CBSE Board class 12 Hindi antra ch-13
यह पाठ प्रसिद्ध लेखक भीष्म साहनी के जीवन और उनके संस्मरण "गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात" का विस्तृत परिचय प्रस्तुत करता है। इसमें साहनी जी के शैक्षणिक सफर, उनकी प्रमुख रचनाओं और उनके साहित्य में उर्दू तथा पंजाबी भाषा के प्रभाव को रेखांकित किया गया है। मुख्य अंश उनके द्वारा सेवाग्राम में बिताए गए समय का वर्णन करता है, जहाँ उन्होंने महात्मा गांधी के साथ सुबह की सैर के जीवंत अनुभवों को साझा किया है। लेखक ने अपनी स्मृतियों के माध्यम से गांधी जी के सरल व्यक्तित्व और आश्रम के अनुशासित वातावरण का सुंदर चित्रण किया है। यह लेख न केवल एक व्यक्तिगत संस्मरण है, बल्कि यह देशप्रेम और मानवीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं को भी उजागर करता है। अंततः, यह पाठ पाठक को भीष्म साहनी की लेखनी और इतिहास की महान विभूतियों के करीब ले जाता है।
आपके द्वारा दिए गए स्रोतों में "आज के अतीत" पाठ के प्रश्न-अभ्यास दिए गए हैं। मैं उन सभी प्रश्नों के उत्तर और पाठ पर आधारित 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (विकल्पों और उत्तर के साथ) नीचे दे रहा हूँ:
पाठ के अभ्यास-प्रश्नों के उत्तर:
1. लेखक सेवाग्राम कब और क्यों गया था?
उत्तर: लेखक (भीष्म साहनी) सन् 1938 के आसपास सेवाग्राम अपने भाई बलराज के पास गए थे। उनके भाई वहाँ 'नयी तालीम' पत्रिका के सह-संपादक के रूप में काम कर रहे थे और लेखक उनके साथ कुछ दिन बिताना चाहते थे ।
2. लेखक का गाँधी जी के साथ चलने का पहला अनुभव किस प्रकार का रहा?
उत्तर: लेखक अपने भाई के साथ सुबह सात बजे गाँधी जी की सैर की टोली में शामिल हुए थे । वे गाँधी जी से बात करने के लिए उत्सुक थे, लेकिन समझ नहीं पा रहे थे कि क्या कहें। अचानक उन्होंने गाँधी जी से उनके रावलपिंडी आने का ज़िक्र किया। गाँधी जी यह सुनकर रुक गए, उनकी आँखों में चमक आ गई और वे मुस्कुराकर अपनी पुरानी यादें ताज़ा करने लगे। महादेव देसाई ने भी उनका साथ दिया और आश्रम के फाटक तक पुरानी बातें करते रहे। लेखक के लिए यह अनुभव बेहद रोमांचक और सहज था ।
3. लेखक ने सेवाग्राम में किन-किन लोगों के आने का ज़िक्र किया है?
उत्तर: लेखक ने सेवाग्राम में पृथ्वीसिंह आज़ाद, मीरा बेन, खान अब्दुल गफ़्फ़ार खान और राजेंद्र बाबू (कुछ दिनों के लिए) के आने का ज़िक्र किया है ।
4. रोगी बालक के प्रति गाँधी जी का व्यवहार किस प्रकार का था?
उत्तर: रोगी बालक के प्रति गाँधी जी का व्यवहार बहुत ही सहज, शांत और आत्मीय था। बालक दर्द से तड़प रहा था, पर गाँधी जी ने बिना किसी क्षोभ के हँसते हुए उसके फूले हुए पेट पर हाथ फेरा। उन्होंने बालक से पूछा कि क्या उसने बहुत ज़्यादा ईख पी ली है और फिर उसे मुँह में उंगली डालकर उल्टी (कै) करने की सलाह दी। जब बालक को आराम मिल गया, तो वे उसे आराम करने को कहकर हँसते हुए आगे बढ़ गए [6-8]।
5. कश्मीर के लोगों ने नेहरू जी का स्वागत किस प्रकार किया?
उत्तर: कश्मीर के लोगों ने नेहरू जी का भव्य और अदम्य उत्साह के साथ स्वागत किया। शेख अब्दुल्ला के नेतृत्व में झेलम नदी पर, सातवें पुल से अमीराकदल तक, नावों में उनकी विशाल शोभायात्रा निकाली गई। नदी के दोनों ओर हज़ारों कश्मीरी उनके स्वागत के लिए खड़े थे ।
6. अखबार वाली घटना से नेहरू जी के व्यक्तित्व की कौन-सी विशेषता स्पष्ट होती है?
उत्तर: अखबार वाली घटना से नेहरू जी की असीम सहनशीलता, बड़प्पन और विनम्रता का पता चलता है। लेखक ने बचकानी हरकत करते हुए अखबार खुद आगे बढ़कर नहीं दिया, फिर भी नेहरू जी क्रोधित नहीं हुए। वे चुपचाप इंतज़ार करते रहे और कुछ देर बाद बेहद विनम्रता से बोले, "आपने देख लिया हो तो क्या मैं एक नज़र देख सकता हूँ?" ।
7. फ़िलिस्तीन के प्रति भारत का रवैया बहुत सहानुभूतिपूर्ण एवं समर्थन भरा क्यों था?
उत्तर: भारत का रवैया फ़िलिस्तीन के प्रति इसलिए सहानुभूतिपूर्ण था क्योंकि भारतीय नेता फ़िलिस्तीन के प्रति साम्राज्यवादी शक्तियों के अन्यायपूर्ण रवैये की हमेशा निंदा (भर्त्सना) करते थे। इसी कारण भारत के लोगों की भी व्यापक सहानुभूति और समर्थन फ़िलिस्तीन आंदोलन के साथ था ।
8. अराफ़ात के आतिथ्य प्रेम से संबंधित किन्हीं दो घटनाओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर: अराफ़ात के आतिथ्य प्रेम से जुड़ी दो घटनाएँ इस प्रकार हैं:
अराफ़ात ने लेखक और उनकी पत्नी को अपने हाथों से फल छील-छीलकर खिलाए और उनके लिए शहद की चाय बनाई ।
जब लेखक खाना खाने के बाद गुसलखाने (बाथरूम) से बाहर निकले, तो उन्होंने देखा कि यास्सेर अराफ़ात ख़ुद तौलिया हाथ में लिए बाहर उनका इंतज़ार कर रहे थे ।
9. अराफ़ात ने ऐसा क्यों बोला कि 'वे आपके ही नहीं हमारे भी नेता हैं। उतने ही आदरणीय जितने आपके लिए।' इस कथन के आधार पर गाँधी जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: जब लेखक ने बातचीत के दौरान गाँधी जी और भारत के अन्य नेताओं का ज़िक्र किया, तब अराफ़ात ने यह बात कही । यह कथन गाँधी जी के व्यक्तित्व की महानता और सार्वभौमिकता को दर्शाता है। वे केवल भारत तक सीमित नहीं थे, बल्कि पूरे विश्व में, विशेषकर उन देशों में जहाँ अन्याय के खिलाफ संघर्ष चल रहा था (जैसे फ़िलिस्तीन), गाँधी जी का व्यक्तित्व प्रेरणादायक और परम आदरणीय माना जाता था ।
---
पाठ पर आधारित 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs):
प्रश्न 1. लेखक के भाई बलराज सेवाग्राम में किस पत्रिका के सह-संपादक के रूप में कार्य कर रहे थे?
A) नवजीवन
B) नयी तालीम
C) लोटस
D) हरिजन
उत्तर: B) नयी तालीम
प्रश्न 2. गाँधी जी सुबह कितने बजे अपनी टोली के साथ घूमने निकलते थे?
A) पाँच बजे
B) छह बजे
C) सात बजे
D) आठ बजे
उत्तर: C) सात बजे
प्रश्न 3. कश्मीर यात्रा के दौरान नेहरू जी की शोभायात्रा किस नदी पर नावों में निकाली गई थी?
A) डल झील
B) रावी नदी
C) झेलम नदी
D) चिनाब नदी
उत्तर: C) झेलम नदी
प्रश्न 4. नेहरू जी ने रात के खाने की मेज पर किस मशहूर फ्रांसीसी लेखक द्वारा लिखित कहानी सुनाई थी?
A) अनातोल फ्रांस
B) विक्टर ह्यूगो
C) मोपासां
D) अल्बेयर कामू
उत्तर: A) अनातोल फ्रांस
प्रश्न 5. ट्यूनिस में यास्सेर अराफ़ात के साथ खाने की मेज पर मुख्य रूप से क्या परोसा गया था?
A) भुना हुआ मुर्गा
B) समुद्री भोजन (सी-फूड)
C) शाही पुलाव
D) एक बड़ा भुना हुआ बकरा
उत्तर: D) एक बड़ा भुना हुआ बकरा
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें