CBSE Board class 12 Hindi antra ch-3
यह पाठ हिंदी साहित्य के प्रमुख कवि और लेखक अज्ञेय के बहुआयामी जीवन और उनकी साहित्यिक यात्रा का परिचय देता है। इसमें उनके संपादकीय कार्यों, यात्रा संस्मरणों और प्रतिष्ठित पुरस्कारों के साथ-साथ उनकी विशिष्ट काव्य शैली पर प्रकाश डाला गया है। कवि की प्रसिद्ध रचना 'यह दीप अकेला' के माध्यम से व्यक्ति की व्यक्तिगत सत्ता को समाज और राष्ट्र की सामूहिक शक्ति में विलीन करने के महत्व को दर्शाया गया है। वहीं, दूसरी कविता 'मैंने देखा, एक बूंद' जीवन की क्षणभंगुरता और उस छोटे से पल की सार्थकता को एक दार्शनिक दृष्टिकोण प्रदान करती है। इन लेखों का मुख्य उद्देश्य मनुष्य की स्वतंत्रता, आत्मबोध और सामाजिक जुड़ाव के बीच के गहरे संबंधों को स्पष्ट करना है। अंततः, यह संकलन पाठकों को अज्ञेय की बौद्धिक गहराई और उनके द्वारा रचित प्रतीकात्मक साहित्य को समझने में सहायता करता है।
यहाँ पाठ (अज्ञेय जी की कविताओं) में दिए गए सभी प्रश्नों के उत्तर और पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (विकल्प और उत्तर सहित) दिए गए हैं:
भाग 1: पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों के उत्तर
कविता: यह दीप अकेला
1. 'दीप अकेला' के प्रतीकार्थ को स्पष्ट करते हुए यह बताइए कि उसे कवि ने स्नेह भरा, गर्व भरा एवं मदमाता क्यों कहा है?
उत्तर: इस कविता में 'दीप' व्यक्ति (मनुष्य) का प्रतीक है । कवि ने इसे 'स्नेह भरा', 'गर्व भरा' और 'मदमाता' इसलिए कहा है क्योंकि मनुष्य प्रेम, ऊर्जा और गुणों से भरा हुआ है, लेकिन उसके भीतर जो अहंकार (गर्व) का मद है, वह उसे अपनों से अलग कर देता है और वह अकेला रह जाता है ।
2. यह दीप अकेला है 'पर इसको भी पंक्ति को दे दो' के आधार पर व्यष्टि का समष्टि में विलय क्यों और कैसे संभव है?
उत्तर: 'दीप' व्यष्टि (व्यक्ति) का और 'पंक्ति' समष्टि (समाज) का प्रतीक है । व्यक्ति सर्वगुणसंपन्न और शक्तिमान होने के बावजूद अकेला है । उसका समाज (पंक्ति) में विलय इसलिए आवश्यक है क्योंकि इससे उसकी महत्ता और सार्थकता बढ़ जाएगी । जब व्यक्ति अपने व्यक्तिगत अहंकार का त्याग करके अपनी शक्तियों और गुणों को समाज के कल्याण के लिए समर्पित कर देता है, तब उसका विलय समाज में संभव हो पाता है ।
3. 'गीत' और 'मोती' की सार्थकता किससे जुड़ी है?
उत्तर: 'गीत' की सार्थकता उसे रचने और गाने वाले जन (गायक) से है, और 'मोती' की सार्थकता उसे पानी की गहराई से ढूँढकर लाने वाले गोताखोर (पनडुब्बे) से जुड़ी है ।
4. 'यह अद्वितीय-यह मेरा-यह मैं स्वयं विसर्जित'-पंक्ति के आधार पर व्यष्टि के समष्टि में विसर्जन की उपयोगिता बताइए।
उत्तर: व्यष्टि के समष्टि में विसर्जन (समाज में विलय) की उपयोगिता यह है कि इससे व्यक्ति की सत्ता, उसके लक्ष्य और उद्देश्य का सार्वभौमीकरण हो जाता है । इससे समाज और राष्ट्र दोनों मज़बूत होते हैं तथा व्यक्ति का आत्मबोध, विश्वबोध में परिवर्तित हो जाता है ।
5. 'यह मधु है...... ताकता निर्भय'-पंक्तियों के आधार पर बताइए कि 'मधु', 'गोरस' और 'अंकुर' की क्या विशेषता है?
उत्तर: इन पंक्तियों के अनुसार:
मधु (शहद): यह समय (काल) की टोकरी में युगों से संचित किया हुआ है ।
गोरस: यह जीवन रूपी कामधेनु का अमृत के समान पवित्र दूध है ।
अंकुर: यह वह है जो धरती को फोड़कर निकलता है और निडर होकर सूर्य की ओर देखता है ।
6. भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
(क) 'यह प्रकृत, स्वयंभू...... शक्ति को दे दो।'
उत्तर: इस पंक्ति का भाव यह है कि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से उत्पन्न (स्वयंभू) और स्वयं ब्रह्मा का रूप है । वह सर्वशक्तिमान है, फिर भी उसे समाज के साथ जोड़ने की आवश्यकता है ताकि उसकी शक्ति का लाभ पूरे समाज को मिल सके ।
(ख) 'यह सदा-द्रवित, चिर-जागरूक...... चिर-अखंड अपनापा।'
उत्तर: इसका भाव यह है कि यह व्यक्ति हमेशा करुणा से पिघलने वाला (सदा-द्रवित), हमेशा सजग (चिर-जागरूक) और प्रेम से भरे नेत्रों वाला है । वह निंदा, अपमान और उपेक्षा के घने अंधेरे में भी अपना अखंड अपनापन बनाए रखता है ।
(ग) 'जिज्ञासु, प्रबुद्ध, सदा श्रद्धामय, इसको भक्ति को दे दो।'
उत्तर: कवि का भाव है कि यह व्यक्ति हमेशा ज्ञान प्राप्त करने का इच्छुक (जिज्ञासु), अत्यंत ज्ञानी (प्रबुद्ध) और श्रद्धा से भरा हुआ है । इसलिए इस अकेले दीप रूपी व्यक्ति को समाज रूपी पंक्ति की भक्ति के साथ जोड़ देना चाहिए ।
7. 'यह दीप अकेला' एक प्रयोगवादी कविता है। इस कविता के आधार पर 'लघु मानव' के अस्तित्त्व और महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: इस कविता में 'लघु मानव' (दीप) के व्यक्तिगत अस्तित्त्व को बहुत महत्त्वपूर्ण माना गया है। लघु मानव स्नेह से भरा, सर्वगुणसंपन्न और शक्तिमान है । हालाँकि, उसकी व्यक्तिगत सत्ता कम नहीं है, फिर भी उसका असली महत्त्व तब सामने आता है जब वह समाज के साथ जुड़ता है । उसकी सार्थकता अपनी पृथक पहचान को बनाए रखते हुए समाज (समष्टि) के विकास में योगदान देने में है ।
कविता: मैंने देखा, एक बूँद
1. 'सागर' और 'बूँद' से कवि का क्या आशय है?
उत्तर: यहाँ 'सागर' विशालता (विराट् या समष्टि) का प्रतीक है और 'बूँद' क्षुद्रता या क्षणभंगुरता (लघु मानव या व्यष्टि) का प्रतीक है ।
2. 'रंग गई क्षणभर, ढलते सूरज की आग से'-पंक्ति के आधार पर बूँद के क्षणभर रंगने की सार्थकता बताइए।
उत्तर: समुद्र से अलग होकर ढलते सूरज की रोशनी में बूँद का क्षण भर के लिए चमक उठना उसके जीवन की सार्थकता को दर्शाता है। यह सिद्ध करता है कि एक छोटा सा क्षण भी अगर सार्थकता से जिया जाए, तो वह व्यक्ति को नश्वरता (नष्ट होने के बोध) के कलंक से मुक्त कर देता है ।
3. 'सूने विराट् के सम्मुख...... दाग से!'- पंक्तियों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: इन पंक्तियों का भावार्थ है कि जब एक छोटी-सी बूँद विशाल समुद्र के सामने क्षण भर के लिए सूर्य की रोशनी से चमकती है, तो कवि को एक दार्शनिक तत्त्व दिखाई देता है । बूँद का समुद्र से अलग होकर चमकना इस बात का प्रतीक है कि विराट सत्ता के सामने व्यक्ति का क्षणिक अस्तित्त्व भी उसे नष्ट होने के भय और नश्वरता के कलंक से आज़ाद कर देता है ।
4. 'क्षण के महत्त्व' को उजागर करते हुए कविता का मूल भाव लिखिए।
उत्तर: इस कविता का मूल भाव जीवन में 'क्षण' (समय के सबसे छोटे हिस्से) और 'क्षणभंगुरता' के महत्त्व को प्रतिष्ठित करना है । कवि यह संदेश देते हैं कि जीवन चाहे कितना भी छोटा (बूँद के समान) क्यों न हो, यदि हम उस क्षण को पूरे प्रकाश और सार्थकता के साथ जीते हैं, तो हम नश्वरता के बोध से मुक्त होकर अमरता का अहसास कर सकते हैं ।
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भाग 2: पाठ पर आधारित पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: कवि अज्ञेय का मूल नाम क्या था?
(A) हीरानंद वात्स्यायन
(B) सच्चिदानंद वात्स्यायन
(C) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय'
(D) वात्स्यायन अज्ञेय
उत्तर: (C) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय'
प्रश्न 2: 'यह दीप अकेला' कविता में दीप के समूह (पंक्ति) में विलय से कवि का क्या तात्पर्य है?
(A) दीप का बुझ जाना
(B) व्यष्टि का समष्टि में विलय
(C) अंधकार का नाश
(D) दीप का अहंकार बढ़ना
उत्तर: (B) व्यष्टि का समष्टि में विलय
प्रश्न 3: अज्ञेय ने 'दिनमान' नामक प्रसिद्ध समाचार साप्ताहिक का संपादन किया था। इसके अलावा उन्होंने 'सप्तक' परंपरा में कितने कवियों की कविताएँ संगृहीत की थीं?
(A) पाँच
(B) सात
(C) नौ
(D) ग्यारह
उत्तर: (B) सात
प्रश्न 4: 'मैंने देखा, एक बूँद' कविता में बूँद किस आग से रंग गई थी?
(A) समुद्र की लहरों की आग से
(B) ढलते सूरज की आग से
(C) व्यक्ति के अहंकार की आग से
(D) समाज के क्रोध की आग से
उत्तर: (B) ढलते सूरज की आग से
प्रश्न 5: प्रस्तुत पाठ के अनुसार 'पनडुब्बा' शब्द का क्या अर्थ है?
(A) एक जलीय पौधा
(B) गहराई में जाने वाला जीव
(C) गोताखोर (पानी में डूब-डूबकर मछलियाँ या मोती पकड़ने वाला)
(D) पानी का जहाज़
उत्तर: (C) गोताखोर (पानी में डूब-डूबकर मछलियाँ या मोती पकड़ने वाला)

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