CBSE Board class 11 Ncert economics chapter 7 Index Numbers q&a and MCQs

यह पाठ लचकांक (Index Numbers) की अवधारणा और उनके सांख्यिकीय महत्व पर आधारित एक विस्तृत शैक्षणिक सामग्री है। इसमें मुख्य रूप से कीमतों में बदलाव, औद्योगिक उत्पादन और जीवन स्तर के विश्लेषण के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न माध्यमों को समझाया गया है। लेखक ने लास्पेयर, पाशे और औसत मूल्य अनुपात जैसी विभिन्न गणना विधियों को उदाहरणों और सूत्रों के साथ स्पष्ट किया है। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और थोक मूल्य सूचकांक (WPI) जैसे महत्वपूर्ण सूचकांकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया है, जो अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति मापने में सहायक होते हैं। पाठ का उद्देश्य पाठकों को यह समझना है कि कैसे जटिल आर्थिक आंकड़ों को एक एकल सांख्यिकीय संख्या के माध्यम से सरल और तुलनात्मक बनाया जा सकता है। यह सामग्री विशेष रूप से भारतीय आर्थिक परिदृश्य और शेयर बाजार (Sensex) के संदर्भ में इन अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से प्रस्तुत करती है।

यहाँ आपके द्वारा दिए गए स्रोतों के आधार पर पाठ के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर और पाँच नए वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न दिए गए हैं:

पाठ के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर

1. मदों के सापेक्षिक महत्व को बताने वाले सूचकांक को क्या कहते हैं?
उत्तर: (क) भारित सूचकांक कहते हैं ।

2. अधिकांश भारित सूचकांकों में भार का संबंध किससे होता है?
उत्तर: (क) आधार वर्ष से होता है ।

3. ऐसी वस्तु जिसका सूचकांक में कम भार है, उसकी कीमत में परिवर्तन से सूचकांक में कैसा परिवर्तन होगा?
उत्तर: (क) कम ।

4. कोई उपभोक्ता कीमत सूचकांक किस परिवर्तन को मापता है?
उत्तर: (क) खुदरा कीमत ।

5. औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता कीमत सूचकांक में किस मद के लिए उच्चतम भार होता है?
उत्तर: (क) खाद्य-पदार्थ ।

6. सामान्यतः मुद्रा-स्फीति के परिकलन में किसका प्रयोग होता है?
उत्तर: (क) थोक कीमत सूचकांक ।

7. हमें सूचकांक की आवश्यकता क्यों होती है?
उत्तर: सूचकांक की आवश्यकता संबंधित चरों के समूह (जैसे कीमतें, उत्पादन की मात्रा) में समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को मापने के लिए होती है । यह नीति-निर्माण, मुद्रा की क्रय शक्ति मापने, वेतन समायोजन और मुद्रास्फीति दर को मापने में अत्यंत उपयोगी है ।

8. आधार अवधि के वांछित गुण क्या होते हैं?
उत्तर: आधार अवधि सामान्य होनी चाहिए और इसके लिए चरम (extreme) मानों को नहीं चुना जाना चाहिए। इसके अलावा, आधार अवधि अतीत में बहुत अधिक दूर (पुरानी) नहीं होनी चाहिए क्योंकि समय के साथ उपभोग की वस्तुओं की टोकरी में बदलाव आ जाता है ।

9. भिन्न उपभोक्ताओं के लिए भिन्न उपभोक्ता कीमत सूचकांकों की अनिवार्यता क्यों होती है?
उत्तर: भिन्न उपभोक्ता समूहों (जैसे औद्योगिक श्रमिक, कृषि मजदूर, शहरी कर्मचारी) की उपभोग की वस्तुएं और उनका महत्व (भार) अलग-अलग होता है। एक वस्तु की कीमत में परिवर्तन का प्रभाव सभी समूहों पर समान रूप से नहीं पड़ता, इसलिए अलग-अलग सूचकांक आवश्यक हैं ।

10. औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता कीमत सूचकांक क्या मापता है?
उत्तर: यह खुदरा कीमतों में औसत परिवर्तन को मापता है। यह बताता है कि यदि एक औद्योगिक श्रमिक आधार वर्ष में वस्तुओं की एक विशेष टोकरी पर 100 रु. व्यय करता था, तो वर्तमान में वैसी ही टोकरी खरीदने के लिए उसे कितने धन की आवश्यकता होगी ।

11. कीमत सूचकांक तथा मात्रा सूचकांक में क्या अंतर है?
उत्तर: कीमत सूचकांक वस्तुओं की कीमतों में होने वाले औसत परिवर्तन को मापता है, जबकि मात्रा सूचकांक (परिमाणात्मक सूचकांक) उत्पादन की भौतिक मात्रा, निर्माण तथा रोजगार में होने वाले परिवर्तन को मापता है ।

12. क्या किसी भी तरह का कीमत परिवर्तन एक कीमत सूचकांक में प्रतिबिंबित होता है?
उत्तर: नहीं, सूचकांक केवल उल्लेखित वस्तुओं की सूची (टोकरी) और उनके दिए गए भार के अनुसार कीमतों में होने वाले परिवर्तनों का ही औसत मापता है ।

13. क्या शहरी गैर-शारीरिक कर्मचारियों के लिए उपभोक्ता कीमत-सूचकांक भारत के राष्ट्रपति के निर्वाह लागत में परिवर्तन का प्रतिनिधित्व कर सकता है?
उत्तर: नहीं, क्योंकि राष्ट्रपति और एक शहरी गैर-शारीरिक कर्मचारी की उपभोग की वस्तुओं (मदों) और उन पर किए जाने वाले व्यय के अनुपात (भार) में बहुत बड़ा अंतर होता है ।

14. 1980 को आधार मानकर 2005 के लिए जीवन निर्वाह लागत का भारित सूचकांक:
उत्तर: सूचकांक निकालने के लिए $\frac{\sum WR}{\sum W}$ का प्रयोग किया जाता है ।
खाद्य पदार्थ: $R = (\frac{200}{100}) \times 100 = 200$, $W=75 \rightarrow WR = 15000$
कपड़े: $R = (\frac{25}{20}) \times 100 = 125$, $W=10 \rightarrow WR = 1250$
ईंधन एवं बिजली: $R = (\frac{20}{15}) \times 100 = 133.33$, $W=5 \rightarrow WR = 666.65$
मकान किराया: $R = (\frac{40}{30}) \times 100 = 133.33$, $W=6 \rightarrow WR = 800$
विविध: $R = (\frac{65}{35}) \times 100 = 185.71$, $W=4 \rightarrow WR = 742.84$
कुल भार ($\sum W$) = 100, कुल $WR$ ($\sum WR$) = 18459.49
सूचकांक = $18459.49 / 100 = 184.59$ ।

15. टिप्पणी (औद्योगिक उत्पादन सूचकांक):
उत्तर: 1996-97 से 2003-04 के बीच सभी क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ा है। सबसे अधिक वृद्धि विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र में (133.6 से 196.6) हुई है, जिसका सूचकांक में सबसे अधिक भार (79.58%) भी है ।

16. परिवार में उपभोग की जाने वाली वस्तुओं की सूची:
उत्तर: (यह एक व्यावहारिक गतिविधि है। सामान्यतः इसमें राशन, दूध, बिजली, किराया, कपड़े, परिवहन आदि शामिल होते हैं) ।

17. जीवन-स्तर बनाए रखने के लिए वेतन में वृद्धि:
उत्तर: आधार वर्ष में वेतन = 4000 रु.। वर्तमान CPI = 400। वर्तमान में आवश्यक वेतन = $4000 \times \frac{400}{100} = 16000$ रु.।
अतः वेतन को बढ़ाकर 16000 रु. कर देना चाहिए ।

18. खाद्य पदार्थों का भार (प्रतिशत में):
उत्तर: माना खाद्य का भार $W$ है, तो अन्य मदों का भार $(100-W)$ होगा।
सूत्र: $120W + 135(100 - W) = 125 \times 100$
$120W + 13500 - 135W = 12500$
$15W = 1000 \rightarrow W = 66.67\%$
अतः खाद्य पदार्थों का भार 66.67% है ।

19. 1995 की तुलना में 2004 में निर्वाह सूचकांक:
उत्तर: $\frac{\sum WR}{\sum W}$ का प्रयोग करने पर:
खाद्य: $R = (\frac{1500}{1400}) \times 100 = 107.14$, $W=35 \rightarrow WR=3750$
ईंधन: $R = (\frac{250}{200}) \times 100 = 125$, $W=10 \rightarrow WR=1250$
कपड़ा: $R = (\frac{750}{500}) \times 100 = 150$, $W=20 \rightarrow WR=3000$
किराया: $R = (\frac{300}{200}) \times 100 = 150$, $W=15 \rightarrow WR=2250$
विविध: $R = (\frac{400}{250}) \times 100 = 160$, $W=20 \rightarrow WR=3200$
$\sum WR = 13450$, $\sum W = 100$
सूचकांक = 134.50 ।

20. (व्यावहारिक गतिविधि):
उत्तर: यह प्रश्न छात्रों द्वारा स्वयं डेटा इकट्ठा करने के लिए है ।

21. सूचकांकों के सापेक्षिक मानों पर टिप्पणी:
उत्तर: (क) सभी सूचकांक समय के साथ बढ़ रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था में सामान्य मुद्रास्फीति (महंगाई) को दर्शाता है। (ख) चूँकि इन सूचकांकों के आधार वर्ष और उपभोक्ता समूह अलग-अलग हैं, इसलिए इनकी सीधी तुलना (Direct Comparison) पूरी तरह से सटीक नहीं है, हालांकि ये समग्र प्रवृत्तियों को दर्शाने में उपयोगी हैं ।

22. परिवार के लिए औसत GST दर:
उत्तर: औसत GST दर निकालने के लिए भारित माध्य का उपयोग किया गया है। यहाँ $\sum W = 3500$ और $\sum WX = 338$ है।
अतः औसत दर = $\frac{338}{3500} \times 100 = 9.66\%$ ।

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पाँच नए वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न

प्रश्न 1: आधार-अवधि में सूचकांक का मान कितना माना जाता है?
(A) 0
(B) 100
(C) 1000
(D) 1
उत्तर: (B) 100

प्रश्न 2: लेसपेयर (Laspeyres) कीमत सूचकांक गणना में भार (Weight) के रूप में किसका प्रयोग किया जाता है?
(A) वर्तमान अवधि की मात्रा
(B) आधार अवधि की मात्रा
(C) दोनों अवधियों का औसत
(D) केवल वस्तुओं की कीमत
उत्तर: (B) आधार अवधि की मात्रा

प्रश्न 3: किस सूचकांक का प्रयोग अर्थव्यवस्था में उत्पादन की भौतिक मात्रा में परिवर्तन मापने के लिए किया जाता है?
(A) उपभोक्ता कीमत सूचकांक
(B) थोक कीमत सूचकांक
(C) परिमाणात्मक सूचकांक / उत्पादन सूचकांक
(D) मानव विकास सूचकांक
उत्तर: (C) परिमाणात्मक सूचकांक / उत्पादन सूचकांक

प्रश्न 4: पाशे (Paasche) का कीमत सूचकांक भार के रूप में किसका प्रयोग करता है?
(A) वर्तमान अवधि की मात्रा (Current period quantities)
(B) आधार अवधि की मात्रा
(C) आधार अवधि की कीमत
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A) वर्तमान अवधि की मात्रा

प्रश्न 5: भारत में सामान्यतः 'हेडलाइन मुद्रास्फीति' (Headline Inflation) की दर को व्यक्त करने के लिए किस सूचकांक को कहा जाता है?
(A) उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI)
(B) समग्र वस्तु मुद्रास्फीति दर (थोक कीमत सूचकांक के आधार पर)
(C) औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP)
(D) सेंसेक्स (Sensex)
उत्तर: (B) समग्र वस्तु मुद्रास्फीति दर (थोक कीमत सूचकांक के आधार पर)

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