CBSE Board class 12 Hindi antra ch-6
यह स्रोत प्रसिद्ध कवि तुलसीदास के साहित्यिक योगदान और उनके काव्य कौशल का विस्तृत परिचय देता है। इसमें मुख्य रूप से रामचरितमानस के अयोध्या कांड से लिए गए अंशों के माध्यम से भरत के अटूट प्रेम और श्रीराम के प्रति उनके समर्पण को दर्शाया गया है। पाठ में माता कौशल्या की विरह वेदना और राम के वन गमन के बाद अयोध्या की व्याकुलता का मर्मस्पर्शी वर्णन मिलता है। इसके अतिरिक्त, यह सामग्री तुलसीदास की विभिन्न रचनाओं जैसे गीतावली और कवितावली की भाषाई विविधता और उनमें प्रयुक्त छंदों पर प्रकाश डालती है। लेखक ने तुलसीदास को लोक-कल्याण और समन्वय का कवि बताते हुए उनकी अद्वितीय अंतर्दृष्टि की सराहना की है। अंत में, यह पाठ विद्यार्थियों के लिए शब्दावली और प्रश्न-अभ्यास के माध्यम से काव्य की गहराई को समझने में सहायता प्रदान करता है।
यहाँ आपके द्वारा दिए गए पाठ के आधार पर पाठ्यपुस्तक के सभी प्रश्नों के उत्तर और पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न दिए गए हैं:
'भरत-राम का प्रेम' खण्ड के प्रश्नों के उत्तर:
1. 'हारेहुँ खेल जितावहिं मोही' भरत के इस कथन का क्या आशय है?
इस कथन का आशय है कि श्रीराम अपने छोटे भाई भरत से इतना अधिक प्रेम करते थे कि बचपन में खेलते समय यदि भरत हार भी रहे होते थे, तो श्रीराम उन्हें जान-बूझकर खेल में जिता देते थे ताकि उनका मन न टूटे और वे हमेशा प्रसन्न रहें ।
2. 'मैं जानउँ निज नाथ सुभाऊ।' में राम के स्वभाव की किन विशेषताओं की ओर संकेत किया गया है?
इस पंक्ति में भरत ने श्रीराम के अत्यंत कृपालु, स्नेही और क्षमाशील स्वभाव की ओर संकेत किया है । राम कभी भी किसी अपराधी पर भी क्रोध नहीं करते थे और अपने भाइयों पर उनका विशेष प्रेम और कृपा रहती थी ।
3. राम के प्रति अपने श्रद्धाभाव को भरत किस प्रकार प्रकट करते हैं, स्पष्ट कीजिए।
भरत राम के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट करते हुए कहते हैं कि वे राम को अपना स्वामी और स्वयं को उनका अनुचर मानते हैं । वे कहते हैं कि राम के प्रति प्रेम और संकोच के कारण वे उनके सामने मुँह खोलकर कुछ बोल भी नहीं पाते हैं और उनकी आँखें हमेशा राम के दर्शन के लिए प्यासी रहती हैं ।
4. 'महीं सकल अनरथ कर मूला' पंक्ति द्वारा भरत के विचारों-भावों का स्पष्टीकरण कीजिए।
इस पंक्ति के माध्यम से भरत की गहरी आत्मग्लानि और पीड़ा व्यक्त हुई है । भरत का मानना है कि राम के वन गमन, राजा दशरथ की मृत्यु और अयोध्या की इस दयनीय स्थिति के पीछे माता कैकेयी का हाथ है, और कैकेयी ने यह सब भरत को राजा बनाने के लिए किया है । इसलिए, वे स्वयं को ही इस सारे अनर्थ और दुःख का मूल (जड़) मानते हैं ।
5. 'फरइ कि कोदव बालि सुसाली। मुकता प्रसव कि संबुक काली।' पंक्ति में छिपे भाव और शिल्प सौंदर्य को स्पष्ट कीजिए।
भाव सौंदर्य: भरत का कहना है कि क्या कभी मोटे और खराब धान (कोदों) की बाली से उत्तम किस्म का धान (सुसाली) पैदा हो सकता है, या क्या काली घोंघी (संबुक) से सच्चे मोती जन्म ले सकते हैं ? अर्थात्, माता कैकेयी जैसी कुमाता के गर्भ से जन्म लेकर भरत स्वयं को साधु या निर्दोष कैसे मान सकते हैं ।
शिल्प सौंदर्य: यहाँ अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए अत्यंत सुंदर 'दृष्टांत अलंकार' का प्रयोग किया गया है । इन पंक्तियों में अवधी भाषा का स्वाभाविक और मार्मिक प्रयोग है तथा इसमें चौपाई छंद का उपयोग हुआ है ।
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'पद' खण्ड के प्रश्नों के उत्तर:
1. राम के वन-गमन के बाद उनकी वस्तुओं को देखकर माँ कौशल्या कैसा अनुभव करती हैं? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
राम के वन चले जाने के बाद माता कौशल्या उनके बचपन के छोटे धनुष-बाण और सुंदर जूतियों (पनहियों) को देखकर उन्हें बार-बार अपने हृदय और आँखों से लगाती हैं । वे राम को सुबह जगाने और भाइयों के साथ भोजन करने के लिए बुलाने वाले पलों को याद करके अत्यंत व्याकुल और दुखी हो जाती हैं ।
2. 'रहि चकि चित्रलिखी सी' पंक्ति का मर्म अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
इस पंक्ति का मर्म माता कौशल्या के गहरे सदमे और विरह वेदना को दर्शाता है । जब कौशल्या को अचानक यह याद आता है कि राम वन चले गए हैं, तो दुःख और सदमे के कारण उनकी सुध-बुध खो जाती है और वे एक दीवार पर बने निर्जीव चित्र (तस्वीर) के समान जड़ और स्तब्ध रह जाती हैं ।
3. गीतावली से संकलित पद 'राघौ एक बार फिरि आवौ' में निहित करुणा और संदेश को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
इस पद में माता कौशल्या का गहरा वात्सल्य दुःख प्रकट हुआ है । वे एक राहगीर (पथिक) के माध्यम से वन में गए राम को संदेश भिजवाती हैं कि वे कम-से-कम एक बार अपने प्रिय घोड़ों के लिए अयोध्या लौट आएँ । राम के बिना वे घोड़े कमज़ोर और उदास होते जा रहे हैं, जैसे पाला पड़ने से कमल मुरझा जाते हैं । कौशल्या अपनी पीड़ा को सीधे न कहकर घोड़ों की दयनीय स्थिति के माध्यम से अपनी करुणा व्यक्त करती हैं ।
4. (क) उपमा अलंकार के दो उदाहरण छाँटिए। (ख) उत्प्रेक्षा अलंकार का प्रयोग कहाँ और क्यों किया गया है? उदाहरण सहित उल्लेख कीजिए।
(क) उपमा अलंकार के उदाहरण:
1. "रहि चकि चित्रलिखी सी" (चित्र के समान जड़ हो जाना) ।
2. "तुलसीदास वह समय कहे तें लागति प्रीति सिखी सी" ।
(ख) उत्प्रेक्षा अलंकार: "तदपि दिनहिं दिन होत झाँवरे मनहुँ कमल हिममारे" । यहाँ राम के वियोग में घोड़ों के मुरझाने की तुलना पाला मारे हुए कमल से की गई है और 'मनहुँ' (मानो) शब्द का प्रयोग किया गया है । यह घोड़ों की अत्यंत कमज़ोर और दयनीय स्थिति का प्रभावपूर्ण चित्रण करने के लिए किया गया है।
5. पठित पदों के आधार पर सिद्ध कीजिए कि तुलसीदास का भाषा पर पूरा अधिकार था?
तुलसीदास जी का ब्रज और अवधी दोनों ही भाषाओं पर असाधारण अधिकार था । प्रस्तुत पाठ में 'रामचरितमानस' के अंश में उन्होंने अवधी भाषा तथा दोहा-चौपाई छंद का प्रयोग करके भरत के भ्रातृप्रेम और उनकी ग्लानि का अत्यंत सजीव चित्रण किया है । वहीं 'गीतावली' से लिए गए पदों में उन्होंने ब्रज भाषा का प्रयोग करते हुए माता कौशल्या के वात्सल्य और विरह को गेय (गाने योग्य) पद शैली में बड़ी ही मार्मिकता से पिरोया है ।
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पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न:
प्रश्न 1: पाठ के अनुसार तुलसीदास जी का जन्म स्थान कहाँ माना जाता है?
A. काशी
B. चित्रकूट
C. राजापुर (बाँदा)
D. सोरों (एटा)
उत्तर: C. राजापुर (बाँदा) (नोट: कुछ विद्वान सोरों भी मानते हैं, लेकिन मुख्य रूप से बाँदा जिले का राजापुर गाँव उल्लिखित है )
प्रश्न 2: 'रामचरितमानस' महाकाव्य की रचना मुख्य रूप से किस भाषा और छंद में हुई है?
A. ब्रज भाषा - कवित्त
B. अवधी भाषा - दोहा और चौपाई
C. संस्कृत भाषा - सवैया
D. ब्रज भाषा - पद शैली
उत्तर: B. अवधी भाषा - दोहा और चौपाई
प्रश्न 3: "महीं सकल अनरथ कर मूला।" - प्रस्तुत पंक्ति पाठ में किसके द्वारा कही गई है?
A. श्रीराम
B. निषादराज
C. माता कौशल्या
D. भरत
उत्तर: D. भरत
प्रश्न 4: दूसरे पद के अनुसार, माता कौशल्या वन में जा रहे किसी पथिक (राहगीर) से राम को क्या संदेश देने के लिए कहती हैं?
A. भरत को माफ़ कर देने का
B. राजा दशरथ की मृत्यु का
C. अपने प्रिय घोड़ों के लिए एक बार अयोध्या लौट आने का
D. सीता को वापस भेज देने का
उत्तर: C. अपने प्रिय घोड़ों के लिए एक बार अयोध्या लौट आने का
प्रश्न 5: "तदपि दिनहिं दिन होत झाँवरे मनहुँ कमल हिममारे" पंक्ति में घोड़ों के मुरझाने की तुलना किससे की गई है?
A. सूखे हुए पत्तों से
B. पाला मारे हुए (बर्फ से झुलसे) कमल से
C. बुझे हुए दीपक से
D. प्यासे पक्षी से
उत्तर: B. पाला मारे हुए (बर्फ से झुलसे) कमल से

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