CBSE Board class 12 Hindi aroh ch-18

यह पाठ आनंद यादव द्वारा रचित 'जूझ' नामक कहानी का अंश है, जो एक किशोर के शिक्षा के प्रति संघर्ष और उसके जुझारू व्यक्तित्व को दर्शाता है। मुख्य पात्र पढ़ने की तीव्र इच्छा रखता है, लेकिन उसके पिता उसे स्कूल भेजने के बजाय खेती के कामों में लगाए रखते हैं। अपनी माँ और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्ति दत्ता जी राव की मदद से वह पुनः विद्यालय जाने का अवसर प्राप्त करता है। स्कूल में उसे शुरुआती बदमाशी और उपहास का सामना करना पड़ता है, परंतु वह अपनी मेहनत से अपनी अलग पहचान बनाता है। विशेष रूप से, अपने शिक्षक सौंदलगेकर से प्रभावित होकर उसकी रुचि मराठी कविता और साहित्य में जागती है। अंततः, यह कहानी विपरीत परिस्थितियों में भी एक बालक के आत्मविश्वास और सीखने की ललक की विजय गाथा है।

पाठ 'जूझ' के अभ्यास में दिए गए सभी प्रश्नों के उत्तर और पाठ पर आधारित पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न नीचे दिए गए हैं:


पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों के उत्तर


प्रश्न 1: 'जूझ' शीर्षक के औचित्य पर विचार करते हुए यह स्पष्ट करें कि क्या यह शीर्षक कथा नायक की किसी केंद्रीय चारित्रिक विशेषता को उजागर करता है?

उत्तर: 'जूझ' का अर्थ है 'संघर्ष'। यह शीर्षक कथा नायक (लेखक) के जीवन के निरंतर संघर्ष और उसकी जुझारू प्रवृत्ति को पूरी तरह से उजागर करता है। लेखक को पढ़ने की तीव्र लालसा थी, लेकिन उसके दादा (पिता) ने उसे स्कूल से निकालकर खेती के काम में लगा दिया था । अपनी पढ़ाई शुरू करवाने के लिए वह अपनी माँ के साथ दत्ता जी राव देसाई के पास जाता है । इसके बाद भी, स्कूल जाने के लिए उसे दादा की कड़ी शर्तों—जैसे सुबह खेत में पानी लगाना, ढोर चराना और काम होने पर स्कूल से छुट्टी लेना—को मानना पड़ता है । स्कूल में भी शुरुआत में उसे अन्य लड़कों द्वारा परेशान किए जाने के कारण संघर्ष करना पड़ता है [4-6]। इन तमाम विपरीत परिस्थितियों से जूझकर भी वह हार नहीं मानता और अपनी पढ़ाई व कविता के प्रति अपनी लगन बनाए रखता है । अतः यह शीर्षक उसके संघर्षशील चरित्र को भली-भाँति उजागर करता है।


प्रश्न 2: स्वयं कविता रच लेने का आत्मविश्वास लेखक के मन में कैसे पैदा हुआ?

उत्तर: लेखक के मन में कविता रचने का आत्मविश्वास उनके मराठी शिक्षक श्री सौंदलगेकर के प्रभाव से पैदा हुआ। मास्टर जी स्वयं कविता रचते थे और अनेक कवियों के संस्मरण सुनाते थे, जिससे लेखक को यह विश्वास हुआ कि कवि भी उसी के जैसा एक हाड़-मांस का और क्रोध-लोभ वाला मनुष्य ही होता है । जब मास्टर जी ने अपने घर के दरवाज़े पर छाई मालती की बेल पर कविता लिखी, तो लेखक को लगा कि वह भी अपने आस-पास के दृश्यों, गाँव और खेतों पर कविता बना सकता है । इसी प्रेरणा से वह भैंस चराते हुए फसलों और जंगली फूलों पर तुकबंदी करने लगा, जिससे उसके मन में स्वयं कविता रचने का आत्मविश्वास पैदा हुआ ।


प्रश्न 3: श्री सौंदलगेकर के अध्यापन की उन विशेषताओं को रेखांकित करें जिन्होंने कविताओं के प्रति लेखक के मन में रुचि जगाई।

उत्तर: श्री सौंदलगेकर मास्टर जी के अध्यापन की निम्नलिखित विशेषताएँ थीं:

वे स्वयं कविताएँ रचते थे और कविता बहुत ही अच्छे ढंग से पढ़ाते थे ।

उनके पास एक सुरीला गला, छंद की बढ़िया चाल और रसिकता थी ।

वे पहले कविता गाकर सुनाते थे और फिर बैठकर अभिनय के साथ कविता का भाव ग्रहण कराते थे ।

वे अन्य कवियों के साथ अपनी मुलाकातों के संस्मरण सुनाते थे ।

वे लेखक को कविता की भाषा, छंद, अलंकार, और शुद्ध लेखन के नियम भी समझाते थे तथा अलग-अलग कविता-संग्रह पढ़ने को देते थे ।

उनके इसी आत्मीय व्यवहार ने लेखक के मन में कविताओं के प्रति गहरी रुचि जगाई ।


प्रश्न 4: कविता के प्रति लगाव से पहले और उसके बाद अकेलेपन के प्रति लेखक की धारणा में क्या बदलाव आया?

उत्तर: कविता के प्रति लगाव से पहले लेखक को खेत में पानी लगाते हुए या ढोर चराते हुए अकेलापन बहुत खटकता था । उसे लगता था कि बातचीत करने या हँसी-मज़ाक करने के लिए हमेशा कोई-न-कोई साथ होना चाहिए ।

परंतु, कविता के प्रति लगाव होने के बाद उसकी धारणा बिल्कुल बदल गई। उसे अकेलेपन से ऊब होने के बजाय यह लगने लगा कि वह जितना अकेला रहे, उतना अच्छा है । अकेले में वह ऊँची आवाज़ में कविता गा सकता था, कविता के भावों के अनुसार अभिनय कर सकता था और नाच भी सकता था ।


प्रश्न 5: आपके ख्याल से पढ़ाई-लिखाई के संबंध में लेखक और दत्ता जी राव का रवैया सही था या लेखक के पिता का? तर्क सहित उत्तर दें।

उत्तर: पढ़ाई-लिखाई के संबंध में लेखक और दत्ता जी राव का रवैया पूरी तरह से सही था, जबकि पिता का रवैया एकदम गलत था। लेखक यह भली-भाँति समझता था कि खेती से जीवन भर कुछ हाथ नहीं लगेगा और पढ़-लिखकर नौकरी लगने से उसके हाथ में चार पैसे रहेंगे । दत्ता जी राव ने भी पढ़ाई के महत्व को समझा और लेखक की मदद करते हुए उसके पिता को कड़ी फटकार लगाई । दूसरी ओर, लेखक के पिता (दादा) केवल इसलिए बेटे की पढ़ाई छुड़वा देते हैं ताकि वह स्वयं कोई काम न करे और पूरे गाँव भर में खुले साँड़ की तरह आज़ादी से घूमता रहे ।


प्रश्न 6: दत्ता जी राव से पिता पर दबाव डलवाने के लिए लेखक और उसकी माँ को एक झूठ का सहारा लेना पड़ा। यदि झूठ का सहारा न लेना पड़ता तो आगे का घटनाक्रम क्या होता? अनुमान लगाएँ।

उत्तर: लेखक और उसकी माँ ने दत्ता जी राव से यह झूठ बोलने का आग्रह किया था कि माँ उनके यहाँ केवल साग-भाजी देने आई थी, ताकि दादा को यह न लगे कि उन्होंने उसकी शिकायत की है । यदि वे इस झूठ का सहारा नहीं लेते और दादा को यह पता चल जाता कि माँ-बेटे ने उसके खिलाफ शिकायत की है, तो वह अत्यंत क्रोधित होता और घर में भारी क्लेश मच जाता। दादा के डर से ही लेखक दत्ता जी राव से कहता है कि "यह मत बता देना, नहीं तो हम दोनों की खैर नहीं है" । दादा अपने अहंकार में आकर शायद दत्ता जी राव की बात भी न मानता और लेखक का पाठशाला जाना हमेशा के लिए बंद हो जाता ।


---


पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न एवं उनके उत्तर


प्रश्न 1: लेखक को खेत में काम करने के बजाय पाठशाला जाने की इच्छा क्यों थी?

(A) क्योंकि उसे खेती का काम बिल्कुल पसंद नहीं था।

(B) क्योंकि उसका मानना था कि खेती से जीवन भर कुछ नहीं मिलेगा और पढ़ने से नौकरी लग जाएगी।

(C) क्योंकि पाठशाला में उसे अपने दोस्तों के साथ खेलने का मौका मिलता था।

(D) क्योंकि उसके पिता उसे घर पर बहुत मारते थे।

उत्तर: (B) क्योंकि उसका मानना था कि खेती से जीवन भर कुछ नहीं मिलेगा और पढ़ने से नौकरी लग जाएगी।


प्रश्न 2: लेखक और उसकी माँ ने अपनी पढ़ाई की समस्या सुलझाने के लिए किससे सहायता माँगी?

(A) गाँव के मुखिया से

(B) वसंत पाटील से

(C) दत्ता जी राव देसाई (सरकार) से

(D) सौंदलगेकर मास्टर जी से

उत्तर: (C) दत्ता जी राव देसाई (सरकार) से


प्रश्न 3: कक्षा में कौन सा लड़का सबसे होशियार था जिसके सवालों के जवाब हमेशा सही निकलते थे?

(A) आनंद (लेखक)

(B) वसंत पाटील

(C) चौहान का लड़का

(D) रणनवरे

उत्तर: (B) वसंत पाटील


प्रश्न 4: लेखक के पिता (दादा) ने लेखक को किस शर्त पर पाठशाला जाने की अनुमति दी थी?

(A) उसे हमेशा कक्षा में प्रथम आना होगा।

(B) उसे दिन निकलते ही 11 बजे तक खेत पर पानी लगाना होगा और छुट्टी होते ही फिर ढोर चराने होंगे।

(C) उसे पाठशाला के साथ-साथ गाँव में नौकरी भी करनी होगी।

(D) उसे अपनी सारी फीस खुद कमानी होगी।

उत्तर: (B) उसे दिन निकलते ही 11 बजे तक खेत पर पानी लगाना होगा और छुट्टी होते ही फिर ढोर चराने होंगे।


प्रश्न 5: श्री सौंदलगेकर मास्टर जी कक्षा में कौन सा विषय पढ़ाते थे?

(A) गणित

(B) अंग्रेज़ी

(C) इतिहास

(D) मराठी

उत्तर: (D) मराठी

टिप्पणियाँ

लोकप्रिय पोस्ट