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CBSE Board class 9 history ch-3

यह पाठ नाजीवाद के उदय और एडोल्फ हिटलर के शासनकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का वर्णन करता है। इसमें प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी की अपमानजनक हार, वर्साय की संधि की कठोर शर्तों और उसके फलस्वरूप उपजे गहरे आर्थिक संकट का विश्लेषण किया गया है। लेखक बताते हैं कि कैसे वेइमर गणराज्य की अस्थिरता और महामंदी ने हिटलर को एक मसीहा के रूप में उभरने का अवसर दिया। नाजी दुष्प्रचार और भव्य रैलियों के माध्यम से जनता में राष्ट्रवाद की भावना जगाकर सत्ता पर कब्जा किया गया। अंततः, विशेषाधिकार अधिनियम ने जर्मनी में लोकतंत्र को समाप्त कर एक क्रूर तानाशाही स्थापित कर दी, जिसके तहत यहूदियों और अन्य अल्पसंख्यकों पर अमानवीय अत्याचार किए गए। यह विवरण एक बच्चे हेलमुट की मार्मिक कहानी से शुरू होकर नाजी विचारधारा के विनाशकारी परिणामों को उजागर करता है। पाठ के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर 1. वाइमर गणराज्य के सामने क्या समस्याएँ थीं? वाइमर गणराज्य के सामने कई गंभीर राजनीतिक और आर्थिक समस्याएँ थीं: वर्साय की अपमानजनक संधि: प्रथम विश्वयुद्ध में हार और युद्ध के कारण हुए नुकसान के लिए वाइमर गणराज्य को ज़िम्मेदार ठहराया गया । इस प...