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CBSE Board class 12 Hindi antra ch-17

यह पाठ प्रसिद्ध साहित्यकार हजारी प्रसाद द्विवेदी के जीवन, उनकी कृतियों और उनके प्रसिद्ध निबंध 'कुटज' का विस्तृत परिचय देता है। लेखक के अनुसार, कुटज हिमालय की पथरीली ऊंचाइयों पर उगने वाला एक ऐसा जंगली पौधा है जो अपनी अजेय जिजीविषा और आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी शान से जीने वाला यह पौधा मनुष्य को विषम हालातों में अडिग रहने और अपने मन पर नियंत्रण रखने की प्रेरणा देता है। पाठ में इस शब्द की भाषाई उत्पत्ति और इसके सांस्कृतिक महत्व पर भी गहराई से विचार किया गया है। अंततः, यह स्रोत रेखांकित करता है कि असली सुख स्वतंत्रता और अपने मन को वश में रखने में है, न कि दूसरों की चाटुकारिता करने में। पाठ "कुटज" के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर: 1. कुटज को 'गाढ़े का साथी' क्यों कहा गया है? कालिदास के महाकाव्य 'मेघदूत' में यक्ष को रामगिरि पर्वत पर जब बादलों से प्रार्थना (अभ्यर्थना) करनी थी, तब उसे ताज़े कुटज पुष्पों की अंजलि देकर ही संतोष करना पड़ा था । उस समय वहाँ चंपक, बकुल, नीलोत्पल आदि कोई फूल नहीं था, केवल कुटज ही मौजूद था जिसने संतप्त यक...

CBSE Board class 12 Hindi antra ch-16

यह स्रोत प्रसिद्ध लेखिका ममता कालिया के संक्षिप्त जीवन परिचय और उनकी प्रसिद्ध कहानी 'दूसरा देवदास' का विवरण प्रस्तुत करते हैं। लेखिका का जन्म मथुरा में हुआ था और वे अपनी सटीक भाषा-शैली एवं मानवीय संवेदनाओं के चित्रण के लिए जानी जाती हैं। उनकी यह कहानी हरिद्वार के धार्मिक परिवेश और हर की पौड़ी पर होने वाली भव्य आरती की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें युवा पात्रों, संभव और पारो, के बीच मन की हलचल और पहली मुलाकात से उपजे आकस्मिक प्रेम को बहुत ही खूबसूरती से दर्शाया गया है। यह रचना स्पष्ट करती है कि सच्चा अनुराग किसी विशेष समय या स्थान का मोहताज नहीं होता, बल्कि किसी भी परिस्थिति में अंकुरित हो सकता है। अंततः, यह पाठ प्रेम को केवल फिल्मी रूढ़ियों से अलग कर उसे एक पवित्र और स्थायी स्वरूप प्रदान करता है। यहाँ आपके द्वारा दिए गए पाठ "दूसरा देवदास" (लेखिका: ममता कालिया) के सभी प्रश्नों के सरल उत्तर और 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (विकल्प और उत्तर सहित) दिए गए हैं: पाठ के प्रश्नों के उत्तर: 1. पाठ के आधार पर हर की पौड़ी पर होने वाली गंगा जी की आरती का भावपूर्ण वर्णन अपने शब्दों में कीजिए। ...

CBSE Board class 12 Hindi antra ch-15

यह पाठ प्रसिद्ध साहित्यकार निर्मल वर्मा के जीवन और उनके महत्वपूर्ण साहित्यिक योगदान का एक विस्तृत परिचय देता है। इसमें मुख्य रूप से उनके यात्रा-वृत्तांत "जहाँ कोई वापसी नहीं" के अंश शामिल हैं, जो सिंगरौली क्षेत्र में औद्योगिक विकास के कारण होने वाले विस्थापन की त्रासदी को उजागर करते हैं। लेखक ने बहुत ही मार्मिक ढंग से दर्शाया है कि कैसे आधुनिक औद्योगीकरण न केवल पर्यावरण को नष्ट कर रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों को उनके घर, संस्कृति और परिवेश से हमेशा के लिए बेदखल कर उन्हें "नये शरणार्थी" बना रहा है। इस लेख के माध्यम से विकास और प्रकृति संरक्षण के बीच एक अनिवार्य संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। अंत में, यह स्रोत छात्रों के लिए अभ्यास प्रश्न और कठिन शब्दों के अर्थ भी प्रदान करता है ताकि वे इस सामाजिक और पर्यावरणीय समस्या को गहराई से समझ सकें। पाठ्यपुस्तक (अंतरा भाग-2) के अध्याय 'जहाँ कोई वापसी नहीं' (निर्मल वर्मा द्वारा रचित) के प्रश्न-अभ्यास के उत्तर निम्नलिखित हैं: 1. अमझर से आप क्या समझते हैं? अमझर गाँव में सूनापन क्यों है? उत्तर: अमझर सिंगरौली...

CBSE Board class 12 Hindi antra ch-14

यह पाठ असगर वजाहत की चार प्रतीकात्मक लघु कथाओं का संग्रह है, जो आधुनिक सत्ता और शोषण की व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करती हैं। लेखक ने 'शेर' के माध्यम से यह दिखाया है कि कैसे शासन प्रणाली जनता को लालच देकर निगल जाती है और विरोध करने पर हिंसक हो जाती है। 'पहचान' कहानी राजा द्वारा प्रजा को अंधा और बहरा बनाने की साजिश को उजागर करती है ताकि विकास के नाम पर तानाशाही कायम रहे। 'चार हाथ' में पूंजीपतियों द्वारा मजदूरों के अस्तित्व को मिटाकर उन्हें मशीन बनाने की निर्दयी कोशिशों का वर्णन है। अंततः, 'साझा' कहानी समाज के ताकतवर वर्ग द्वारा किसानों की मेहनत और फसल हड़पने की धूर्तता को स्पष्ट करती है। इन कहानियों के जरिए लेखक ने पूंजीवाद और सत्ता के पाखंड को बहुत ही प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया है। यहाँ आपके द्वारा दिए गए पाठ (असगर वजाहत की लघुकथाएँ - शेर, पहचान, चार हाथ और साझा) के 'प्रश्न-अभ्यास' में दिए गए सभी प्रश्नों के उत्तर और पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न उनके विकल्पों और उत्तरों के साथ दिए गए हैं: पाठ के 'प्रश्न-अभ्यास' के उत्तर शेर 1. लोमड़ी स्वेच्...

CBSE Board class 12 Hindi antra ch-13

यह पाठ प्रसिद्ध लेखक भीष्म साहनी के जीवन और उनके संस्मरण "गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफ़ात" का विस्तृत परिचय प्रस्तुत करता है। इसमें साहनी जी के शैक्षणिक सफर, उनकी प्रमुख रचनाओं और उनके साहित्य में उर्दू तथा पंजाबी भाषा के प्रभाव को रेखांकित किया गया है। मुख्य अंश उनके द्वारा सेवाग्राम में बिताए गए समय का वर्णन करता है, जहाँ उन्होंने महात्मा गांधी के साथ सुबह की सैर के जीवंत अनुभवों को साझा किया है। लेखक ने अपनी स्मृतियों के माध्यम से गांधी जी के सरल व्यक्तित्व और आश्रम के अनुशासित वातावरण का सुंदर चित्रण किया है। यह लेख न केवल एक व्यक्तिगत संस्मरण है, बल्कि यह देशप्रेम और मानवीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं को भी उजागर करता है। अंततः, यह पाठ पाठक को भीष्म साहनी की लेखनी और इतिहास की महान विभूतियों के करीब ले जाता है। आपके द्वारा दिए गए स्रोतों में "आज के अतीत" पाठ के प्रश्न-अभ्यास दिए गए हैं। मैं उन सभी प्रश्नों के उत्तर और पाठ पर आधारित 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (विकल्पों और उत्तर के साथ) नीचे दे रहा हूँ: पाठ के अभ्यास-प्रश्नों के उत्तर: 1. लेखक सेवाग्राम कब और क्यों गया था...

CBSE Board class 12 Hindi antra ch-12

यह पाठ प्रसिद्ध कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु के व्यक्तित्व और उनकी मार्मिक कहानी 'संवदिया' का विस्तृत परिचय प्रस्तुत करता है। लेखक ने अपनी रचनाओं में ग्रामीण समाज की मानवीय संवेदनाओं और क्षेत्रीय परिवेश को बहुत गहराई से चित्रित किया है। कहानी का मुख्य पात्र हरगोबिन एक संदेशवाहक है, जो एक असहाय और दुखी 'बड़ी बहुरिया' का करुण संदेश लेकर उसके मायके जाता है। वह विधवा स्त्री अपनी गरीबी और अकेलेपन से तंग आकर अपनी माँ की शरण में जाना चाहती है, लेकिन हरगोबिन गाँव की मर्यादा और सम्मान की खातिर यह दुखद संदेश नहीं सुना पाता। अंत में, वह अपनी गलती सुधारने का संकल्प लेकर वापस लौटता है और स्वयं को उस स्त्री की सेवा में समर्पित करने का निर्णय लेता है। यह संपूर्ण वृत्तांत ग्रामीण जीवन की विडंबनाओं और मानवीय भावनाओं के द्वंद्व को बहुत ही सुंदरता से उजागर करता है। पाठ 'संवदिया' के प्रश्न-अभ्यास के उत्तर: 1. संवदिया की क्या विशेषताएँ हैं और गाँववालों के मन में संवदिया की क्या अवधारणा है? संवदिया की मुख्य विशेषता यह होती है कि वह केवल एक संदेशवाहक नहीं होता, बल्कि संवाद के प्रत्येक शब्द ...

CBSE Board class 12 Hindi antra ch-11

यह पाठ पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी द्वारा रचित तीन लघु निबंधों का संकलन है, जो शिक्षा, धर्म और सामाजिक रूढ़ियों पर गहरा कटाक्ष करते हैं। "बालक बच गया" के माध्यम से लेखक बच्चों पर थोपे जाने वाले रटंत ज्ञान की आलोचना करते हुए उनके स्वाभाविक बचपन को बचाने की वकालत करते हैं। "घड़ी के पुर्जे" में धर्म के रहस्यों को केवल कुछ विशेषज्ञों तक सीमित रखने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाया गया है और आम आदमी की जिज्ञासा का समर्थन किया गया है। अंततः, "ढेले चुन लो" अंधविश्वासों और भाग्य के भरोसे जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रथा पर प्रहार करता है। ये सभी रचनाएं पाठक को तार्किक सोच अपनाने और समाज में व्याप्त जड़ मान्यताओं को चुनौती देने के लिए प्रेरित करती हैं। यहाँ आपके द्वारा दिए गए पाठ के आधार पर सभी प्रश्नों के उत्तर और पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न दिए जा रहे हैं: पाठ के प्रश्न-अभ्यास के उत्तर (क) बालक बच गया 1. बालक से उसकी उम्र और योग्यता से ऊपर के कौन-कौन से प्रश्न पूछे गए? उत्तर: आठ वर्ष के उस बालक से धर्म के दस लक्षण, नौ रसों के उदाहरण, पानी के चार डिग्री के नीचे शी...