CBSE Board class 9 history ch-2
यह स्रोत यूरोप में समाजवाद के उदय और रूसी क्रांति के ऐतिहासिक घटनाक्रम का विस्तृत विवरण प्रदान करता है। इसमें फ्रांसीसी क्रांति के बाद उभरी विभिन्न विचारधाराओं, जैसे उदारवादी, रेडिकल और रूढ़िवादी, के बीच के संघर्ष को स्पष्ट किया गया है। पाठ मुख्य रूप से औद्योगिकीकरण से उत्पन्न सामाजिक समस्याओं और कार्ल मार्क्स के समाजवादी विचारों के प्रभाव पर केंद्रित है। इसके साथ ही, यह 1905 की क्रांति, 'खूनी रविवार' और प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रूस की जर्जर आर्थिक व राजनीतिक स्थिति का विश्लेषण करता है। अंततः, यह दस्तावेज यह समझाता है कि कैसे इन परिस्थितियों ने जार शासन के पतन और रूस में एक नए समाजवादी युग की नींव रखी।
यहाँ पाठ के अंत में दिए गए अभ्यास प्रश्नों के उत्तर और पाठ पर आधारित पाँच वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रश्न दिए गए हैं:
पाठ के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर:
प्रश्न 1: 1905 से पहले रूस के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक हालात कैसे थे?
उत्तर: 1905 से पहले रूस के हालात निम्नलिखित थे:
सामाजिक हालात: रूसी समाज मुख्य रूप से किसानों और मज़दूरों में बँटा हुआ था । मज़दूरों के बीच उनके कौशल और पृष्ठभूमि के आधार पर भी विभाजन था, जैसे धातु मज़दूर खुद को अन्य मज़दूरों से श्रेष्ठ मानते थे । कारखानों में 31 प्रतिशत महिलाएँ भी काम करती थीं ।
आर्थिक हालात: रूस की लगभग 85 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर थी और रूस अनाज का एक बड़ा निर्यातक था । उद्योग बहुत कम थे और मुख्य रूप से सेंट पीटर्सबर्ग और मॉस्को में स्थित थे । मज़दूरों के काम के घंटे बहुत लंबे (10 से 15 घंटे) होते थे और मज़दूरी बहुत कम थी ।
राजनीतिक हालात: रूस पर ज़ार निकोलस द्वितीय का शासन था जो एक निरंकुश शासक था । ज़ार किसी भी राष्ट्रीय संसद के अधीन नहीं था । 1914 से पहले रूस में सभी राजनीतिक पार्टियाँ गैरकानूनी थीं ।
प्रश्न 2: 1917 से पहले रूस की कामकाजी आबादी यूरोप के बाकी देशों के मुकाबले किन-किन स्तरों पर भिन्न थी?
उत्तर:
रूस की कामकाजी आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा (लगभग 85%) खेती पर निर्भर था, जबकि फ्रांस और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों में यह अनुपात केवल 40-50% तक ही था ।
रूसी किसान यूरोप के बाकी किसानों से इस बात में भी भिन्न थे कि वे समय-समय पर अपनी सारी ज़मीन अपने कम्यून (मीर) को सौंप देते थे और फिर कम्यून ही प्रत्येक परिवार की ज़रूरत के हिसाब से ज़मीन बाँटता था ।
फ्रांस जैसे देशों के विपरीत, जहाँ किसान नवाबों का सम्मान करते थे, रूस के किसान ज़मींदारों का बिल्कुल सम्मान नहीं करते थे और वे चाहते थे कि नवाबों की ज़मीन छीनकर किसानों के बीच बाँट दी जाए ।
प्रश्न 3: 1917 में ज़ार का शासन क्यों खत्म हो गया?
उत्तर: 1917 में ज़ार का शासन खत्म होने के मुख्य कारण निम्नलिखित थे:
प्रथम विश्व युद्ध में रूस की लगातार हार हो रही थी, जिससे सेना का मनोबल टूट गया था और 1917 तक लगभग 70 लाख रूसी मारे जा चुके थे ।
ज़ार निकोलस द्वितीय ने संसद (ड्यूमा) की मुख्य पार्टियों से सलाह लेना छोड़ दिया था, जिससे उसका जनसमर्थन कम हो गया ।
रूस के उद्योगों पर युद्ध का बुरा असर पड़ा, मज़दूरों की कमी हो गई और शहरों में रोटी तथा आटे की भारी किल्लत पैदा हो गई ।
फरवरी 1917 में मज़दूरों ने हड़ताल कर दी और सेना ने भी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से इनकार कर दिया तथा वे मज़दूरों के साथ मिल गए [12-14]। इन विद्रोही हालात को देखते हुए सैन्य कमांडरों की सलाह पर 2 मार्च को ज़ार ने गद्दी छोड़ दी ।
प्रश्न 4: दो सूचियाँ बनाइए : एक सूची में फरवरी क्रांति की मुख्य घटनाओं और प्रभावों को लिखिए और दूसरी सूची में अक्टूबर क्रांति की प्रमुख घटनाओं और प्रभावों को दर्ज कीजिए।
उत्तर:
फरवरी क्रांति की प्रमुख घटनाएँ और प्रभाव:
22 फरवरी को एक फैक्ट्री में तालाबंदी हुई और अगले दिन 50 अन्य फैक्ट्रियों के मज़दूरों ने हड़ताल कर दी, जिसका नेतृत्व महिलाओं ने भी किया ।
25 फरवरी को सरकार ने ड्यूमा को बर्खास्त कर दिया ।
सिपाहियों और मज़दूरों ने मिलकर 'पेत्रोग्राद सोवियत' का गठन किया ।
प्रभाव: 2 मार्च को ज़ार ने गद्दी छोड़ दी, जिससे रूस में राजशाही का अंत हो गया और देश का शासन चलाने के लिए एक अंतरिम सरकार बना ली गई ।
अक्टूबर क्रांति की प्रमुख घटनाएँ और प्रभाव:
व्लादिमीर लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविकों ने अंतरिम सरकार के खिलाफ विद्रोह की योजना बनाई ।
24 अक्टूबर को विद्रोह शुरू हुआ; 'ऑरोरा' नामक युद्धपोत ने विंटर पैलेस पर बमबारी की ।
प्रभाव: रात होते-होते पूरा शहर क्रांतिकारी समिति के नियंत्रण में आ गया, मंत्रियों ने आत्मसमर्पण कर दिया और सत्ता बोल्शेविकों के हाथों में आ गई ।
प्रश्न 5: बोल्शेविकों ने अक्टूबर क्रांति के फ़ौरन बाद कौन-कौन-से प्रमुख परिवर्तन किए?
उत्तर: बोल्शेविकों ने निजी संपत्ति की व्यवस्था का विरोध करते हुए ये प्रमुख परिवर्तन किए:
नवंबर 1917 में ज़्यादातर उद्योगों और बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया ।
ज़मीन को सामाजिक संपत्ति घोषित कर दिया गया और किसानों को सामंतों की ज़मीन पर कब्ज़ा करने की छूट दे दी गई ।
शहरों में बड़े मकानों के छोटे-छोटे हिस्से कर दिए गए ताकि बेघर लोगों को रहने की जगह मिल सके ।
अभिजात्य वर्ग द्वारा पुरानी पदवियों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई और सेना व सरकारी अफसरों की वर्दियाँ बदल दी गईं ।
बोल्शेविक पार्टी का नाम बदलकर 'रूसी कम्युनिस्ट पार्टी (बोल्शेविक)' रख दिया गया ।
प्रश्न 6: निम्नलिखित के बारे में संक्षेप में लिखिए:
उत्तर:
कुलक: रूस में संपन्न किसानों को 'कुलक' कहा जाता था । स्तालिन का मानना था कि अनाज की कमी के पीछे इन कुलकों का हाथ है, इसलिए खेती के आधुनिकीकरण और सामूहिकीकरण के लिए कुलकों का सफाया करना ज़रूरी माना गया ।
ड्यूमा: 1905 की क्रांति के दौरान ज़ार ने एक निर्वाचित परामर्शदाता संसद के गठन की सहमति दी थी, जिसे 'ड्यूमा' कहा जाता था । ज़ार ने पहली ड्यूमा को मात्र 75 दिन और दूसरी को 3 महीने के भीतर बर्खास्त कर दिया था ।
1900 से 1930 के बीच महिला कामगार: 1914 में फैक्ट्री मज़दूरों में महिलाओं की संख्या 31 प्रतिशत थी, लेकिन उन्हें पुरुषों के मुकाबले कम वेतन मिलता था । 1917 की फरवरी क्रांति में कारखानों में हड़ताल का नेतृत्व महिलाओं ने ही किया था । 1930 के दशक में वे सामूहिक खेतों पर भी काम कर रही थीं ।
उदारवादी: उदारवादी ऐसा राष्ट्र चाहते थे जिसमें सभी धर्मों को बराबर सम्मान मिले और वे वंश-आधारित शासकों की अनियंत्रित सत्ता के विरोधी थे । वे व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा, एक निर्वाचित सरकार और स्वतंत्र न्यायपालिका के पक्षधर थे, लेकिन वे सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (सभी को वोट का अधिकार) के समर्थक नहीं थे; वे केवल संपत्तिधारियों को ही वोट का अधिकार देना चाहते थे ।
स्तालिन का सामूहिकीकरण कार्यक्रम: रूस में अनाज के भारी संकट से निपटने के लिए स्तालिन ने 1929 में यह कार्यक्रम शुरू किया । इसके तहत सभी किसानों को सामूहिक खेतों (कोलखोज) में काम करने का आदेश दिया गया और ज़मीन व उपकरण सामूहिक खेतों के स्वामित्व में सौंप दिए गए । इसका विरोध करने वालों को सज़ा दी गई ।
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पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (उत्तर सहित):
प्रश्न 1: 'खूनी रविवार' (Bloody Sunday) की घटना किस क्रांति की शुरुआत मानी जाती है?
(A) 1917 की फरवरी क्रांति
(B) 1905 की क्रांति
(C) 1917 की अक्टूबर क्रांति
(D) फ्रांसीसी क्रांति
उत्तर: (B) 1905 की क्रांति
प्रश्न 2: रूस में ज़ार निकोलस द्वितीय ने पहली 'ड्यूमा' (संसद) को कितने दिनों के भीतर बर्खास्त कर दिया था?
(A) 10 दिन
(B) 3 महीने
(C) 75 दिन
(D) 1 वर्ष
उत्तर: (C) 75 दिन
प्रश्न 3: बोल्शेविक पार्टी का नेता कौन था जो अप्रैल 1917 में रूस लौटा था?
(A) जोसेफ स्तालिन
(B) जार निकोलस द्वितीय
(C) व्लादिमीर लेनिन
(D) रासपुतिन
उत्तर: (C) व्लादिमीर लेनिन
प्रश्न 4: रूस में 'कुलक' (Kulak) शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता था?
(A) कारखाने के मज़दूरों के लिए
(B) गुप्तचर पुलिस के लिए
(C) संपन्न किसानों के लिए
(D) धार्मिक पादरियों के लिए
उत्तर: (C) संपन्न किसानों के लिए
प्रश्न 5: 1914 में कारखानों में महिला मज़दूरों की भागीदारी कितने प्रतिशत थी?
(A) 15 प्रतिशत
(B) 31 प्रतिशत
(C) 50 प्रतिशत
(D) 65 प्रतिशत
उत्तर: (B) 31 प्रतिशत
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