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Bihar Board class 12 physics ch-5 magnetism and matter bar magnets and Magnetic fields notes and 20 important MCQs

यह पाठ चुंबकत्व और द्रव्य के सिद्धांतों की विस्तृत व्याख्या करता है, जिसमें बार मैग्नेट और धारावाही परिनालिका के बीच की समानता को मुख्य रूप से दर्शाया गया है। इसमें चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुणों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया है कि ये रेखाएं हमेशा सतत बंद लूप बनाती हैं। लेखक ने चुंबकत्व के लिए गॉस के नियम को स्पष्ट किया है, जो यह प्रमाणित करता है कि प्रकृति में स्वतंत्र चुंबकीय एकल ध्रुवों का कोई अस्तित्व नहीं होता। इसके अतिरिक्त, पाठ में स्थिर वैद्युतिकी और चुंबकत्व के बीच तुलनात्मक समीकरणों के माध्यम से समानताएं स्थापित की गई हैं। उदाहरणों और चित्रों के प्रयोग से विभिन्न परिस्थितियों में चुंबकीय सुई के संतुलन और स्थितिज ऊर्जा को भी गहराई से समझाया गया है। अंततः, यह स्रोत पाठकों को पदार्थ के चुंबकीय गुणों और उनके वर्गीकरण के बुनियादी वैज्ञानिक आधार से परिचित कराता है। चुंबकत्व एवं द्रव्य: विस्तृत नोट्स 1. चुंबकत्व की बुनियादी अवधारणाएं परिचय: चुंबकत्व की घटना प्रकृति में सार्वभौमिक है। 'चुंबक' शब्द की उत्पत्ति यूनान के एक द्वीप 'मैग्नेशिया' से हुई है, जहाँ 600 ईसा पूर...

CBSE Board class 12 bhugol ch-1 human geography: nature and scope 15 important MCQs and notes

इस पाठ 'मानव भूगोल: प्रकृति एवं विषय क्षेत्र' के विस्तृत नोट्स और 15 वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर सहित नीचे दिए गए हैं: मानव भूगोल: विस्तृत नोट्स 1. मानव भूगोल की परिभाषा और अर्थ: भूगोल एक समाकलनात्मक (integrative), आनुभविक (empirical) एवं व्यावहारिक विषय है । मानव भूगोल भौतिक/प्राकृतिक जगत और मानवीय जगत के बीच संबंधों, मानवीय परिघटनाओं के स्थानिक वितरण और सामाजिक-आर्थिक विभिन्नताओं का अध्ययन करता है । प्रमुख भूगोलवेत्ताओं की परिभाषाएँ: रैटजेल: मानव भूगोल मानव समाजों और धरातल के बीच संबंधों का संश्लेषित अध्ययन है । एलेन सी. सेम्पल: मानव भूगोल अस्थिर पृथ्वी और क्रियाशील मानव के बीच परिवर्तनशील संबंधों का अध्ययन है । पॉल विडाल डी ला ब्लाश: पृथ्वी को नियंत्रित करने वाले भौतिक नियमों तथा इस पर रहने वाले जीवों के मध्य संबंधों के अधिक संश्लेषित ज्ञान से उत्पन्न संकल्पना । 2. प्रकृति और मानव के बीच अंतर्संबंध: प्रकृति और मानव अविभाज्य तत्व हैं, जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता । दोनों का वर्णन अक्सर मानव शरीर रचना विज्ञान के रूपकों (metaphors) में किया जाता है, जैसे: पृथ्वी का 'रूप', ...

CBSE Board class 12 bhugol ch-1 human geography: nature and scope important question and answer

यह पाठ एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित कक्षा 12 की भूगोल की पाठ्यपुस्तक का पहला अध्याय है, जो मानव भूगोल की प्रकृति और विषय क्षेत्र को विस्तार से समझाता है। इसमें मुख्य रूप से प्रकृति और मानव के बीच के अटूट संबंधों का विश्लेषण किया गया है, जिसमें पर्यावरणीय निश्चयवाद और संभववाद जैसी प्रमुख विचारधाराओं पर चर्चा की गई है। स्रोत में तकनीकी विकास की भूमिका को स्पष्ट करते हुए यह बताया गया है कि कैसे मनुष्य ने प्राकृतिक नियमों को समझकर पर्यावरण की सीमाओं को कम किया है। इसके अतिरिक्त, मानव भूगोल को एक अंतर्विषयक क्षेत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान जैसे अन्य सामाजिक विज्ञानों से गहरा संबंध रखता है। पाठ में ग्रिफिथ टेलर द्वारा प्रतिपादित 'नवनिश्चयवाद' की अवधारणा के माध्यम से प्रकृति और विकास के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है। अंत में, विभिन्न तालिकाओं और मानचित्रों के माध्यम से मानव भूगोल के उप-क्षेत्रों और इसके ऐतिहासिक विकास के चरणों का व्यवस्थित विवरण प्रदान किया गया है। दिए गए पाठ के आधार पर पाठ के प्रश्नों के उत्तर निम...

CBSE Board class 12 bhugol ch-2 global population notes and 15 important MCQs

इस पाठ "विश्व जनसंख्या: वितरण, घनत्व और वृद्धि" के विस्तृत नोट्स और वस्तुनिष्ठ प्रश्न निम्नलिखित हैं: विस्तृत नोट्स 1. जनसंख्या का महत्व और वितरण: किसी भी देश के निवासी ही उसका वास्तविक धन और संसाधन होते हैं, क्योंकि वे ही अन्य संसाधनों का उपयोग करते हैं और नीतियां निर्धारित करते हैं । विश्व की जनसंख्या का वितरण अत्यंत असमान है। जॉर्ज बी. क्रेसी के अनुसार, "एशिया में बहुत अधिक स्थानों पर कम लोग और कम स्थानों पर बहुत अधिक लोग रहते हैं" । विश्व की 90 प्रतिशत जनसंख्या इसके मात्र 10 प्रतिशत स्थल भाग पर निवास करती है । विश्व के 10 सर्वाधिक आबादी वाले देशों में दुनिया की लगभग 60 प्रतिशत जनसंख्या रहती है, जिनमें से 6 देश एशिया में हैं । 2. जनसंख्या का घनत्व: जनसंख्या घनत्व का अर्थ लोगों की संख्या और भूमि के आकार के बीच का अनुपात है। इसे आमतौर पर प्रति वर्ग किलोमीटर रहने वाले व्यक्तियों के रूप में मापा जाता है । सूत्र: जनसंख्या घनत्व = जनसंख्या / क्षेत्रफल । 3. जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक: भौगोलिक कारक: जल की उपलब्धता (नदी घाटियाँ सघन बसी हैं), भू-आकृति (समतल ...

CBSE Board class 12 bhugol ch-2 global population important question answer

यह स्रोत विश्व जनसंख्या के वितरण, घनत्व और वृद्धि के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करता है। इसमें बताया गया है कि किसी भी राष्ट्र की असली पूंजी वहां के लोग होते हैं, जो संसाधनों के उपयोग और नीतियों का निर्धारण करते हैं। पाठ में जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक कारकों जैसे जल की उपलब्धता, जलवायु और औद्योगिकीकरण पर विस्तार से चर्चा की गई है। इसके अतिरिक्त, यह जनसांख्यिकीय संक्रमण सिद्धांत की व्याख्या करता है, जो समाज के ग्रामीण से शहरी और औद्योगिक बनने की प्रक्रियाओं को दर्शाता है। स्रोत में जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास जैसे जनसंख्या परिवर्तन के घटकों को भी स्पष्ट किया गया है। अंततः, यह जनसंख्या नियंत्रण के उपायों और थॉमस माल्थस के सिद्धांतों के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों का अवलोकन प्रदान करता है। दिए गए पाठ के आधार पर पाठ (अध्याय 2: विश्व जनसंख्या: वितरण, घनत्व और वृद्धि) के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर निम्नलिखित हैं: 1. सही विकल्प चुनिए: (i) किस महाद्वीप में जनसंख्या वृद्धि सर्वाधिक है? उत्तर: (क) अफ्रीका । (नोट: यद्यपि स्रोत विभिन्न अवस्थाओं का वर्णन करते ...

CBSE Board class 12 Hindi antral ch-3

यह पाठ प्रभाष जोशी द्वारा रचित है, जिसमें मालवा प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, वहां की नदियों और सांस्कृतिक वैभव का सजीव चित्रण किया गया है। लेखक ने आधुनिक औद्योगिक विकास को "खाऊ-उजाड़ू सभ्यता" की संज्ञा दी है, जिसके कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है और सदियों पुरानी नदियाँ अब नालों में तब्दील हो रही हैं। वे बताते हैं कि कैसे मालवा की धरती पहले अपनी प्रचुरता और जल प्रबंधन के लिए प्रसिद्ध थी, लेकिन अब पश्चिमी जीवनशैली के अंधानुकरण ने इसे विनाश की कगार पर खड़ा कर दिया है। इसमें नर्मदा, क्षिप्रा और चंबल जैसी नदियों की वर्तमान स्थिति के माध्यम से वैश्विक तापन और पारिस्थितिक संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। इस आलेख का मुख्य उद्देश्य पाठकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देना है। यह रचना विकास के नाम पर हो रहे विनाश और प्रकृति के साथ हमारे बदलते संबंधों का एक गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत करती है। यहाँ पाठ में दिए गए सभी प्रश्नों के उत्तर और पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न उनके विकल्पों और उत्तरों के साथ दिए गए हैं: पाठ के अभ्यास प्रश्नों...

CBSE Board class 12 Hindi antral ch-2

यह पाठ विश्वनाथ त्रिपाठी की आत्मकथा का एक अंश है, जिसमें उन्होंने अपने गाँव बिसकोहर की यादों को संजोया है। लेखक ने ग्रामीण जीवन की सादा जीवनशैली, लोक मान्यताओं और वहां के प्राकृतिक परिवेश का सजीव वर्णन किया है। इस वृत्तांत में विभिन्न प्रकार के फूलों, वनस्पतियों और जीव-जंतुओं के साथ लेखक के गहरे जुड़ाव को दिखाया गया है, जो शहरी चकाचौंध से दूर प्रकृति पर निर्भर हैं। यहाँ माँ के ममतामयी स्वरूप की तुलना एक सुरक्षात्मक बत्तख से की गई है, जो अपने बच्चों को हर खतरे से बचाती है। पूरी रचना क्षेत्रीय सौंदर्य और बचपन के उन अनुभवों को उजागर करती है जहाँ डर और आकर्षण साथ-साथ चलते हैं। अंततः, यह लेख पाठक को गाँव की मिट्टी और वहां के नैसर्गिक जीवन की सच्चाई से रूबरू कराता है। यहाँ 'बिस्कोहर की माटी' पाठ के अंत में दिए गए 'प्रश्न-अभ्यास' और 'योग्यता-विस्तार' के सभी प्रश्नों के उत्तर और पाठ पर आधारित 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) दिए गए हैं: प्रश्न-अभ्यास के उत्तर: 1. कोइयाँ किसे कहते हैं? उसकी विशेषताएँ बताइए। उत्तर: 'कोइयाँ' एक प्रकार का जलपुष्प है जिसे कुमुद या कोका-बेली...

CBSE Board class 12 Hindi antral ch-1

यह पाठ मुंशी प्रेमचंद के प्रसिद्ध उपन्यास 'रंगभूमि' के एक अंश 'सूरदास की झोपड़ी' पर आधारित है, जो एक अंधे भिखारी सूरदास के संघर्ष और अदम्य साहस को दर्शाता है। कहानी में भैरव नामक व्यक्ति अपनी पत्नी सुभागी की सहायता करने पर सूरदास से ईर्ष्या करता है और बदले की भावना में उसकी झोपड़ी को आग लगा देता है तथा उसकी जीवन भर की पूंजी चुरा लेता है। सूरदास अपनी आर्थिक हानि को जगधर से छिपाने का प्रयास करता है क्योंकि उसे लगता है कि एक भिखारी के पास धन का संग्रह होना समाज में अपमान की बात है। अपने सपनों की राख को देखकर वह शुरू में टूट जाता है, लेकिन बच्चों की बातों से प्रेरित होकर वह पुनर्निर्माण का संकल्प लेता है। अंततः, यह लेख सूरदास के उस दृढ़ व्यक्तित्व को रेखांकित करता है जो प्रतिशोध के बजाय सकारात्मकता और बार-बार सृजन करने में विश्वास रखता है। यहाँ 'सूरदास की झोंपड़ी' पाठ में दिए गए सभी अभ्यास-प्रश्नों के उत्तर और पाठ पर आधारित पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) दिए गए हैं: पाठ्यपुस्तक के अभ्यास-प्रश्नों के उत्तर 1. 'चूल्हा ठंडा किया होता, तो दुश्मनों का कलेजा कैसे ठंडा ...

CBSE Board class 12 Hindi antra ch-17

यह पाठ प्रसिद्ध साहित्यकार हजारी प्रसाद द्विवेदी के जीवन, उनकी कृतियों और उनके प्रसिद्ध निबंध 'कुटज' का विस्तृत परिचय देता है। लेखक के अनुसार, कुटज हिमालय की पथरीली ऊंचाइयों पर उगने वाला एक ऐसा जंगली पौधा है जो अपनी अजेय जिजीविषा और आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी शान से जीने वाला यह पौधा मनुष्य को विषम हालातों में अडिग रहने और अपने मन पर नियंत्रण रखने की प्रेरणा देता है। पाठ में इस शब्द की भाषाई उत्पत्ति और इसके सांस्कृतिक महत्व पर भी गहराई से विचार किया गया है। अंततः, यह स्रोत रेखांकित करता है कि असली सुख स्वतंत्रता और अपने मन को वश में रखने में है, न कि दूसरों की चाटुकारिता करने में। पाठ "कुटज" के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर: 1. कुटज को 'गाढ़े का साथी' क्यों कहा गया है? कालिदास के महाकाव्य 'मेघदूत' में यक्ष को रामगिरि पर्वत पर जब बादलों से प्रार्थना (अभ्यर्थना) करनी थी, तब उसे ताज़े कुटज पुष्पों की अंजलि देकर ही संतोष करना पड़ा था । उस समय वहाँ चंपक, बकुल, नीलोत्पल आदि कोई फूल नहीं था, केवल कुटज ही मौजूद था जिसने संतप्त यक...

CBSE Board class 12 Hindi antra ch-16

यह स्रोत प्रसिद्ध लेखिका ममता कालिया के संक्षिप्त जीवन परिचय और उनकी प्रसिद्ध कहानी 'दूसरा देवदास' का विवरण प्रस्तुत करते हैं। लेखिका का जन्म मथुरा में हुआ था और वे अपनी सटीक भाषा-शैली एवं मानवीय संवेदनाओं के चित्रण के लिए जानी जाती हैं। उनकी यह कहानी हरिद्वार के धार्मिक परिवेश और हर की पौड़ी पर होने वाली भव्य आरती की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें युवा पात्रों, संभव और पारो, के बीच मन की हलचल और पहली मुलाकात से उपजे आकस्मिक प्रेम को बहुत ही खूबसूरती से दर्शाया गया है। यह रचना स्पष्ट करती है कि सच्चा अनुराग किसी विशेष समय या स्थान का मोहताज नहीं होता, बल्कि किसी भी परिस्थिति में अंकुरित हो सकता है। अंततः, यह पाठ प्रेम को केवल फिल्मी रूढ़ियों से अलग कर उसे एक पवित्र और स्थायी स्वरूप प्रदान करता है। यहाँ आपके द्वारा दिए गए पाठ "दूसरा देवदास" (लेखिका: ममता कालिया) के सभी प्रश्नों के सरल उत्तर और 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (विकल्प और उत्तर सहित) दिए गए हैं: पाठ के प्रश्नों के उत्तर: 1. पाठ के आधार पर हर की पौड़ी पर होने वाली गंगा जी की आरती का भावपूर्ण वर्णन अपने शब्दों में कीजिए। ...

CBSE Board class 12 Hindi antra ch-15

यह पाठ प्रसिद्ध साहित्यकार निर्मल वर्मा के जीवन और उनके महत्वपूर्ण साहित्यिक योगदान का एक विस्तृत परिचय देता है। इसमें मुख्य रूप से उनके यात्रा-वृत्तांत "जहाँ कोई वापसी नहीं" के अंश शामिल हैं, जो सिंगरौली क्षेत्र में औद्योगिक विकास के कारण होने वाले विस्थापन की त्रासदी को उजागर करते हैं। लेखक ने बहुत ही मार्मिक ढंग से दर्शाया है कि कैसे आधुनिक औद्योगीकरण न केवल पर्यावरण को नष्ट कर रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों को उनके घर, संस्कृति और परिवेश से हमेशा के लिए बेदखल कर उन्हें "नये शरणार्थी" बना रहा है। इस लेख के माध्यम से विकास और प्रकृति संरक्षण के बीच एक अनिवार्य संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। अंत में, यह स्रोत छात्रों के लिए अभ्यास प्रश्न और कठिन शब्दों के अर्थ भी प्रदान करता है ताकि वे इस सामाजिक और पर्यावरणीय समस्या को गहराई से समझ सकें। पाठ्यपुस्तक (अंतरा भाग-2) के अध्याय 'जहाँ कोई वापसी नहीं' (निर्मल वर्मा द्वारा रचित) के प्रश्न-अभ्यास के उत्तर निम्नलिखित हैं: 1. अमझर से आप क्या समझते हैं? अमझर गाँव में सूनापन क्यों है? उत्तर: अमझर सिंगरौली...

CBSE Board class 12 Hindi antra ch-14

यह पाठ असगर वजाहत की चार प्रतीकात्मक लघु कथाओं का संग्रह है, जो आधुनिक सत्ता और शोषण की व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करती हैं। लेखक ने 'शेर' के माध्यम से यह दिखाया है कि कैसे शासन प्रणाली जनता को लालच देकर निगल जाती है और विरोध करने पर हिंसक हो जाती है। 'पहचान' कहानी राजा द्वारा प्रजा को अंधा और बहरा बनाने की साजिश को उजागर करती है ताकि विकास के नाम पर तानाशाही कायम रहे। 'चार हाथ' में पूंजीपतियों द्वारा मजदूरों के अस्तित्व को मिटाकर उन्हें मशीन बनाने की निर्दयी कोशिशों का वर्णन है। अंततः, 'साझा' कहानी समाज के ताकतवर वर्ग द्वारा किसानों की मेहनत और फसल हड़पने की धूर्तता को स्पष्ट करती है। इन कहानियों के जरिए लेखक ने पूंजीवाद और सत्ता के पाखंड को बहुत ही प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया है। यहाँ आपके द्वारा दिए गए पाठ (असगर वजाहत की लघुकथाएँ - शेर, पहचान, चार हाथ और साझा) के 'प्रश्न-अभ्यास' में दिए गए सभी प्रश्नों के उत्तर और पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न उनके विकल्पों और उत्तरों के साथ दिए गए हैं: पाठ के 'प्रश्न-अभ्यास' के उत्तर शेर 1. लोमड़ी स्वेच्...