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Ncert class 9 - chapter-1- हमारे आस-पास के पदार्थ

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Ncert class 9 - chapter-1- हमारे आस-पास के पदार्थ जो हमारे परिवेश में मौजूद पदार्थ की अवधारणा को स्पष्ट करता है। इसमें बताया गया है कि विश्व की प्रत्येक वस्तु सामग्री से बनी है जिसे पदार्थ कहते हैं, और यह सूक्ष्म कणों से मिलकर बना होता है। स्रोत के अनुसार, पदार्थ की तीन मुख्य अवस्थाएँ—ठोस, द्रव और गैस—होती हैं, जो कणों की गति और उनके बीच के रिक्त स्थान के आधार पर भिन्न होती हैं। विभिन्न प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से यह समझाया गया है कि कैसे तापमान और दबाव में बदलाव करके पदार्थ की अवस्था को बदला जा सकता है। इसके अतिरिक्त, यह पाठ विसरण, गलनांक और वाष्पीकरण जैसी वैज्ञानिक प्रक्रियाओं पर भी प्रकाश डालता है। प्राचीन भारतीय और यूनानी दार्शनिकों के 'पंचतत्व' विचार से लेकर आधुनिक वैज्ञानिक वर्गीकरण तक का संक्षिप्त विवरण भी यहाँ दिया गया है। पदार्थ क्या है? स्रोतों के आधार पर पदार्थ (Matter) की परिभाषा और उसकी विशेषताओं का विवरण नीचे दिया गया है: परिभाषा: इस विश्व में प्रत्येक वस्तु जिस सामग्री से बनी होती है, उसे वैज्ञानिकों ने 'पदार्थ' का नाम दिया है। मुख्य विश...

Ncert class 9 Hindi- chapter-9- रेल-यात्रा

Ncert class 9 Hindi- chapter-9- रेल-यात्रा शरद जोशी का यह निबंध भारतीय रेल की अव्यवस्थाओं और विसंगतियों पर एक तीखा प्रहार है, जिसे अत्यंत हास्य और व्यंग्य के साथ प्रस्तुत किया गया है। लेखक बताते हैं कि ट्रेन की यात्रा केवल एक सफर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और दार्शनिक अनुभव है जो मनुष्य को धैर्य, सहनशीलता और मृत्यु के सत्य का बोध कराती है। यहाँ यात्री का सारा दारोमदार ईश्वर और आत्मबल पर टिका होता है, क्योंकि भारी भीड़ और अनिश्चितता के बीच वही टिक पाता है जिसमें संघर्ष करने का मादा हो। रेल की प्रगति और यात्रियों की दुर्दशा के बीच का अंतर यह दर्शाता है कि आधुनिकता के बावजूद आम आदमी की चुनौतियां और कष्ट जस के तस बने हुए हैं। अंततः, यह लेख रेल को जीवन की पाठशाला मानकर भारतीय समाज की मानसिकता और व्यवस्था की खामियों को बड़ी कुशलता से उजागर करता है। मनुष्य की प्रगति और भारतीय रेल की प्रगति में लेखक क्या देखता है ? लेखक शरद जोशी ने 'रेल-यात्रा' व्यंग्य में भारतीय रेल और मनुष्य की प्रगति को एक-दूसरे से जुड़े हुए, फिर भी विडंबनापूर्ण तरीके से देखा है। उनके अनुसार, रेल और मनुष्य की प्रगति ...