CBSE Board class 12 Hindi aroh ch-8

यह स्रोत सुप्रसिद्ध कवि फ़िराक़ गोरखपुरी के जीवन और उनकी साहित्यिक कृतियों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करता है। इसमें उनके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और उनके द्वारा प्राप्त ज्ञानपीठ जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों का उल्लेख किया गया है। लेखक ने बताया है कि कैसे फ़िराक़ ने उर्दू शायरी की पारंपरिक सीमाओं को तोड़कर उसमें लोकजीवन और भारतीय संस्कृति के तत्वों को समाहित किया। पाठ में उनकी विशेष लेखन शैली, रुबाइयों, का वर्णन है जो माँ-बच्चे के प्रेम और दीवाली व रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के माध्यम से घरेलू रिश्तों की सुंदरता को दर्शाती हैं। अंत में, यह सामग्री छात्रों को उनकी कविताओं में निहित सरल भाषा और मानवीय संवेदनाओं को समझने के लिए अभ्यास प्रश्न भी प्रदान करती है।

यहाँ दिए गए स्रोतों के आधार पर आपके द्वारा पूछे गए पाठ (फ़िराक़ गोरखपुरी की रुबाइयाँ) के सभी प्रश्नों के उत्तर और पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न नीचे दिए गए हैं:


पाठ के प्रश्नों के उत्तर


1. शायर राखी के लच्छे को बिजली की चमक की तरह कहकर क्या भाव व्यंजित करना चाहता है?

उत्तर: शायर राखी के लच्छे को बिजली की चमक के समान कहकर भाई-बहन के पवित्र और अटूट प्रेम के उल्लास को व्यंजित करना चाहता है। पाठ के अनुसार, सावन के महीने का जो संबंध आसमान में छाई हल्की-हल्की झीनी घटाओं से है, और उन घटाओं का जो संबंध बिजली से है, ठीक वही संबंध भाई का अपनी बहन से होता है । सावन की घटाओं के बीच जैसे बिजली चमकती है, वैसे ही रक्षाबंधन की सुबह बहन द्वारा भाई की कलाई पर बाँधे गए राखी के लच्छे चमकते हैं ।


2. खुद का परदा खोलने से क्या आशय है?

उत्तर: दी गई स्रोत सामग्री में 'खुद का परदा खोलने' नामक पंक्ति या इससे जुड़ा कोई भी प्रसंग उपलब्ध नहीं है। अतः इन स्रोतों के आधार पर इस प्रश्न का सटीक उत्तर नहीं दिया जा सकता। (संभवतः यह प्रश्न फ़िराक़ गोरखपुरी की किसी ग़ज़ल से है जो यहाँ पूरी तरह नहीं दी गई है)।


3. टिप्पणी करें -

(क) गोदी के चाँद और गगन के चाँद का रिश्ता:

उत्तर: माँ के लिए उसका बच्चा उसकी 'गोदी का चाँद' है और आसमान में चमकता चाँद 'गगन का चाँद' है। जब बच्चा आसमान के चाँद को देखकर उसे पाने की ज़िद करता है, तो माँ उसे आईना (दर्पण) देकर बहलाती है और कहती है कि "देख आईने में चाँद उतर आया है" । इस प्रकार चाँद की परछाईं के माध्यम से गोदी के चाँद (बच्चे) और गगन के चाँद का बहुत ही सुंदर और वात्सल्यपूर्ण रिश्ता जुड़ जाता है ।


(ख) सावन की घटाएँ व रक्षाबंधन का पर्व:

उत्तर: रक्षाबंधन का पर्व सावन के महीने में मनाया जाता है । रक्षाबंधन और सावन की घटाओं का गहरा नाता है। जैसे सावन में आसमान में हल्की-हल्की घटाएँ छाती हैं और उनके बीच बिजली चमकती है, उसी प्रकार रक्षाबंधन की सुबह बहन भाई की कलाई पर जो राखी बाँधती है, उसके लच्छे भी बिजली की तरह चमकते हैं ।


4. कविता के आसपास: इन रुबाइयों से हिंदी, उर्दू और लोकभाषा के मिले-जुले प्रयोगों को छाँटिए।

उत्तर: फ़िराक़ की रुबाइयों में हिंदी, उर्दू और लोकभाषा का अनूठा गठबंधन देखने को मिलता है । इसके कुछ मिले-जुले प्रयोग इस प्रकार हैं:

लोकभाषा: लोका देना, ज़िदयाया बालक, घुटनों में लेकर कपड़े पिन्हाना [1-3]।

हिंदी-उर्दू के मिले-जुले रूप: गेसुओं में कंघी करना, रूपवती मुखड़ा, नरम दमक, रस की पुतली [1-3]।


5. आपसदरी (समानार्थी पंक्तियाँ ढूँढ़िए):

(क) मैया मैं तो चंद्र खिलौना लैहों। (सूरदास)

उत्तर: इसके समान भाव वाली रुबाई की पंक्तियाँ हैं -

"बालक तो हई चाँद पै ललचाया है

दर्पन उसे दे के कह रही है माँ

देख आईने में चाँद उतर आया है" ।

(नोट: ख. सुमित्रानंदन पंत और ग. कबीर की पंक्तियों के समानार्थी शेर दी गई स्रोत सामग्री में मौजूद नहीं हैं, क्योंकि यहाँ केवल रुबाइयों के ही अंश दिए गए हैं।)


---


पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)


प्रश्न 1: फ़िराक़ गोरखपुरी का मूल नाम क्या था?

(A) धनपत राय

(B) रघुपति सहाय

(C) नवाब राय

(D) दुष्यंत कुमार

उत्तर: (B) रघुपति सहाय


प्रश्न 2: 'रुबाई' में कुल कितनी पंक्तियाँ होती हैं?

(A) दो

(B) तीन

(C) चार

(D) छह

उत्तर: (C) चार


प्रश्न 3: रुबाई के पाठ में 'लोका देना' शब्द का क्या अर्थ बताया गया है?

(A) दूध पिलाना

(B) कपड़े पहनाना

(C) बालों में कंघी करना

(D) उछाल-उछाल कर प्यार करने की एक क्रिया

उत्तर: (D) उछाल-उछाल कर प्यार करने की एक क्रिया


प्रश्न 4: दीवाली के अवसर पर बच्चे के लिए कैसे खिलौने आते हैं?

(A) प्लास्टिक के

(B) लकड़ी के

(C) चीनी-मिट्टी के

(D) कपड़े के

उत्तर: (C) चीनी-मिट्टी के


प्रश्न 5: माँ बच्चे को आसमान का चाँद देने की ज़िद को कैसे पूरी करती है?

(A) उसे बाज़ार ले जाकर

(B) उसे आईने (दर्पण) में चाँद की परछाईं दिखाकर

(C) उसे नया खिलौना देकर

(D) उसे सुलाकर

उत्तर: (B) उसे आईने (दर्पण) में चाँद की परछाईं दिखाकर

टिप्पणियाँ

लोकप्रिय पोस्ट