CBSE Board class 12 Hindi aroh ch-17

यह कहानी यशोधर पंत नामक एक पारंपरिक सरकारी अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो आधुनिक दौर के बदलते मूल्यों के साथ तालमेल बिठाने में असमर्थ हैं। अपने आदर्श किशनदा की परंपराओं का पालन करते हुए, यशोधर बाबू अपने दफ्तर और घर दोनों जगह पुराने सिद्धांतों को जीवित रखने का प्रयास करते हैं। उनके और उनके आधुनिक विचारों वाले बच्चों के बीच गहरा वैचारिक मतभेद है, जो उनके रहन-सहन और 'सिल्वर वैडिंग' जैसे उत्सवों पर स्पष्ट रूप से झलकता है। जहाँ यशोधर बाबू अपनी पुरानी घड़ी और पारिवारिक मर्यादाओं से जुड़े हैं, वहीं उनका परिवार नई पीढ़ी की सुख-सुविधाओं और जीवनशैली को अपना चुका है। अंततः, यह विवरण एक व्यक्ति के अंतर्द्वंद्व और पीढ़ियों के बीच बढ़ते अंतर की मार्मिक झलक पेश करता है। अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद, वे स्वयं को अपनी ही यादों और आधुनिक संसार के बीच फंसा हुआ पाते हैं।

पाठ के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर:


1. यशोधर बाबू की पत्नी समय के साथ ढल सकने में सफल होती है लेकिन यशोधर बाबू असफल रहते हैं। ऐसा क्यों?

यशोधर बाबू की पत्नी संयुक्त परिवार के दौर में कड़े नियमों और बंधनों में रही थीं, जहाँ उन्हें लगता था कि उनके साथ बुढ़िया जैसा व्यवहार किया गया और उनका पक्ष नहीं लिया गया । इसलिए, बच्चों का पक्ष लेने की मातृसुलभ मजबूरी और पुराने बंधनों से मुक्ति की इच्छा ने उन्हें आधुनिक (मॉड) बना दिया । दूसरी ओर, यशोधर बाबू अपने आदर्श किशनदा के सिद्धांतों और पुरानी परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं । वे आधुनिक बदलावों को 'समहाउ इम्प्रॉपर' मानते हैं और उन्हें अपना नहीं पाते ।


2. पाठ में 'जो हुआ होगा' वाक्य की आप कितनी अर्थ छवियाँ खोज सकते/सकती हैं?

पाठ में 'जो हुआ होगा' वाक्य की निम्नलिखित अर्थ छवियाँ उभरती हैं:

अज्ञानता और उपेक्षा: जब किशनदा की मृत्यु का कारण पूछा गया तो बिरादर ने उत्तर दिया 'जो हुआ होगा' यानी 'पता नहीं, क्या हुआ' । यह लोगों की उनके प्रति उपेक्षा को दर्शाता है।

अकेलापन और असहायपन: जिन लोगों के बाल-बच्चे और परिवार नहीं होते, रिटायर होने के बाद वे अकेलेपन का शिकार होते हैं और उनकी मृत्यु 'जो हुआ होगा' से हो जाती है ।

जीवन का अंतिम सत्य: यशोधर बाबू को ध्यान में किशनदा कहते हैं कि अमीर-गरीब, गृहस्थ-ब्रह्मचारी सब 'जो हुआ होगा' से ही मरते हैं, अर्थात जीवन के शुरू और आखिर में सब अकेले ही होते हैं ।


3. 'समहाउ इम्प्रॉपर' वाक्यांश का प्रयोग यशोधर बाबू लगभग हर वाक्य के प्रारंभ में तकिया कलाम की तरह करते हैं। इस वाक्यांश का उनके व्यक्तित्व और कहानी के कथ्य से क्या संबंध बनता है?

'समहाउ इम्प्रॉपर' (कुछ न कुछ अनुचित) वाक्यांश यशोधर बाबू के अनिर्णय, अंतर्द्वंद्व और नई पीढ़ी के साथ उनके वैचारिक मतभेद (जेनरेशन गैप) को दर्शाता है । जब भी वे कोई आधुनिक चीज़ देखते हैं—जैसे पत्नी के बिना बाँह के ब्लाउज़, बेटी की जींस, गैस चूल्हा, फ्रिज, सिल्वर वैडिंग की पार्टी या बेटे का असाधारण वेतन—तो वे उसे 'समहाउ इम्प्रॉपर' कहते हैं [5, 6, 10-12]। यह वाक्यांश कहानी के मूल कथ्य—बदलते सामाजिक मूल्यों और पीढ़ियों के अंतराल के बीच एक व्यक्ति की असहजता—को पूरी तरह उजागर करता है।


4. यशोधर बाबू की कहानी को दिशा देने में किशनदा की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। आपके जीवन को दिशा देने में किसका महत्त्वपूर्ण योगदान रहा और कैसे?

पाठ के अनुसार, किशनदा ने यशोधर बाबू को दिल्ली आने पर अपने यहाँ शरण दी, नौकरी दिलवाई और दफ़्तरी तथा व्यक्तिगत जीवन में उनका मार्गदर्शन किया । यशोधर बाबू ने जीवन भर किशनदा के सिद्धांतों (जैसे- सुबह की सैर, जल्दी उठना, सादा जीवन, परंपराओं का पालन) को अपनाया ।

(नोट: यह जानकारी स्रोतों से बाहर की है कि आपके निजी जीवन को दिशा देने में किसका योगदान रहा है, इसका उत्तर आपको अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर स्वयं देना होगा।)


5. वर्तमान समय में परिवार की संरचना, स्वरूप से जुड़े आपके अनुभव इस कहानी से कहाँ तक सामंजस्य बिठा पाते हैं?

कहानी में दिखाया गया है कि संयुक्त परिवार टूट रहे हैं । बच्चे आत्मनिर्भर होने के बाद अपने पिता के घर (क्वार्टर) पर अपना अधिकार जमा लेते हैं और अपने ढंग से घर का सामान (टीवी, सोफा, फ्रिज) लाते हैं । वे गरीब रिश्तेदारों की उपेक्षा करते हैं जो यशोधर बाबू को पसंद नहीं आता ।

(नोट: इस प्रश्न में आपके व्यक्तिगत अनुभव पूछे गए हैं जो मेरे स्रोतों में नहीं हैं। लेकिन वर्तमान समाज में भी कहानी की ही तरह एकल परिवारों का चलन, बुजुर्गों का अकेलापन और पीढ़ियों का वैचारिक अंतर आम तौर पर देखने को मिलता है।)


6. निम्नलिखित में से किसे आप कहानी की मूल संवेदना कहेंगे/कहेंगी और क्यों?

(ख) पीढ़ी का अंतराल (जेनरेशन गैप)

कारण: इस कहानी की मूल संवेदना 'पीढ़ी का अंतराल' है। पूरी कहानी यशोधर बाबू और उनके बच्चों के बीच सोच और व्यवहार के अंतर पर केंद्रित है। यशोधर बाबू को अपने बच्चों की तरक्की से खुशी होती है, लेकिन वे उनके आधुनिक तौर-तरीकों को 'समहाउ इम्प्रॉपर' मानते हैं । दूसरी ओर, बच्चे अपने पिता को 'बाबा आदम के ज़माने का' मानते हैं । यशोधर बाबू स्वयं भी यह स्वीकार करते हैं कि "जेनरेशनों में गैप तो होता ही है" ।


7. अपने घर और विद्यालय के आस-पास हो रहे उन बदलावों के बारे में लिखें जो सुविधाजनक और आधुनिक होते हुए भी बुजुर्गों को अच्छे नहीं लगते। अच्छा न लगने के क्या कारण होंगे?

कहानी के आधार पर, बुजुर्गों को गैस चूल्हा, फ्रिज, डिजिटल घड़ी, और पाश्चात्य कपड़े (जैसे जींस, बिना बाँह के टॉप) जैसी आधुनिक सुविधाएँ अच्छी नहीं लगतीं । इनके अच्छा न लगने के कारण यह हैं कि बुजुर्ग अपनी पुरानी परंपराओं और सादगी भरे जीवन से गहराई से जुड़े होते हैं। वे इन बदलावों को दिखावा या 'माया' मानते हैं । जैसे यशोधर बाबू फ्रिज के पानी को गला पकड़ने वाला और गैस की रोटी को स्वादहीन मानते हैं । वे इन चीजों को अपनी संस्कृति के खिलाफ मानते हैं।

(नोट: आपके घर और विद्यालय के आस-पास के विशिष्ट बदलावों की जानकारी मेरे स्रोतों में नहीं है, उसे आपको स्वयं जोड़ना होगा।)


8. यशोधर बाबू के बारे में आपकी क्या धारणा बनती है? दिए गए तीन कथनों में से आप जिसके समर्थन में हैं, अपने अनुभवों और सोच के आधार पर उसके लिए तर्क दीजिए-

स्रोतों के आधार पर, कथन (ख) यशोधर बाबू में एक तरह का द्वंद्व है जिसके कारण नया उन्हें कभी-कभी खींचता तो है पर पुराना छोड़ता नहीं। इसलिए उन्हें सहानुभूति के साथ देखने की ज़रूरत है - सबसे सटीक है।

तर्क: यशोधर बाबू इस बात से खुश होते हैं कि लोग उन्हें ईर्ष्या का पात्र समझते हैं और वे यह भी जानते हैं कि नई चीज़ों (फ्रिज, गैस) के घर आने से उन्हें बड़ा आदमी मान लिया गया है । जब उनके बेटे ने उन्हें ऊनी ड्रेसिंग गाउन दिया, तो उन्होंने थोड़ी ना-नुकुर के बाद उसे पहन लिया और उनकी आँखों में नमी आ गई, जो उनके अंतर्द्वंद्व को दिखाता है । वे आधुनिकता को पूरी तरह नकार नहीं पाते, लेकिन किशनदा के पुराने संस्कार उन्हें पूरी तरह आधुनिक भी नहीं होने देते ।

पाठ पर आधारित पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs):


प्रश्न 1: यशोधर बाबू के क्वार्टर के बाहर लगी तख्ती पर उनका क्या नाम लिखा था?

(A) यशोधर दास पंत

(B) वाई. डी. पंत

(C) किशनदा पंत

(D) भूषण पंत

उत्तर: (B) वाई. डी. पंत


प्रश्न 2: यशोधर बाबू की शादी किस तारीख को हुई थी, जिसकी सिल्वर वैडिंग मनाई जा रही थी?

(A) 6 फरवरी 1947

(B) 10 जनवरी 1945

(C) 6 मार्च 1947

(D) 5 फरवरी 1948

उत्तर: (A) 6 फरवरी 1947


प्रश्न 3: यशोधर बाबू के बड़े बेटे भूषण को विज्ञापन संस्था में शुरुआत में कितना मासिक वेतन मिला था?

(A) एक हज़ार रुपये

(B) डेढ़ हज़ार रुपये

(C) दो हज़ार रुपये

(D) पाँच सौ रुपये

उत्तर: (B) डेढ़ हज़ार रुपये


प्रश्न 4: यशोधर बाबू के जीवन में उनके 'मार्गदर्शक' या आदर्श कौन थे?

(A) चड्ढा

(B) मेनन

(C) कृष्णानंद (किशनदा) पांडे

(D) गिरीश

उत्तर: (C) कृष्णानंद (किशनदा) पांडे


प्रश्न 5: यशोधर बाबू जब भी कोई ऐसी चीज़ देखते हैं जो उन्हें आधुनिक या अनुचित लगती है, तो वे किस तकिया कलाम (वाक्यांश) का प्रयोग करते हैं?

(A) जो हुआ होगा

(B) एनीवे

(C) आई डोंट माइंड

(D) समहाउ इम्प्रॉपर

उत्तर: (D) समहाउ इम्प्रॉपर

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