यह स्रोत उपभोक्ता व्यवहार के सिद्धांत की व्याख्या करते हैं, जिसमें मुख्य रूप से उपयोगिता (Utility) की अवधारणा पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें गणनावाचक उपयोगिता और क्रमवाचक उपयोगिता के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि एक व्यक्ति अपनी सीमित आय को विभिन्न वस्तुओं पर कैसे खर्च करता है। कुल उपयोगिता और सीमांत उपयोगिता के संबंधों को समझाते हुए यह पाठ ह्रासमान सीमांत उपयोगिता नियम का विश्लेषण करता है, जो मांग वक्र के नीचे की ओर झुकने का मुख्य कारण है। इसके अतिरिक्त, अनधिमान वक्र (Indifference Curve) और सीमांत प्रतिस्थापन दर के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि उपभोक्ता समान संतोष प्रदान करने वाले विभिन्न बंडलों का चुनाव किस प्रकार करते हैं। अंत में, यह स्पष्ट किया गया है कि उच्च अनधिमान वक्र हमेशा उच्च स्तर की संतुष्टि प्रदान करते हैं और दो ऐसे वक्र कभी एक-दूसरे को नहीं काटते।
पाठ में दिए गए अभ्यास प्रश्नों के उत्तर:
1. उपभोक्ता के बजट सेट से आप क्या समझते हैं?
उपभोक्ता के लिए उपलब्ध बंडलों के सेट को बजट सेट कहा जाता है। यह उन सभी बंडलों का संग्रह है, जिन्हें उपभोक्ता विद्यमान बाज़ार कीमतों पर अपनी निर्धारित आय से खरीद सकता है ।
2. बजट रेखा क्या है?
बजट रेखा उन सभी बंडलों का प्रतिनिधित्व करती है, जिनकी लागत उपभोक्ता की आय (M) के बिल्कुल बराबर होती है । इस रेखा पर स्थित किसी भी बिंदु पर उपभोक्ता की संपूर्ण आय व्यय हो जाती है ।
3. बजट रेखा की प्रवणता नीचे की ओर क्यों होती है? समझाइए।
बजट रेखा की प्रवणता नीचे की ओर इसलिए होती है क्योंकि यदि कोई उपभोक्ता अपनी संपूर्ण आय खर्च कर रहा है और वह किसी एक वस्तु (जैसे केले) की एक अतिरिक्त इकाई प्राप्त करना चाहता है, तो उसे दी गई कीमतों के अनुपात में दूसरी वस्तु (जैसे आम) की कुछ मात्रा को छोड़ना (त्याग करना) पड़ता है ।
4. एक उपभोक्ता दो वस्तुओं का उपभोग करने के लिए इच्छुक है। दोनों वस्तुओं की कीमत क्रमशः 4 रुपए तथा 5 रुपए है। उपभोक्ता की आय 20 रुपए है:
(i) बजट रेखा का समीकरण: $4x_1 + 5x_2 = 20$ ।
(ii) संपूर्ण आय वस्तु 1 पर व्यय करने पर: वह $20 / 4 =$ 5 इकाइयाँ खरीद सकता है ।
(iii) संपूर्ण आय वस्तु 2 पर व्यय करने पर: वह $20 / 5 =$ 4 इकाइयाँ खरीद सकता है ।
(iv) बजट रेखा की प्रवणता: $-p_1 / p_2 =$ $-4/5$ (इसका निरपेक्ष मूल्य 4/5 है) ।
5. यदि उपभोक्ता की आय बढ़कर 40 रुपए हो जाती है, परंतु कीमत अपरिवर्तित रहती है तो बजट रेखा में क्या परिवर्तन होता है?
यदि आय बढ़ जाती है, तो ऊर्ध्वाधर अंतःखंड बढ़ जाएगा और बजट रेखा समानांतर रूप से बाहर (दाईं ओर) खिसक जाएगी। उपभोक्ता अब पहले से अधिक वस्तुएं खरीद सकेगा ।
6. यदि वस्तु 2 की कीमत में एक रुपए की गिरावट आ जाए परंतु वस्तु 1 की कीमत में तथा आय में कोई परिवर्तन नहीं हो, तो बजट रेखा में क्या परिवर्तन आएगा?
वस्तु 2 की कीमत कम होने से क्षैतिज अंतःखंड वही रहेगा, लेकिन ऊर्ध्वाधर अंतःखंड बढ़ जाएगा। इससे बजट रेखा ऊर्ध्वाधर अक्ष की ओर अधिक चपटी (flatter) हो जाएगी ।
7. अगर कीमतें और उपभोक्ता की आय दोनों दुगुनी हो जाएं, तो बजट सेट कैसा होगा?
बजट सेट अपरिवर्तित रहेगा। जब कीमतें और आय दोनों दोगुनी होती हैं ($2p_1x_1 + 2p_2x_2 \le 2M$), तो गणितीय रूप से यह प्रारंभिक समीकरण ($p_1x_1 + p_2x_2 \le M$) के ही समान रहता है ।
8. मान लीजिए कि कोई उपभोक्ता अपनी पूरी आय का व्यय करके वस्तु 1 की 6 इकाइयाँ तथा वस्तु 2 की 8 इकाइयाँ खरीद सकता है। कीमतें 6 रुपए तथा 8 रुपए हैं। उपभोक्ता की आय कितनी है?
आय (M) $= (p_1 \times x_1) + (p_2 \times x_2) = (6 \times 6) + (8 \times 8) = 36 + 64 =$ 100 रुपए ।
9. उपभोक्ता 10 रुपए कीमत वाली दो वस्तुओं का उपभोग करना चाहता है (आय 40 रुपए, केवल पूर्णांक इकाइयां):
(i) उपलब्ध बंडल ($10x_1 + 10x_2 \le 40$): (0,0), (0,1), (0,2), (0,3), (0,4), (1,0), (1,1), (1,2), (1,3), (2,0), (2,1), (2,2), (3,0), (3,1), (4,0) ।
(ii) वे बंडल जिन पर पूरे 40 रुपए व्यय होंगे ($10x_1 + 10x_2 = 40$): (0,4), (1,3), (2,2), (3,1), और (4,0) ।
10. 'एकदिष्ट अधिमान' से आप क्या समझते हैं?
एकदिष्ट अधिमान का अर्थ है कि यदि किन्हीं दो बंडलों में से एक बंडल में कम से कम एक वस्तु की मात्रा अधिक हो और दूसरी वस्तु की मात्रा भी कम न हो, तो उपभोक्ता हमेशा अधिक मात्रा वाले बंडल को ही प्राथमिकता देता है ।
11. यदि एक उपभोक्ता के अधिमान एकदिष्ट हैं, तो क्या वह बंडल (10, 8) और बंडल (8, 6) के बीच तटस्थ हो सकता है?
नहीं। बंडल (10, 8) में बंडल (8, 6) की तुलना में दोनों वस्तुओं की मात्रा अधिक है। एकदिष्ट अधिमान के कारण वह हमेशा (10, 8) को अधिक प्राथमिकता देगा ।
12. बंडल (10, 10), (10, 9) तथा (9, 9) पर अधिमान श्रेणीकरण:
एकदिष्ट अधिमान के आधार पर उपभोक्ता (10, 10) को सर्वाधिक अधिमान देगा क्योंकि इसमें दोनों वस्तुएं अधिक हैं। उसके बाद वह (10, 9) को और सबसे अंत में (9, 9) को अधिमान देगा। श्रेणीकरण: (10, 10) > (10, 9) > (9, 9) ।
13. मान लीजिए कि आपका मित्र, बंडल (5, 6) तथा (6, 6) के बीच तटस्थ है। क्या आपके मित्र के अधिमान एकदिष्ट हैं?
नहीं। यदि अधिमान एकदिष्ट होते, तो उसे स्पष्ट रूप से (6, 6) को प्राथमिकता देनी चाहिए थी क्योंकि उसमें पहली वस्तु की मात्रा अधिक है और दूसरी वस्तु की मात्रा समान है ।
14. बाज़ार माँग फलन (दो उपभोक्ताओं $d_1$ और $d_2$ के लिए):
बाज़ार माँग दोनों माँग फलनों का योग होगी ।
जब $p \le 15$ हो: बाज़ार माँग $= (20 - p) + (30 - 2p) =$ $50 - 3p$
जब $15 < p \le 20$ हो: बाज़ार माँग $= (20 - p) + 0 =$ $20 - p$
जब $p > 20$ हो: बाज़ार माँग $=$ 0
15. 20 उपभोक्ताओं के लिए बाज़ार माँग ($d(p) = 10 - 3p$):
बाज़ार माँग सभी उपभोक्ताओं की माँग का योग है। $20 \times (10 - 3p) =$ $200 - 60p$ (यह केवल $p \le 10/3$ के लिए लागू है, इससे अधिक कीमत पर माँग 0 होगी) ।
16. दो उपभोक्ताओं वाले बाज़ार में बाज़ार माँग की गणना:
दोनों उपभोक्ताओं की माँग को जोड़ने (लेवल योग) पर :
$p = 1$ पर: $9 + 24 =$ 33
$p = 2$ पर: $8 + 20 =$ 28
$p = 3$ पर: $7 + 18 =$ 25
$p = 4$ पर: $6 + 16 =$ 22
$p = 5$ पर: $5 + 14 =$ 19
$p = 6$ पर: $4 + 12 =$ 16
17. सामान्य वस्तु से आप क्या समझते हैं?
सामान्य वस्तुएं वे वस्तुएं होती हैं जिनकी माँग उपभोक्ता की आय की दिशा में ही गति करती है। अर्थात्, आय बढ़ने पर इनकी माँग बढ़ती है और आय घटने पर माँग घटती है ।
18. निम्नस्तरीय वस्तु को परिभाषित कीजिए। कुछ उदाहरण दीजिए।
निम्नस्तरीय वस्तुएं वे हैं जिनकी माँग उपभोक्ता की आय की विपरीत दिशा में जाती है। अर्थात्, जब उपभोक्ता की आय बढ़ती है तो इनकी माँग घट जाती है। उदाहरण: निम्न कोटि के खाद्य पदार्थ और मोटे अनाज ।
19. स्थानापन्न को परिभाषित कीजिए। दो उदाहरण दीजिए:
स्थानापन्न वस्तुएं वे होती हैं जिनका उपयोग एक-दूसरे के स्थान पर किया जा सकता है। एक वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी स्थानापन्न वस्तु की माँग बढ़ जाती है। उदाहरण: चाय और कॉफी ।
20. पूरकों को परिभाषित कीजिए। दो उदाहरण दीजिए:
पूरक वस्तुएं वे हैं जिनका एक साथ उपयोग किया जाता है। एक वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी पूरक वस्तु की माँग घट जाती है। उदाहरण: चाय और चीनी, जूते और जुराब, कलम और स्याही ।
21. माँग की कीमत लोच को परिभाषित कीजिए।
माँग की कीमत लोच किसी वस्तु की कीमत में परिवर्तन के प्रति उसकी माँग की अनुक्रियात्मकता की माप है। इसे वस्तु की माँग में प्रतिशत परिवर्तन को वस्तु की कीमत में प्रतिशत परिवर्तन से भाग देकर निकाला जाता है ।
22. कीमत 4 से 5 होने पर माँग 25 से 20 रह गई। लोच की गणना करें:
प्रारंभिक कीमत ($P_1$) = 4, प्रारंभिक माँग ($Q_1$) = 25
नई कीमत ($P_2$) = 5, नई माँग ($Q_2$) = 20
माँग में परिवर्तन ($\Delta Q$) = -5, कीमत में परिवर्तन ($\Delta P$) = 1
लोच $(e_D) = (\Delta Q / \Delta P) \times (P_1 / Q_1) = (-5 / 1) \times (4 / 25) = -20 / 25 =$ -0.8 (निरपेक्ष लोच 0.8) ।
23. माँग वक्र $D(p) = 10 - 3p$ को लीजिए। कीमत 5/3 पर लोच क्या है?
रैखिक माँग वक्र की लोच का सूत्र $e_D = -bp / (a - bp)$ है ।
यहाँ $a = 10$, $b = 3$, और $p = 5/3$
$e_D = -3(5/3) / (10 - 3(5/3)) = -5 / (10 - 5) = -5 / 5 =$ -1 (इकाई लोचदार) ।
24. लोच -0.2 है। कीमत 5% बढ़ने पर माँग में कितनी प्रतिशत कमी आएगी?
लोच = (माँग में प्रतिशत परिवर्तन) / (कीमत में प्रतिशत परिवर्तन)
-0.2 = माँग में प्रतिशत परिवर्तन / 5%
माँग में प्रतिशत परिवर्तन $= -0.2 \times 5\% = $ -1% (माँग में 1% की कमी आएगी) ।
25. लोच -0.2 है। कीमत 10% बढ़ने पर व्यय कैसे प्रभावित होगा?
यहाँ माँग बेलोजदार (inelastic, 0.2 < 1) है। जब माँग बेलोजदार होती है, तो कीमत में प्रतिशत वृद्धि माँग में प्रतिशत कमी से अधिक होती है। परिणामस्वरूप, वस्तु पर होने वाला कुल व्यय बढ़ जाएगा ।
26. कीमत 4% गिरने से व्यय 2% बढ़ गया। माँग की लोच कैसी है?
कीमत में गिरावट होने पर कुल व्यय तभी बढ़ता है जब माँग में प्रतिशत वृद्धि कीमत में प्रतिशत गिरावट (4%) की तुलना में अधिक हो। इसका अर्थ है कि माँग कीमत लोचदार (Elastic, $e_D > 1$) है ।
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पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (उत्तर और विकल्पों के साथ):
प्रश्न 1. किसी वस्तु की किसी आवश्यकता को संतुष्ट करने की क्षमता को क्या कहा जाता है?
(A) सीमांत प्रतिस्थापन दर
(B) उपयोगिता
(C) माँग की लोच
(D) बजट सेट
उत्तर: (B) उपयोगिता
प्रश्न 2. ह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार, वस्तु के उपभोग में वृद्धि के साथ-साथ क्या होता है?
(A) सीमांत उपयोगिता बढ़ती जाती है
(B) सीमांत उपयोगिता स्थिर रहती है
(C) सीमांत उपयोगिता गिरती जाती है
(D) कुल उपयोगिता हमेशा शून्य हो जाती है
उत्तर: (C) सीमांत उपयोगिता गिरती जाती है
प्रश्न 3. जब दो अनधिमान वक्र (Indifference curves) एक-दूसरे को काटते हैं, तो इसका क्या परिणाम होता है?
(A) उपयोगिता का स्तर शून्य हो जाता है
(B) यह परस्पर विरोधी (विसंगत) परिणाम उत्पन्न करता है
(C) वे पूर्ण स्थानापन्न वस्तुएं बन जाते हैं
(D) यह एकदिष्ट अधिमान को सिद्ध करता है
उत्तर: (B) यह परस्पर विरोधी (विसंगत) परिणाम उत्पन्न करता है
प्रश्न 4. आय में वृद्धि होने पर 'निम्नस्तरीय वस्तुओं' (Inferior goods) की माँग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(A) माँग बढ़ जाती है
(B) माँग स्थिर रहती है
(C) माँग घट जाती है
(D) माँग असीमित हो जाती है
उत्तर: (C) माँग घट जाती है
प्रश्न 5. यदि माँग वक्र के किसी बिंदु पर माँग की लोच $e_D < 1$ (बेलोजदार) है, तो वस्तु की कीमत में वृद्धि होने पर वस्तु पर होने वाले कुल व्यय में क्या परिवर्तन होगा?
(A) व्यय घट जाएगा
(B) व्यय बढ़ जाएगा
(C) व्यय अपरिवर्तित रहेगा
(D) व्यय शून्य हो जाएगा
उत्तर: (B) व्यय बढ़ जाएगा
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