Ncert class 12 Hindi- chapter-10- जूठन
Ncert class 12 Hindi- chapter-10- जूठन यह पाठ ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा 'जूठन' से लिया गया एक अत्यंत मार्मिक अंश है, जो जातिवाद और भेदभाव की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। लेखक ने अपने बचपन के उन अनुभवों को साझा किया है जहाँ उन्हें स्कूल में पढ़ाई के बजाय केवल दलित होने के कारण हेडमास्टर द्वारा सफाई करने पर मजबूर किया गया। इसमें दलित समुदाय के प्रति समाज के अमानवीय व्यवहार, अत्यंत गरीबी और मृत पशुओं की खाल उतारने जैसे कठिन श्रम की मजबूरी का सजीव चित्रण है। लेखक के पिता और भाभी के माध्यम से इस व्यवस्था के विरुद्ध साहस और गरिमा की झलक भी मिलती है। अंततः, यह लेख उस सामाजिक पीड़ा और गंदगी से बाहर निकलने के संघर्ष की एक शक्तिशाली कहानी है। जूठन अध्याय का संक्षेपण ओमप्रकाश वाल्मीकि द्वारा रचित 'जूठन' उनके जीवन के संघर्ष, जातिगत भेदभाव और अपमान की एक मर्मस्पर्शी आत्मकथा है। कहानी का संक्षेपण निम्नलिखित है: विद्यालय में जातिगत उत्पीड़न कहानी की शुरुआत लेखक के बचपन से होती है, जहाँ स्कूल के हेडमास्टर कलीराम उन्हें पढ़ने के बजाय केवल उनकी जाति के कारण पूरे स्कूल और मैदा...