Ncert class 10 Hindi- chapter-12- शिक्षा और संस्कृति (शिक्षाशास्त्र)
Ncert class 10 Hindi- chapter-12- शिक्षा और संस्कृति (शिक्षाशास्त्र) प्रस्तुत पाठ शिक्षा और संस्कृति के अंतर्संबंधों पर केंद्रित है, जिसमें चरित्र निर्माण को ज्ञानार्जन का मुख्य उद्देश्य माना गया है। लेखक के अनुसार, वास्तविक शिक्षा केवल किताबी ज्ञान या साक्षरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर, बुद्धि और आत्मा का सर्वांगीण विकास है। वे हस्तशिल्प और शारीरिक श्रम के माध्यम से सीखने पर बल देते हैं ताकि विद्यार्थी आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में नैतिक क्रांति ला सकें। संदेश यह है कि हमें अपनी मातृभाषा और मौलिक संस्कृति की जड़ों से गहराई से जुड़े रहना चाहिए, जबकि विश्व की अन्य संस्कृतियों के प्रति उदार और ग्रहणशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। अंततः, यह लेख एक ऐसे सहिष्णु और न्यायपूर्ण समाज की कल्पना करता है जहाँ शिक्षा व्यक्ति को साहसी, सदाचारी और स्वावलंबी बनाती है। गाँधीजी बढ़िया शिक्षा किसे कहते हैं ? गाँधीजी के अनुसार अहिंसक प्रतिरोध ही सबसे उदात्त और बढ़िया शिक्षा है। उनके विचारों के आधार पर बढ़िया शिक्षा की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: अक्षर-ज्ञान से पहले की शिक्षा: गाँधीजी का मान...