Ncert class 12 Hindi- chapter-12- तिरिछ
Ncert class 12 Hindi- chapter-12- तिरिछ यह पाठ उदय प्रकाश द्वारा रचित कहानी 'तिरिछ' से लिया गया है, जो पिता की दुखद मृत्यु और लेखक के भयावह सपनों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। कहानी में तिरिछ नाम के एक विषैले जीव को शहर की क्रूरता और आधुनिकता के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है। ग्रामीण पृष्ठभूमि के एक सीधे-सादे पिता जब शहर जाते हैं, तो वहां की भीड़ उन्हें पहचान नहीं पाती और मानसिक भ्रम व बाहरी हमले के कारण उनकी दुखद मृत्यु हो जाती है। लेखक अपने पिता के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए शहर की अमानवीयता और वहां व्याप्त संवेदनहीनता पर तीखा प्रहार करता है। अंततः, यह रचना व्यक्तिगत भय और सामाजिक विषमता के बीच के गहरे संबंध को उजागर करती है। तिरिछ कहानी का संक्षेपण उदय प्रकाश द्वारा रचित कहानी 'तिरिछ' एक दुःस्वप्न की तरह बुनी गई मर्मस्पर्शी कथा है, जो शहर की क्रूरता और एक बेटे के अपने पिता के प्रति गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। इस कहानी का संक्षेपण निम्नलिखित है: कहानी का सारांश 1. पिता का व्यक्तित्व और तिरिछ का भय: कहानी के केंद्र में लेखक के पिता हैं, जो एक गंभीर, मितभाषी ...