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CBSE Board class 12 macro economics ch-1

यह पाठ समष्टि अर्थशास्त्र (मैक्रोइकोनॉमिक्स) की मूलभूत अवधारणाओं और उसके ऐतिहासिक विकास का परिचय देता है। इसमें व्यष्टि और समष्टि अर्थशास्त्र के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि कैसे समष्टि स्तर पर पूरी अर्थव्यवस्था के सामान्य मूल्य और रोजगार पर ध्यान दिया जाता है। लेखक एडम स्मिथ के शास्त्रीय विचारों और जॉन मेनार्ड कीन्स के आधुनिक योगदान की चर्चा करते हैं, जिन्होंने 1929 की महान मंदी के बाद आर्थिक सोच को नई दिशा दी। लेख में एक पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया गया है, जिसमें निजी स्वामित्व और लाभ की प्रधानता होती है। इसके अतिरिक्त, अर्थव्यवस्था को संचालित करने वाले चार मुख्य क्षेत्रों—परिवार, फर्म, सरकार और बाह्य क्षेत्र—की परस्पर निर्भरता पर भी प्रकाश डाला गया है। अंततः, यह स्रोत पाठकों को उत्पादन के कारकों और आर्थिक निर्णय लेने वाले विभिन्न एजेंटों की भूमिका से अवगत कराता है।

इस पाठ (समष्टि अर्थशास्त्र - एक परिचय) के अभ्यास में दिए गए प्रश्नों के उत्तर और पाठ पर आधारित पाँच वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न नीचे दिए गए हैं:


पाठ के अभ्यास-प्रश्नों के उत्तर:


1. व्यष्टि अर्थशास्त्र और समष्टि अर्थशास्त्र में क्या अंतर है?

उत्तर:

व्यष्टि अर्थशास्त्र (Microeconomics): इसमें व्यक्तिगत आर्थिक एजेंटों (जैसे एकल उपभोक्ता या उत्पादक) का अध्ययन किया जाता है । यह मांग और पूर्ति के व्यक्तिगत बाजारों का अध्ययन है, जहाँ निर्णयकर्ता अपने निजी लाभ या कल्याण को अधिकतम करने का प्रयास करते हैं ।

समष्टि अर्थशास्त्र (Macroeconomics): इसमें संपूर्ण अर्थव्यवस्था की स्थितियों को संबोधित किया जाता है । व्यक्तिगत स्तर पर विचार करने के बजाय, यह अर्थव्यवस्था में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल निर्गत (आउटपुट), रोजगार के स्तर और सामान्य कीमत स्तर का एक साथ अध्ययन करता है । इसके निर्णयकर्ता मुख्य रूप से राज्य या वैधानिक निकाय (जैसे भारतीय रिजर्व बैंक) होते हैं, जो निजी लाभ के बजाय संपूर्ण देश के कल्याण के लिए नीतियां बनाते हैं ।


2. पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण विशेषताएँ क्या हैं?

उत्तर: पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

उत्पादन के साधनों (जैसे भूमि, पूंजी और श्रम) पर निजी स्वामित्व होता है ।

उत्पादन मुख्य रूप से बाजार में निर्गत (उत्पादों) को बेचने और उससे लाभ कमाने के उद्देश्य से किया जाता है ।

श्रमिकों की सेवाओं का क्रय-विक्रय एक निश्चित कीमत पर होता है, जिसे मजदूरी की दर कहा जाता है ।


3. समष्टि अर्थशास्त्र की दृष्टि से अर्थव्यवस्था के चार प्रमुख क्षेत्रकों का वर्णन करें।

उत्तर: समष्टि अर्थशास्त्र में अर्थव्यवस्था को मुख्य रूप से निम्नलिखित चार क्षेत्रकों के संयोग के रूप में देखा जाता है :

फर्म (Firms): ये उत्पादन इकाइयाँ हैं जिनका संचालन उद्यमियों द्वारा किया जाता है। उद्यमी भूमि, श्रम और पूंजी को किराये पर लेकर उत्पादन करते हैं और वस्तुओं तथा सेवाओं को बाजार में बेचकर लाभ कमाते हैं ।

सरकार (Government): राज्य या सरकार कानून बनाने, लागू करने और न्याय दिलाने का कार्य करती है। इसके अलावा, सरकार कर लगाती है, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर व्यय करती है और स्कूल, कॉलेज व स्वास्थ्य सेवाएँ भी प्रदान करती है ।

पारिवारिक क्षेत्रक (Household Sector): यह उपभोक्ताओं का समूह है जो उपभोग संबंधी निर्णय लेता है। परिवार के सदस्य फर्मों या सरकारी विभागों में काम करके मजदूरी या वेतन प्राप्त करते हैं, अपनी बचत करते हैं और कर भी अदा करते हैं ।

बाह्य क्षेत्रक (External Sector): यह क्षेत्रक विश्व के अन्य देशों के साथ होने वाले आर्थिक व्यापार को दर्शाता है। इसमें घरेलू वस्तुओं का निर्यात, अन्य देशों से वस्तुओं का आयात और विदेशी पूंजी का प्रवाह (आयात-निर्यात) शामिल होता है ।


4. 1929 की महामंदी का वर्णन करें।

उत्तर: 1929 की महामंदी के दौरान यूरोप और उत्तरी अमेरिका के देशों में निर्गत (उत्पादन) और रोजगार के स्तरों में भारी गिरावट देखी गई, जिसका प्रभाव दुनिया के अन्य देशों पर भी पड़ा । इस दौरान बाजार में वस्तुओं की माँग बहुत कम हो गई थी, जिसके कारण कारखाने बंद पड़ गए और श्रमिकों को काम से निकाल दिया गया । संयुक्त राज्य अमेरिका में 1929 से 1933 के बीच बेरोजगारी की दर 3 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुँच गई थी और समस्त निर्गत (कुल आउटपुट) में लगभग 33 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी । इसी घटना ने अर्थशास्त्रियों को अर्थव्यवस्था की कार्यप्रणाली के बारे में नए सिरे से सोचने पर मजबूर किया, जिससे समष्टि अर्थशास्त्र का जन्म हुआ ।


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पाँच वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न:


प्रश्न 1: समष्टि अर्थशास्त्र (Macroeconomics) का एक अलग शाखा के रूप में उद्भव किस ब्रिटिश अर्थशास्त्री की पुस्तक के प्रकाशन के बाद हुआ?

A) एडम स्मिथ

B) जॉन मेनार्ड कीन्स

C) कार्ल मार्क्स

D) डेविड रिकार्डो

उत्तर: B) जॉन मेनार्ड कीन्स


प्रश्न 2: जॉन मेनार्ड कीन्स की प्रसिद्ध पुस्तक 'द जनरल थ्योरी ऑफ एम्प्लॉयमेंट, इंटरेस्ट एंड मनी' किस वर्ष प्रकाशित हुई थी?

A) 1776

B) 1929

C) 1936

D) 1990

उत्तर: C) 1936


प्रश्न 3: आधुनिक अर्थशास्त्र का जनक किसे माना जाता है?

A) एडम स्मिथ

B) जॉन मेनार्ड कीन्स

C) ए. भादुड़ी

D) एन. जी. मैनकीव

उत्तर: A) एडम स्मिथ


प्रश्न 4: 1929 से 1933 तक की महामंदी के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका में बेरोजगारी की दर 3 प्रतिशत से बढ़कर कितनी हो गई थी?

A) 10 प्रतिशत

B) 25 प्रतिशत

C) 33 प्रतिशत

D) 50 प्रतिशत

उत्तर: B) 25 प्रतिशत


प्रश्न 5: समष्टि अर्थशास्त्र की दृष्टि से किसी अर्थव्यवस्था के प्रमुख चार क्षेत्रकों में से कौन-सा एक शामिल नहीं है?

A) फर्म (Firms)

B) बाह्य क्षेत्रक (External Sector)

C) पारिवारिक क्षेत्रक (Household Sector)

D) विदेशी मुद्रा सट्टेबाज (Foreign Exchange Speculators)

उत्तर: D) विदेशी मुद्रा सट्टेबाज (अर्थव्यवस्था के चार क्षेत्रक परिवार, फर्म, सरकार और बाह्य क्षेत्रक होते हैं )