रम की मजबूरी का सजीव चित्रण है। लेखक के पिता और भाभी के माध्यम से इस व्यवस्था के विरुद्ध साहस और गरिमा की झलक भी मिलती है। अंततः, यह लेख उस सामाजिक पीड़ा और गंदगी से बाहर निकलने के संघर्ष की एक शक्तिशाली कहानी है। जूठन अध्याय का संक्षेपण ओमप्रकाश वाल्मीकि द्वारा रचित 'जूठन' उनके जीवन के संघर्ष, जातिगत भेदभाव और अपमान की एक मर्मस्पर्शी आत्मकथा है। कहानी का संक्षेपण निम्नलिखित है: विद्यालय में जातिगत उत्पीड़न कहानी की शुरुआत लेखक के बचपन से होती है, जहाँ स्कूल के हेडमास्टर कलीराम उन्हें पढ़ने के बजाय केवल उनकी जाति के कारण पूरे स्कूल और मैदा...

Ncert class 12 Hindi- chapter-11- हंसते हुए मेरा अकेलापन

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Ncert class 12 Hindi- chapter-11- हंसते हुए मेरा अकेलापन मलयज द्वारा लिखित "हँसते हुए मेरा अकेलापन" उनकी डायरी के महत्वपूर्ण अंशों का एक संकलन है। इसमें लेखक के निजी अनुभवों, सामाजिक सरोकारों और रचनात्मक संघर्षों का एक जीवंत चित्रण मिलता है। पाठ का सारांश यह पाठ लेखक की डायरी के विभिन्न कालखंडों (1956 से 1981) के पन्नों का समूह है। इसमें मलयज ने प्रकृति के सौंदर्य (रानीखेत और कौसानी), मानवीय संबंधों, और अपने भीतर के गहरे डर को शब्दों में पिरोया है। लेखक ने डायरी को मात्र व्यक्तिगत लेखा-जोखा न मानकर उसे अपने कर्म की साक्षी और संघर्ष की प्रवक्ता माना है। वे यथार्थ (Reality) के दो रूपों की चर्चा करते हैं: 'भोगा हुआ यथार्थ' और 'रचा हुआ यथार्थ'। उनके अनुसार, हर व्यक्ति अपना संसार खुद रचता है और इसी रचे हुए यथार्थ के लेन-देन को वे 'संसार' कहते हैं। डायरी में वे अपने अकेलेपन, बीमारी के डर, और अपनों की सुरक्षा की चिंता को भी बड़ी ईमानदारी से स्वीकार करते हैं। डायरी क्या है प्रस्तुत पाठ के आधार पर डायरी की परिभाषा और महत्व को निम्नलिखित बिंदुओं में समझा ...