CBSE Board class 12 Flamingo ch-1

यह स्रोत अल्फोंस दौदे द्वारा लिखित कहानी "द लास्ट लेसन" का एक संक्षिप्त अंश है, जो फ्रेंको-प्रुशियन युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। कहानी के केंद्र में नन्हा फ्रांज है, जिसे यह जानकर गहरा धक्का लगता है कि उसके स्कूल में फ्रांसीसी भाषा का यह अंतिम दिन है क्योंकि अब वहां जर्मन भाषा अनिवार्य कर दी गई है। स्थानीय ग्रामीण और छात्र अपने शिक्षक एम. हेमल के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए कक्षा में एकत्र होते हैं, जो दशकों की सेवा के बाद विदा हो रहे हैं। यह पाठ अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक पहचान खोने के दर्द तथा शिक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। अंत में, यह सामग्री छात्रों के लिए भाषाई अधिकारों और व्याकरण के अभ्यास हेतु विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियाँ भी प्रदान करती है। अधिग्रहण और सांस्कृतिक दमन के मानवीय प्रभाव को इस मार्मिक कथा के माध्यम से बखूबी दर्शाया गया है।

यहाँ आपके अनुरोध के अनुसार पाठ (The Last Lesson) में दिए गए मुख्य प्रश्नों के उत्तर और पाठ पर आधारित पाँच वस्तुनिष्ठ (Multiple Choice) प्रश्न दिए गए हैं:


पाठ में दिए गए प्रश्नों के उत्तर:


प्रश्न 1: फ्रांज को उस दिन स्कूल के लिए क्या तैयारी करके जानी थी?

उत्तर: फ्रांज को उस दिन स्कूल में 'पार्टिसिपल्स' (participles) के नियमों की तैयारी करके जानी थी, क्योंकि उनके शिक्षक एम. हेमल ने कहा था कि वे इस विषय पर छात्रों से प्रश्न पूछेंगे। फ्रांज को इसके बारे में एक भी शब्द नहीं पता था ।


प्रश्न 2: फ्रांज ने उस दिन स्कूल में क्या असामान्य बात देखी?

उत्तर: फ्रांज ने देखा कि स्कूल में रविवार की सुबह जैसी शांति थी, जबकि आम दिनों में डेस्क के खुलने-बंद होने और पाठ दोहराने का बहुत शोर होता था । इसके अलावा, एम. हेमल ने अपने विशेष और सुंदर कपड़े (हरे रंग का कोट और रेशमी टोपी) पहने हुए थे जो वे केवल निरीक्षण या पुरस्कार के दिनों में पहनते थे । सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि कक्षा की पिछली खाली बेंचों पर गाँव के बुजुर्ग लोग (जैसे बूढ़े हाउसर, पूर्व मेयर आदि) चुपचाप बैठे थे ।


प्रश्न 3: बुलेटिन-बोर्ड पर क्या खबर लगाई गई थी?

उत्तर: बुलेटिन-बोर्ड पर बर्लिन से आया यह आदेश लगाया गया था कि अलसेस और लॉरेन (Alsace and Lorraine) के स्कूलों में अब से केवल जर्मन भाषा ही पढ़ाई जाएगी और फ्रेंच भाषा पढ़ाने पर रोक लगा दी गई है ।


प्रश्न 4: बर्लिन से आए आदेश ने उस दिन स्कूल में क्या बदलाव किए?

उत्तर: इस आदेश के कारण स्कूल का पूरा माहौल गंभीर और शांत हो गया था । एम. हेमल अपना आखिरी फ्रेंच पाठ पढ़ाने के लिए बहुत ही भावुक और शांत थे और उन्होंने सम्मान स्वरूप अपने सबसे अच्छे कपड़े पहने थे । गाँव के लोग भी एम. हेमल की 40 वर्षों की वफादार सेवा को धन्यवाद देने और अपनी मातृभाषा के प्रति सम्मान दिखाने के लिए कक्षा में पीछे बैठे थे ।


प्रश्न 5: एम. हेमल और स्कूल के बारे में फ्रांज की भावनाएं कैसे बदल गईं?

उत्तर: जब फ्रांज को पता चला कि यह उसका अंतिम फ्रेंच पाठ है, तो उसे अपनी पढ़ाई पर ध्यान न देने का बहुत पछतावा हुआ । जिन किताबों (व्याकरण और इतिहास) को उठाना उसे कुछ देर पहले बोझ लगता था, वे अब उसे अपने पुराने दोस्तों जैसी लगने लगीं जिन्हें वह छोड़ना नहीं चाहता था । वह एम. हेमल के कठोर व्यवहार को भी भूल गया और उनके जाने के विचार से उसे बहुत दुख हुआ ।


प्रश्न 6: कहानी में लोगों को अचानक एहसास होता है कि उनकी भाषा उनके लिए कितनी कीमती है। यह कैसे पता चलता है?

उत्तर: यह तब पता चलता है जब गाँव के बुजुर्ग अपनी भाषा न सीख पाने के पछतावे के साथ स्कूल आते हैं । फ्रांज को भी चिड़ियों के अंडे ढूँढने या खेलने जाने का अफसोस होता है । एम. हेमल कहते हैं कि फ्रेंच दुनिया की सबसे सुंदर और तार्किक भाषा है और जब कोई देश गुलाम होता है, तो उनकी भाषा ही उनके लिए जेल की चाबी की तरह होती है ।


प्रश्न 7: फ्रांज सोचता है, "क्या वे कबूतरों को भी जर्मन में गाना सिखाएंगे?" इसका क्या मतलब हो सकता है?

उत्तर: इसका अर्थ यह है कि मनुष्य की मातृभाषा उसके लिए उतनी ही स्वाभाविक है जितना कि कबूतरों का कूकना । फ्रांज इसके जरिए प्रुशियन शासकों पर व्यंग्य कर रहा है कि वे इंसानों पर अपनी जर्मन भाषा थोप सकते हैं, लेकिन वे लोगों की आत्मा और प्रकृति से उनकी स्वाभाविक भाषा कभी नहीं छीन सकते।

पाठ पर आधारित पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न (उत्तर सहित):


प्रश्न 1: फ्रांज उस सुबह स्कूल जाने से क्यों डर रहा था?

(A) उसने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था

(B) उसे 'पार्टिसिपल्स' (Participles) के नियम याद नहीं थे

(C) वह प्रुशियन सैनिकों को ड्रिल करते देखना चाहता था

(D) वह स्कूल से भागकर चिड़ियों के अंडे ढूँढना चाहता था

उत्तर: (B) उसे 'पार्टिसिपल्स' के नियम याद नहीं थे


प्रश्न 2: कक्षा की पिछली खाली बेंचों पर कौन बैठा था?

(A) स्कूल के अन्य कक्षाओं के छात्र

(B) प्रुशियन सेना के सैनिक

(C) गाँव के बुजुर्ग लोग (हाउसर, पूर्व मेयर आदि)

(D) फ्रांज के माता-पिता

उत्तर: (C) गाँव के बुजुर्ग लोग (हाउसर, पूर्व मेयर आदि)


प्रश्न 3: बुलेटिन बोर्ड पर बर्लिन से क्या आदेश आया था?

(A) स्कूल में छुट्टियाँ घोषित करने का आदेश

(B) अलसेस और लॉरेन के स्कूलों में केवल जर्मन पढ़ाने का आदेश

(C) एम. हेमल को सम्मानित करने का आदेश

(D) सभी छात्रों को प्रुशियन सेना में भर्ती करने का आदेश

उत्तर: (B) अलसेस और लॉरेन के स्कूलों में केवल जर्मन पढ़ाने का आदेश


प्रश्न 4: एम. हेमल ने फ्रेंच भाषा के बारे में क्या कहा?

(A) यह दुनिया की सबसे सुंदर, स्पष्ट और तार्किक भाषा है

(B) यह सीखने में बहुत कठिन भाषा है

(C) यह अब स्कूल में नहीं पढ़ाई जाएगी इसलिए इसे भूल जाना चाहिए

(D) जर्मन भाषा फ्रेंच से बहुत बेहतर है

उत्तर: (A) यह दुनिया की सबसे सुंदर, स्पष्ट और तार्किक भाषा है


प्रश्न 5: अंत में एम. हेमल ने ब्लैकबोर्ड पर बड़े अक्षरों में क्या लिखा?

(A) स्कूल की छुट्टी (School is dismissed)

(B) जर्मन सीखो (Learn German)

(C) फ्रांस जिंदाबाद (Vive La France!)

(D) मेरा आखिरी पाठ (My last lesson)

उत्तर: (C) फ्रांस जिंदाबाद (Vive La France!)

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