Class 12 bihar board physics electric charges and coulomb'law
Class 12 bihar board physics electric charges and coulomb'law
आवेश की धुव्रता (polarity of charge):
वह गुण जो दो प्रकार के आदेशों में भेद करता है आवेश की धुव्रता कहलाती है।
प्रकृति में ऐसे बहुत से पदार्थ है जैसे की कांच, गंधक,अंबर, खाल, लाख, ऐबोनाइट, प्लास्टिक ईत्यादि। जिन्हें आपस में रगड़ने पर दो प्रकार के विपरीत आवेश उत्पन्न होते हैं। जिसमें से एक ऋणात्मक होता है दूसरा धनात्मक होता है।
तब जो सजातीय आवेश होते हैं वह एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं अर्थात एक दूसरे को धक्का देते हैं और विजातीय आवेश एक दूसरे को आकर्षित करते हैं यानी अपनी ओर खींचते हैं।
तो इस प्रकार जो आवेशों में भेद किया जा रहा है इसे ही पोलैरिटी आफ चार्ज यानी कि आवेश की धुव्रता कहा जाता है।
- प्रत्येक पदार्थ परमाणुओं से बना होता है।
- परमाणु का केंद्र नाभिक कहलाता है।
कूलाॅम का नियम क्या है?
फ्रांसीसी वैज्ञानिक सी०ए० कूलॉम (CA Coulomb) ने दो आवेशों के बीच लगनेवाले बल का मान प्रयोग द्वारा ज्ञात किया और निम्नलिखित नियमों का प्रतिपादन किया, जो उन्हीं के नाम पर कूलॉम के नियम (Coulomb's law) को जाते है।
- दो आवेशों के बीच की दूरी यदि स्थिर हो तो उनके बीच आकर्षण या प्रतिकर्षण का बल आवेशों के परिमाणों के गुणनफल का समानुपासी (directly proportional) होता है।
- दो आवेशों के परिमाण यदि स्थिर हों तो उनके बीच आकर्षण या प्रतिकर्षण का बल उनके बीच की दूरी के वर्ग का व्युत्क्रमानुपाती (inversely proportional) होता है। इस नियम को व्युत्क्रम वर्ग नियम (inverse square law) कहा जाता है।
- आवेश का SI मात्रक कूलंब या कूलॉम (C) है।
\( 1A(ampere)=\frac {1C}{1s} \)
होता है।
आवेश का संरक्षण सिद्धांत क्या है?
आवेश का संरक्षण सिद्धांत कहता है कि किसी isolated system के भीतर कुल आवेश स्थिर रहता है। इसे आवेश का संरक्षण सिद्धांत कहा जाता है। आवेश ना तो बनाई जा सकती है ना ही इसे नष्ट किया जा सकता है। इसका केवल स्थानांतरण कर सकते हैं। यानि कि एक जगह से दूसरे जगह पर ले जाया जा सकता है।
परावैधुतता का SI मात्रक क्या है?
अतः परावैद्युतता का SI मात्रक
\( C^2N^{-1}m^{-2}
\)
या \(Fm^{-1}\) होता है तथा इसकी विमाएँ \(A^2T^4M^{-1}L^{-3}\) होती है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें