CBSE Board class 12 Hindi aroh ch-4
प्रस्तुत पाठ हिंदी कवि और पत्रकार रघुवीर सहाय के जीवन, उनके साहित्यिक योगदान और उनकी प्रसिद्ध कविता "कैमरे में बंद अपाहिज" पर केंद्रित है। इसमें लेखक के पत्रकारिता के अनुभवों और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचय दिया गया है। मुख्य कविता यह दर्शाती है कि कैसे मीडिया संस्थान व्यावसायिक लाभ के लिए किसी व्यक्ति की शारीरिक पीड़ा का क्रूरतापूर्वक प्रदर्शन करते हैं। कवि ने व्यंग्य के माध्यम से संचार माध्यमों की संवेदनहीनता को उजागर किया है, जो सहानुभूति जगाने के नाम पर केवल दर्शकों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं। इसके अतिरिक्त, पाठ में शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे व्यक्तियों के प्रति समाज और मीडिया के नजरिए पर विचार करने के लिए अभ्यास प्रश्न और एक प्रेरक समाचार भी शामिल किया गया है।
यहाँ आपके द्वारा दिए गए स्रोतों के आधार पर पाठ्यपुस्तक के सभी प्रश्नों के उत्तर और 5 वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न दिए गए हैं:
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों के उत्तर
'कविता के साथ' से प्रश्न:
1. कविता में कुछ पंक्तियाँ कोष्ठकों में रखी गई हैं—आपकी समझ से इसका क्या औचित्य है?
उत्तर: कविता में कोष्ठकों में रखी गई पंक्तियाँ (जैसे- 'कैमरा दिखाओ इसे बड़ा बड़ा', 'हम खुद इशारे से बताएँगे', 'यह अवसर खो देंगे') मीडिया कर्मियों की मानसिकता, उनके छिपे हुए निर्देशों और उनके असली इरादों को दर्शाती हैं । यह स्पष्ट करती हैं कि उन्हें अपाहिज व्यक्ति की पीड़ा से कोई सहानुभूति नहीं है; वे केवल उसे कैमरे के सामने रुलाकर अपने कार्यक्रम को व्यावसायिक रूप से सफल बनाना चाहते हैं ।
2. कैमरे में बंद अपाहिज करुणा के मुखौटे में छिपी क्रूरता की कविता है—विचार कीजिए।
उत्तर: यह कथन बिल्कुल सत्य है। यह कविता दिखाती है कि कैसे करुणा जगाने के मकसद से शुरू हुआ कार्यक्रम क्रूर बन जाता है । दूरदर्शन वाले अपाहिज का दुख दुनिया को दिखाने का नाटक करते हैं (करुणा का मुखौटा), लेकिन असल में वे उससे बेतुके सवाल पूछकर उसकी भावनाओं के साथ खेलते हैं । वे उसे तब तक कुरेदते हैं जब तक वह रो न दे, क्योंकि इससे उनका कार्यक्रम रोचक बनता है । दुख-दर्द बेचने की यह व्यावसायिक कोशिश उनकी घोर संवेदनहीनता और क्रूरता है ।
3. हम समर्थ शक्तिवान और हम एक दुर्बल को लाएँगे पंक्ति के माध्यम से कवि ने क्या व्यंग्य किया है?
उत्तर: "हम समर्थ शक्तिवान" पंक्ति के माध्यम से कवि ने दूरदर्शन (मीडिया) वालों के उस अहंकार पर व्यंग्य किया है जिसके तहत वे खुद को सबसे ताकतवर मानते हैं और सोचते हैं कि वे किसी को भी जनता के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं । वहीं "एक दुर्बल को लाएँगे" के माध्यम से कमजोर और असहाय लोगों (जैसे शारीरिक चुनौती झेल रहे व्यक्ति) पर व्यंग्य किया है, जिन्हें मीडिया अपनी मर्जी से कठपुतली की तरह नचाता है और अपने फायदे के लिए उनका तमाशा बनाता है ।
4. यदि शारीरिक रूप से चुनौती का सामना कर रहे व्यक्ति और दर्शक, दोनों एक साथ रोने लगेंगे, तो उससे प्रश्नकर्ता का कौन-सा उद्देश्य पूरा होगा?
उत्तर: यदि अपाहिज व्यक्ति और दर्शक दोनों एक साथ रोने लगेंगे, तो इससे प्रश्नकर्ता (मीडिया) का कार्यक्रम 'रोचक' और सफल हो जाएगा । उनका मुख्य उद्देश्य कैमरे के सामने अपाहिज की पीड़ा को इस हद तक उभारना होता है कि दर्शक भी भावुक हो जाएँ, जिससे उनके कार्यक्रम की लोकप्रियता (टीआरपी) बढ़े और उन्हें व्यावसायिक लाभ हो ।
5. परदे पर वक्त की कीमत है कहकर कवि ने पूरे साक्षात्कार के प्रति अपना नजरिया किस रूप में रखा है?
उत्तर: "परदे पर वक्त की कीमत है" कहकर कवि ने स्पष्ट किया है कि टेलीविजन वालों के लिए अपाहिज की पीड़ा या संवेदनाओं से ज्यादा अहमियत पैसों और समय की है । वे अपाहिज से केवल तभी तक सहानुभूति का नाटक करते हैं जब तक वह रोकर उनके कैमरे के सामने 'सीन' पैदा कर सके। यदि वह नहीं रो पाता, तो वे तुरंत कैमरा बंद करवा देते हैं क्योंकि उनके लिए यह सब केवल एक कारोबारी दिखावा है ।
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'कविता के आसपास' से प्रश्न:
1. यदि आपको शारीरिक चुनौती का सामना कर रहे किसी मित्र का परिचय लोगों से करवाना हो, तो किन शब्दों में करवाएँगी?
उत्तर: मैं अपने मित्र का परिचय उसकी शारीरिक कमी या लाचारी के आधार पर नहीं कराऊँगा/कराऊँगी। इसके बजाय, मैं उसकी खूबियों, उसकी हिम्मत, उसकी प्रतिभा और उसके गुणों के बारे में लोगों को बताऊँगा, ताकि लोग उसे दया की दृष्टि से नहीं, बल्कि सम्मान और समानता की नजर से देखें।
2. सामाजिक उद्देश्य से युक्त ऐसे कार्यक्रम को देखकर आपको कैसा लगेगा? अपने विचार संक्षेप में लिखें।
उत्तर: मुझे ऐसा कार्यक्रम देखकर बहुत दुख, क्षोभ और क्रोध आएगा। किसी व्यक्ति की लाचारी और उसकी पीड़ा का सरेआम मजाक बनाना या अपनी लोकप्रियता के लिए उसके दर्द को बेचना एक घोर अमानवीय और संवेदनहीन कृत्य है ।
3. यदि आप इस कार्यक्रम के दर्शक हैं तो टी.वी. पर ऐसे सामाजिक कार्यक्रम को देखकर एक पत्र में अपनी प्रतिक्रिया दूरदर्शन निदेशक को भेजें।
उत्तर:
सेवा में,
निदेशक, दूरदर्शन, नई दिल्ली।
विषय: 'कैमरे में बंद अपाहिज' जैसे संवेदनहीन कार्यक्रमों के विरोध में।
महोदय,
हाल ही में आपके चैनल पर प्रसारित एक साक्षात्कार देखा जिसमें एक दिव्यांग व्यक्ति से उसके दुख के बारे में अत्यंत क्रूर और बेतुके सवाल पूछे गए। टीआरपी के लिए किसी व्यक्ति की शारीरिक चुनौती को इस तरह भुनाना और उसे मानसिक यातना देना अमानवीय है। मेरी आपसे विनती है कि मीडिया की ताकत का इस्तेमाल समाज को संवेदनशील बनाने के लिए करें, न कि किसी के दुख को बेचने के लिए।
भवदीय,
एक जागरूक दर्शक।
4. नीचे दिए गए खबर के अंश को पढ़िए और बिहार के इस बुधिया से एक काल्पनिक साक्षात्कार कीजिए (पवन नाम के विकलांग बच्चे की दौड़ पर आधारित):
उत्तर: (काल्पनिक साक्षात्कार)
पत्रकार: पवन, इतनी कम उम्र और हाथ-पैर में इतनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद आप इतनी दूर कैसे दौड़ लेते हैं?
पवन: मैंने कभी अपनी शारीरिक कमी को अपनी कमजोरी नहीं माना। मेरे हौसले मेरे कदमों से ज्यादा मजबूत हैं।
पत्रकार: आपको दौड़ने की यह प्रेरणा कहाँ से मिली?
पवन: उड़ीसा के बुधिया को देखकर मुझे लगा कि अगर वह दौड़ सकता है, तो मैं भी दौड़ सकता हूँ।
पत्रकार: आपका आगे का क्या सपना है?
पवन: मेरा सपना कश्मीर से कन्याकुमारी तक की दूरी पैदल तय करने का है, ताकि दुनिया जान सके कि विकलांगता कोई बाधा नहीं है।
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पाँच वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न और उत्तर
प्रश्न 1: 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता के रचयिता कौन हैं?
A) अज्ञेय
B) शमशेर बहादुर सिंह
C) रघुवीर सहाय
D) गजानन माधव मुक्तिबोध
उत्तर: C) रघुवीर सहाय
प्रश्न 2: 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता कवि के किस काव्य-संग्रह से ली गई है?
A) सीढ़ियों पर धूप में
B) आत्महत्या के विरुद्ध
C) हँसो-हँसो जल्दी हँसो
D) लोग भूल गये हैं
उत्तर: D) लोग भूल गये हैं
प्रश्न 3: दूरदर्शन वाले एक बंद कमरे में किसे लाते हैं?
A) एक समर्थ शक्तिवान को
B) एक दुर्बल (अपाहिज) को
C) एक राजनेता को
D) एक अभिनेता को
उत्तर: B) एक दुर्बल (अपाहिज) को
प्रश्न 4: कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए दूरदर्शन वाले अपाहिज के साथ क्या करते हैं?
A) उसका इलाज करवाते हैं
B) उसे उपहार देते हैं
C) उसे पूछ-पूछकर रुला देते हैं
D) उसका सम्मान करते हैं
उत्तर: C) उसे पूछ-पूछकर रुला देते हैं
प्रश्न 5: "परदे पर वक़्त की कीमत है"—यह पंक्ति किसकी ओर इशारा करती है?
A) मीडिया की संवेदनहीनता और कारोबारी दबाव की ओर
B) समय के महत्व की ओर
C) अपाहिज व्यक्ति की गरीबी की ओर
D) दर्शकों की जल्दबाजी की ओर
उत्तर: A) मीडिया की संवेदनहीनता और कारोबारी दबाव की ओर
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