CBSE Board class 11 physics ch-9 mechanical properties of fluids

यह पाठ एनसीईआरटी भौतिकी के नौवें अध्याय का अंश है, जो मुख्य रूप से तरलों के यांत्रिकी गुणों की व्याख्या करता है। इसमें द्रवों और गैसों के मौलिक व्यवहार, जैसे कि उनका प्रवाह, घनत्व और संपीड्यता, को ठोस पदार्थों की तुलना में स्पष्ट किया गया है। लेखक ने पास्कल के नियम और गहराई के साथ दाब में होने वाले परिवर्तनों जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों को वैज्ञानिक सूत्रों के साथ समझाया है। इसके अतिरिक्त, दैनिक जीवन में उपयोगी उपकरणों जैसे हाइड्रोलिक लिफ्ट, बैरोमीटर और मैनोमीटर की कार्यप्रणाली पर भी प्रकाश डाला गया है। अंत में, यह स्रोत धारा रेखीय प्रवाह और बरनौली के सिद्धांत के माध्यम से गतिशील तरलों के ऊर्जा संरक्षण और वेग के गणितीय विवरण को प्रस्तुत करता है।

यहाँ दिए गए पाठ (तरलों के यांत्रिकी गुण) के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर और पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न दिए गए हैं:


पाठ के अभ्यास प्रश्नों (9.1 से 9.20) के उत्तर


9.1 स्पष्ट कीजिए क्यों:

(a) मस्तिष्क की अपेक्षा मानव का पैरों पर रक्त चाप अधिक होता है।

उत्तर: द्रव स्तंभ का दाब गहराई ($h$) के साथ $P = P_a + \rho gh$ सूत्र के अनुसार बढ़ता है । चूँकि पैर हृदय और मस्तिष्क की तुलना में अधिक गहराई (नीचे) पर होते हैं, इसलिए वहाँ रक्त चाप अधिक होता है।

(b) 6 km ऊँचाई पर वायुमंडलीय दाब समुद्र तल का लगभग आधा हो जाता है, यद्यपि वायुमंडल 100 km तक है।

उत्तर: ऊँचाई के साथ वायु का घनत्व एकसमान नहीं रहता बल्कि तेजी से घटता जाता है । इसलिए अधिकांश वायुमंडलीय द्रव्यमान और दाब निचली परतों में ही संकेंद्रित होता है।

(c) द्रवस्थैतिक दाब एक अदिश राशि है।

उत्तर: दाब को कोई विशिष्ट दिशा नहीं दी जा सकती । यह तरल के भीतर किसी भी क्षेत्रफल पर हमेशा अभिलंबवत कार्य करता है, चाहे क्षेत्रफल का अभिविन्यास कुछ भी हो । दाब के सूत्र में बल का केवल अभिलंबवत घटक लिया जाता है, न कि सदिश बल ।


9.2 स्पष्ट कीजिए क्यों:

(a) पारे का काँच के साथ स्पर्श कोण अधिककोण जबकि जल का न्यूनकोण होता है।

उत्तर: यह ठोस-द्रव, ठोस-वायु और द्रव-वायु के बीच पृष्ठीय तनाव पर निर्भर करता है। पारे के लिए ठोस-द्रव अंतरपृष्ठ तनाव ($S_{sl}$) द्रव-वायु ($S_{la}$) से अधिक होता है, जिससे $\cos \theta$ ऋणात्मक हो जाता है और कोण अधिककोण बनता है ।

(b) जल काँच पर फैलता है जबकि पारा बूँदें बनाता है।

उत्तर: जल का स्पर्श कोण न्यूनकोण होता है इसलिए यह ठोस (काँच) को भिगो देता है और फैल जाता है। पारे का स्पर्श कोण अधिककोण होता है इसलिए यह काँच को नहीं भिगोता और सिकुड़कर गोल बूँद बन जाता है ।

(c) पृष्ठ तनाव पृष्ठ के क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता।

उत्तर: पृष्ठ तनाव प्रति एकांक क्षेत्रफल की पृष्ठीय ऊर्जा या प्रति एकांक लंबाई पर लगने वाला बल है । यह क्षेत्रफल पर नहीं, बल्कि तरल की प्रकृति और ताप पर निर्भर करता है ।

(d) जल में घुले अपमार्जकों के स्पर्श कोण कम होने चाहिए।

उत्तर: अपमार्जक मिलाने पर स्पर्श कोण छोटा हो जाता है जिससे वे कपड़ों के रेशों के अंदर अच्छी तरह घुसकर सफाई कर पाते हैं ।

(e) बाह्य बल न होने पर द्रव की बूँद गोलाकार होती है।

उत्तर: किसी दिए गए आयतन के लिए गोले का पृष्ठ क्षेत्रफल सबसे कम होता है । द्रव हमेशा अपनी पृष्ठीय ऊर्जा को न्यूनतम रखने का प्रयास करता है, इसलिए वह गोलाकार आकृति ले लेता है ।


9.3 रिक्त स्थानों की पूर्ति:

(a) द्रवों का पृष्ठ तनाव ताप बढ़ने पर घटता है ।

(b) गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर बढ़ती है, जबकि द्रवों की श्यानता ताप बढ़ने पर घटती है ।

(c) ठोसों के लिए अपरूपण प्रतिबल अपरूपण विकृति के अनुक्रमानुपाती होता है, जबकि द्रवों के लिए यह अपरूपण विकृति की दर के अनुक्रमानुपाती होता है।

(d) संकीर्णन पर चाल में वृद्धि सांतत्य समीकरण (द्रव्यमान का संरक्षण) का अनुसरण करती है ।

(e) (ध्यान दें: विक्षोभ की चाल से संबंधित स्पष्ट जानकारी दिए गए स्रोतों में नहीं है, लेकिन भौतिकी के सामान्य नियमों के अनुसार मॉडल में विक्षोभ की चाल वास्तविक से अधिक रखी जाती है)।


9.4 कारण स्पष्ट कीजिए:

(a) कागज़ को क्षैतिज रखने के लिए ऊपर फूँक मारनी चाहिए।

उत्तर: बर्नूली के सिद्धांत के अनुसार, वेग बढ़ने पर दाब कम हो जाता है । ऊपर फूँक मारने से कागज़ के ऊपर वायु का वेग बढ़ता है और दाब कम हो जाता है, जिससे नीचे का अधिक दाब कागज़ को ऊपर उठा देता है।

(c) सुई का आकार प्रवाह नियंत्रित करता है।

उत्तर: सांतत्य समीकरण ($Av = \text{स्थिरांक}$) के अनुसार, सुई का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल ($A$) छोटा होने के कारण प्रवाह का वेग ($v$) इसी से निर्धारित होता है ।

(d) तरल पात्र पर पीछे की ओर प्रणोद लगाता है।

उत्तर: जब तरल वेग से बाहर निकलता है, तो संवेग संरक्षण (राकेट नोदन की तरह) के कारण यह पात्र पर पीछे की ओर प्रतिक्रिया बल (प्रणोद) लगाता है ।

(e) चक्रण करती गेंद परवलीय पथ पर नहीं चलती।

उत्तर: मैग्नस प्रभाव के कारण चक्रण करती गेंद के ऊपर और नीचे वायु के वेग में अंतर आ जाता है, जिससे दाबांतर उत्पन्न होता है और गेंद पर एक नेट ऊर्ध्वमुखी बल लगता है जो उसके पथ को बदल देता है ।


9.5 एड़ी द्वारा आरोपित दाब:

उत्तर: दाब $P = \frac{F}{A}$ ।

बल $F = mg = 50 \times 9.8 = 490 \, \text{N}$ ।

क्षेत्रफल $A = \pi r^2 = 3.14 \times (0.5 \times 10^{-2})^2 = 7.85 \times 10^{-5} \, \text{m}^2$।

दाब $P = \frac{490}{7.85 \times 10^{-5}} = 6.24 \times 10^6 \, \text{Pa}$ ।


9.6 शराब-स्तंभ की ऊँचाई:

उत्तर: $P_a = \rho gh$ ।

$h = \frac{P_a}{\rho g} = \frac{1.013 \times 10^5}{984 \times 9.8} \approx 10.5 \, \text{m}$ ।


9.7 समुद्र तल पर संरचना:

उत्तर: 3 km गहराई पर दाब $P = \rho gh = 1030 \times 10 \times 3000 = 3.09 \times 10^7 \, \text{Pa}$ ।

चूँकि यह दाब संरचना के अधिकतम सहनीय प्रतिबल ($10^9 \, \text{Pa}$) से बहुत कम है, अतः यह संरचना उपयुक्त है।


9.8 हाइड्रोलिक लिफ्ट का दाब:

उत्तर: $P = \frac{F}{A} = \frac{3000 \times 9.8}{425 \times 10^{-4}} \approx 6.9 \times 10^5 \, \text{Pa}$ ।


9.9 U-नली में स्पिरिट का आपेक्षिक घनत्व:

उत्तर: दोनों भुजाओं में दाब समान होगा: $\rho_{water} \times g \times h_{water} = \rho_{spirit} \times g \times h_{spirit}$ ।

$1 \times 10 = \text{आपेक्षिक घनत्व} \times 12.5$

आपेक्षिक घनत्व = $\frac{10}{12.5} = 0.8$।


9.10 U-नली में 15 cm और द्रव डालने पर:

उत्तर: नया जल स्तंभ = 25 cm, नया स्पिरिट स्तंभ = 27.5 cm। जल का दाब अधिक होगा।

दाबांतर = $(25 \times 1) - (27.5 \times 0.8) = 25 - 22 = 3 \, \text{cm}$ (जल स्तंभ के समतुल्य)।

पारे के स्तर में अंतर = $\frac{3}{13.6} \approx 0.22 \, \text{cm}$ ।


9.11 क्षिप्रिका (rapid) में बर्नूली का समीकरण:

उत्तर: नहीं। बर्नूली का समीकरण अश्यान और अपरिवर्ती (धारारेखीय) प्रवाह के लिए लागू होता है । क्षिप्रिका में प्रवाह प्रक्षुब्ध (turbulent) होता है ।


9.12 बर्नूली समीकरण में निरपेक्ष vs गेज़ दाब:

उत्तर: कोई अंतर नहीं पड़ेगा, बशर्ते प्रणाली के दोनों बिंदुओं पर वायुमंडलीय दाब समान हो, क्योंकि समीकरण में दाबांतर ($P_1 - P_2$) का उपयोग होता है ।


9.13 ग्लिसरीन प्रवाह में दाबांतर:

उत्तर: (ध्यान दें: श्यान द्रव के लिए नली में दाबांतर की गणना का सटीक सूत्र (पॉइजुली का नियम) दिए गए स्रोतों में मौजूद नहीं है। स्रोतों के अनुसार श्यानता के कारण ऊर्जा का ह्रास होता है जिससे दाबांतर आता है )।


9.14 वायुयान के पंख पर उत्थापक बल:

उत्तर: बर्नूली सिद्धांत से दाबांतर $\Delta P = \frac{1}{2}\rho(v_1^2 - v_2^2)$ ।

$\Delta P = \frac{1}{2} \times 1.3 \times (70^2 - 63^2) = 0.65 \times 931 \approx 605 \, \text{Pa}$।

बल $F = \Delta P \times A = 605 \times 2.5 \approx 1512 \, \text{N}$ ।


9.15 चित्र 9.20 का विश्लेषण:

उत्तर: चित्र (a) गलत है। सांतत्य समीकरण ($Av = \text{constant}$) के अनुसार संकीर्ण भाग में वेग अधिक होगा । बर्नूली सिद्धांत के अनुसार जहाँ वेग अधिक है, वहाँ दाब कम होना चाहिए । दाब कम होने के कारण संकीर्ण भाग में द्रव का स्तर नीचे होना चाहिए, जैसा चित्र (b) में है।


9.16 छिद्रों से निष्कासन चाल:

उत्तर: सांतत्य समीकरण ($A_1v_1 = A_2v_2$) का प्रयोग होगा । (ध्यान दें: मूल नली का व्यास स्रोत में नहीं दिया गया है, इसलिए सटीक संख्यात्मक गणना स्रोत के डेटा से संभव नहीं है)।


9.17 साबुन की फिल्म का पृष्ठ तनाव:

उत्तर: सूत्र $S = \frac{F}{2l}$ ।

$S = \frac{1.5 \times 10^{-2}}{2 \times 0.30} = \frac{1.5 \times 10^{-2}}{0.60} = 0.025 \, \text{N/m}$ ।


9.18 द्रव-फिल्म द्वारा सँभाला गया भार:

उत्तर: तीनों आकृतियों में फिल्म की क्षैतिज चौड़ाई समान है। पृष्ठ तनाव बल केवल संपर्क लंबाई पर निर्भर करता है ($F = 2Sl$) । अतः (b) और (c) भी समान भार $4.5 \times 10^{-2} \, \text{N}$ ही सँभालेंगी।


9.19 पारे की बूँद के भीतर दाब:

उत्तर: बूँद के भीतर दाब आधिक्य $\Delta P = \frac{2S}{r}$ ।

$\Delta P = \frac{2 \times 4.65 \times 10^{-1}}{3.0 \times 10^{-3}} = 310 \, \text{Pa}$।

भीतर का कुल दाब $P_i = P_a + \Delta P = 1.01 \times 10^5 + 310 = 1.0131 \times 10^5 \, \text{Pa}$ ।


9.20 साबुन के बुलबुले में दाब:

उत्तर: बुलबुले (जिसमें दो पृष्ठ होते हैं) के लिए दाब आधिक्य $\Delta P = \frac{4S}{r}$ ।

$\Delta P = \frac{4 \times 2.50 \times 10^{-2}}{5.0 \times 10^{-3}} = 20 \, \text{Pa}$।

द्रव के अंदर बने बुलबुले में केवल एक पृष्ठ होता है, अतः वहाँ $\Delta P = \frac{2S}{r} = 10 \, \text{Pa}$ । द्रव के अंदर कुल दाब $P = P_a + \rho gh + \frac{2S}{r}$ से निकाला जाएगा ।


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पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)


प्रश्न 1: पास्कल के नियम के अनुसार, विराम अवस्था में किसी तरल के भीतर समान ऊँचाई पर स्थित सभी बिंदुओं पर दाब कैसा होता है?

(A) द्रव के घनत्व पर निर्भर नहीं करता

(B) भिन्न-भिन्न होता है

(C) शून्य होता है

(D) समान होता है

उत्तर: (D) समान होता है ।


प्रश्न 2: 'सांतत्य समीकरण' (Equation of Continuity) असंपीड्य तरल के धारारेखीय प्रवाह के लिए किस भौतिक राशि के संरक्षण को दर्शाता है?

(A) ऊर्जा का संरक्षण

(B) संवेग का संरक्षण

(C) द्रव्यमान का संरक्षण

(D) बल का संरक्षण

उत्तर: (C) द्रव्यमान का संरक्षण ।


प्रश्न 3: बर्नूली का समीकरण मुख्य रूप से किस नियम पर आधारित है?

(A) पास्कल का नियम

(B) ऊर्जा संरक्षण का नियम

(C) न्यूटन का गति का तीसरा नियम

(D) श्यानता का नियम

उत्तर: (B) ऊर्जा संरक्षण का नियम ।


प्रश्न 4: ताप बढ़ने पर द्रवों की श्यानता (Viscosity) पर क्या प्रभाव पड़ता है?

(A) घटती है

(B) बढ़ती है

(C) कोई परिवर्तन नहीं होता

(D) पहले बढ़ती है फिर घटती है

उत्तर: (A) घटती है ।


प्रश्न 5: हवा में मौजूद $r$ त्रिज्या वाली किसी गोलाकार द्रव की बूँद के भीतर और बाहर के दाबांतर (दाब आधिक्य) का सूत्र क्या होता है? (जहाँ $S$ पृष्ठ तनाव है)

(A) $4S/r$

(B) $S/r$

(C) $2S/r$

(D) $8S/r$

उत्तर: (C) $2S/r$ ।

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