संदेश

Class 7 लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Ncert class 7 Hindi- chapter-15- ऐसे-ऐसे

Ncert class 7 Hindi- chapter-15- ऐसे-ऐसे यह नाटक विष्णु प्रभाकर द्वारा रचित है, जिसमें मोहन नाम के एक छोटे बालक की बहानेबाजी का मनोरंजक चित्रण किया गया है। मोहन अपने स्कूल का काम पूरा न होने के कारण पेट में दर्द होने का नाटक करता है और उसे रहस्यमयी ढंग से "ऐसे-ऐसे" नाम देता है। इस स्थिति से उसके माता-पिता अत्यंत चिंतित हो जाते हैं और उसकी जांच के लिए वैद्य जी तथा डॉक्टर को बुलाते हैं, जो इसे कब्ज या बदहजमी मानकर दवा देते हैं। अंत में, मोहन के मास्टर जी आकर उसकी इस असलियत को पकड़ लेते हैं कि यह शारीरिक दर्द नहीं बल्कि काम से बचने का डर है। यह कथा बच्चों के मनोविज्ञान और उनके द्वारा बनाए जाने वाले मासूम बहाने को बहुत ही रोचक ढंग से प्रस्तुत करती है। माँ मोहन के 'ऐसे-ऐसे' कहने पर क्यों घबरा रही थी? माँ मोहन के 'ऐसे-ऐसे' कहने पर इसलिए घबरा रही थीं क्योंकि वह समझ नहीं पा रही थीं कि यह किस प्रकार का दर्द या बीमारी है। मोहन अपने दर्द का स्पष्ट कारण बताने के बजाय बस यही रट लगाए हुए था कि पेट में 'ऐसे-ऐसे' हो रहा है, जिससे माँ को किसी अनहोनी का डर सताने लग...

Ncert class 7 Hindi- chapter-14- हिमशुक

Ncert class 7 Hindi- chapter-14- हिमशुक यह कहानी राजा और उनके तीन बेटों के संवाद से शुरू होती है, जहाँ वे न्याय और दंड के सिद्धांतों पर चर्चा करते हैं। सबसे छोटा राजकुमार एक विवेकपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए तर्क देता है कि बिना पूर्ण प्रमाण के किसी को सजा देना घातक हो सकता है। अपनी बात को सिद्ध करने के लिए वह हिमशुक नामक एक वफादार तोते की दुखद कथा सुनाता है, जिसे राजा ने एक गलतफहमी के कारण मार दिया था। तोता राजा के लिए एक जादुई अमरफल लाया था, जो अनजाने में सांप के जहर से दूषित हो गया था, जिससे वह घातक प्रतीत होने लगा। अंततः जब फल की असलियत सामने आती है, तब राजा को अपनी जल्दबाजी और अन्यायपूर्ण निर्णय पर गहरा पश्चाताप होता है। राजकुमार की इस बुद्धिमत्ता और निष्पक्षता से प्रभावित होकर, राजा उसे अपना उत्तराधिकारी घोषित कर देते हैं। अवध नरेश राजकुमारों की परीक्षा क्यों लेना चाहते थे? स्रोतों के अनुसार, अवध नरेश राजकुमारों की परीक्षा इसलिए लेना चाहते थे क्योंकि वे जानना चाहते थे कि किसी दोषी को सज़ा देने के मामले में उन तीनों राजकुमारों के क्या विचार हैं । राजा ने विशेष रूप से यह पूछकर ...