CBSE Board class 11 physics ch-1 units and measurements
यह स्रोत एनसीईआरटी भौतिकी के पहले अध्याय का अंश है, जो मुख्य रूप से मापन और मात्रकों के सिद्धांतों पर केंद्रित है। इसमें लंबाई, द्रव्यमान और समय जैसी मूल राशियों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय मात्रक प्रणाली (SI) की विस्तृत व्याख्या की गई है। पाठ में सार्थक अंकों की पहचान करने और गणना के दौरान उनके सटीक उपयोग के नियमों को स्पष्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त, यह विमीय विश्लेषण के महत्व को समझाता है, जिसके माध्यम से भौतिक समीकरणों की सत्यता की जाँच की जा सकती है। अंत में, विद्यार्थियों के अभ्यास के लिए विभिन्न गणितीय उदाहरण और प्रश्न भी दिए गए हैं। यह सामग्री वैज्ञानिक मापन में परिशुद्धता और सटीकता बनाए रखने के लिए एक मार्गदर्शिका के रूप में कार्य करती है।
पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर:
1.1 रिक्त स्थान भरिए:
(a) किसी 1 cm भुजा वाले घन का आयतन $10^{-6}$ $m^3$ के बराबर है ।
(b) किसी 2 cm त्रिज्या व 10 cm ऊंचाई वाले सिलेंडर का पृष्ठ क्षेत्रफल $1.5 \times 10^4$ $(mm)^2$ के बराबर है ।
(c) कोई गाड़ी 18 km/h की चाल से चल रही है तो यह 1 s में 5 m चलती है ।
(d) सीसे का आपेक्षिक घनत्व 11.3 है। इसका घनत्व 11.3 $g\ cm^{-3}$ या $11.3 \times 10^3$ $kg\ m^{-3}$ है ।
1.2 रिक्त स्थानों को मात्रकों के उचित परिवर्तन द्वारा भरिए:
(a) 1 $kg\ m^2\ s^{-2}$ = $10^7$ $g\ cm^2\ s^{-2}$ ।
(b) 1 m = $1.057 \times 10^{-16}$ ly (प्रकाश वर्ष) ।
(c) 3.0 $m\ s^{-2}$ = $3.888 \times 10^4$ $km\ h^{-2}$ ।
(d) G = $6.67 \times 10^{-11}\ N\ m^2\ (kg)^{-2}$ = $6.67 \times 10^{-8}$ $(cm)^3\ s^{-2}\ g^{-1}$ ।
1.3 नए मात्रकों के पदों में कैलोरी का परिमाण:
विमीय सूत्र का प्रयोग करते हुए, ऊर्जा (ऊष्मा) का मात्रक जूल ($1\ J = 1\ kg\ m^2\ s^{-2}$) है ।
समीकरण $n_1 u_1 = n_2 u_2$ का उपयोग करने पर :
$n_2 = n_1 \times \left[\frac{M_1}{M_2}\right] \times \left[\frac{L_1}{L_2}\right]^2 \times \left[\frac{T_1}{T_2}\right]^{-2}$
यहाँ $n_1 = 4.2$, $M_2 = \alpha\ kg$, $L_2 = \beta\ m$, और $T_2 = \gamma\ s$ हैं ।
इसलिए, $n_2 = 4.2 \left[\frac{1}{\alpha}\right] \left[\frac{1}{\beta}\right]^2 \left[\frac{1}{\gamma}\right]^{-2} = 4.2 \alpha^{-1} \beta^{-2} \gamma^2$ । यह सिद्ध हुआ।
1.4 कथनों की स्पष्ट व्याख्या:
बिना तुलना के मानक के कोई भी राशि बड़ी या छोटी नहीं कही जा सकती । उचित संदर्भ इस प्रकार होंगे:
(a) परमाणु (किसी सुई की नोक की तुलना में) बहुत छोटे पिंड होते हैं ।
(b) जेट वायुयान (एक एक्सप्रेस ट्रेन की तुलना में) अत्यधिक गति से चलता है ।
(c) बृहस्पति का द्रव्यमान (पृथ्वी के द्रव्यमान की तुलना में) बहुत अधिक है ।
(d) कमरे के अंदर वायु में अणुओं की संख्या (कमरे में मौजूद वस्तुओं की तुलना में) बहुत अधिक है ।
(e) इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन से (द्रव्यमान में) बहुत हल्का होता है ।
(f) ध्वनि की गति प्रकाश की गति से बहुत ही कम होती है ।
1.5 लम्बाई के नए मात्रक के पदों में सूर्य तथा पृथ्वी के बीच की दूरी:
प्रकाश की चाल = 1 नया मात्रक/सेकंड ।
प्रकाश द्वारा लिया गया समय = 8 min 20 s = 500 s ।
दूरी = चाल × समय = 1 × 500 = 500 नए मात्रक ।
1.6 लम्बाई मापने के लिए सबसे परिशुद्ध यंत्र:
विकल्प (c) "कोई प्रकाशिक यंत्र जो प्रकाश की तरंगदैर्घ्य की सीमा के अंदर लम्बाई माप सकता है" सबसे अधिक परिशुद्ध है क्योंकि प्रकाश की तरंगदैर्घ्य लगभग $10^{-7}\ m$ होती है जो वर्नियर और स्क्रूगेज की अल्पतमांक से बहुत छोटी है ।
1.7 बाल की मोटाई का अनुमान:
बाल की वास्तविक मोटाई = आभासी मोटाई / आवर्धन ।
मोटाई = $3.5\ mm / 100 = 0.035\ mm$ ।
1.8 मापन संबंधी प्रश्नों के उत्तर:
(a) धागे के व्यास का अनुमान लगाने के लिए उसे मीटर पैमाने पर एक-दूसरे से सटाकर कई बार (जैसे n बार) लपेटना चाहिए। फिर लपेटों की कुल चौड़ाई को मापे गए n से भाग देना चाहिए ।
(b) नहीं, वृत्तीय पैमाने पर विभाजनों की संख्या मनमाने ढंग से बढ़ाने से यथार्थता नहीं बढ़ेगी क्योंकि पेंच की त्रुटियों और हमारी आँखों की वियोजन सीमा की भी अपनी सीमाएँ होती हैं ।
(c) 100 मापनों के समुच्चय में यादृच्छिक त्रुटियों (random errors) के धनात्मक व ऋणात्मक मानों के एक-दूसरे को निरस्त करने की सम्भावना अधिक होती है, जिससे 5 मापन की तुलना में अधिक विश्वसनीय अनुमान प्राप्त होता है ।
1.9 प्रक्षेपित्र-पर्दा व्यवस्था का रैखिक आवर्धन:
क्षेत्रफल आवर्धन = परदे पर क्षेत्रफल / स्लाइड पर क्षेत्रफल = $1.55\ m^2 / 1.75\ cm^2 = 15500\ cm^2 / 1.75\ cm^2 = 8857.14$ ।
रैखिक आवर्धन = $\sqrt{\text{क्षेत्रफल आवर्धन}} = \sqrt{8857.14} \approx 94.1$ ।
1.10 सार्थक अंकों की संख्या:
(a) 0.007 $m^2$: 1
(b) $2.64 \times 10^{24}\ kg$: 3
(c) 0.2370 $g\ cm^{-3}$: 4
(d) 6.320 J: 4
(e) 6.032 $N\ m^{-2}$: 4
(f) 0.0006032 $m^2$: 4
1.11 शीट का क्षेत्रफल व आयतन:
लम्बाई (l) = 4.234 m, चौड़ाई (b) = 1.005 m, मोटाई (h) = 2.01 cm = 0.0201 m ।
यहाँ मोटाई में सबसे कम सार्थक अंक (3 अंक) हैं ।
कुल पृष्ठ क्षेत्रफल = $2(lb + bh + hl) = 8.72\ m^2$ (3 सार्थक अंकों तक पूर्णांकित) ।
आयतन = $l \times b \times h = 4.234 \times 1.005 \times 0.0201 = 0.0855\ m^3$ (3 सार्थक अंकों तक) ।
1.12 पंसारी की तुला व डिब्बे का द्रव्यमान:
(a) डिब्बे का कुल द्रव्यमान = 2.30 kg + 0.02015 kg + 0.02017 kg = 2.34032 kg। चूँकि न्यूनतम परिशुद्ध माप 2.30 kg (दशमलव के दो स्थान) है, इसलिए कुल द्रव्यमान 2.34 kg होगा ।
(b) टुकड़ों के द्रव्यमानों में अंतर = 20.17 g - 20.15 g = 0.02 g ।
1.13 आइंस्टीन के संबंध में c का प्रयोग:
समीकरण विमीय रूप से संगत होना चाहिए । $(1 - v^2)$ में $v^2$ विमाहीन नहीं है, इसे विमाहीन बनाने के लिए इसके नीचे प्रकाश की चाल $c^2$ होनी चाहिए । सही संबंध होगा: $m = m_0 / (1 - v^2/c^2)^{1/2}$ ।
1.14 हाइड्रोजन का आण्विक आयतन:
एक परमाणु की त्रिज्या $r = 0.5\ \text{\AA} = 0.5 \times 10^{-10}\ m$ ।
हाइड्रोजन के 1 मोल में परमाणुओं की संख्या (आवोगाद्रो संख्या) $= 6.02 \times 10^{23}$ ।
कुल आयतन = $6.02 \times 10^{23} \times \frac{4}{3} \pi r^3 = 6.02 \times 10^{23} \times \frac{4}{3} \times 3.14 \times (0.5 \times 10^{-10})^3 \approx 3.15 \times 10^{-7}\ m^3$ ।
1.15 मोलर आयतन और परमाण्विक आयतन का अनुपात:
गैस का 1 मोल का मानक आयतन = 22.4 L = $22.4 \times 10^{-3}\ m^3$ ।
परमाण्विक आयतन (प्रश्न 1.14 से) $\approx 3.15 \times 10^{-7}\ m^3$ ।
अनुपात = $(22.4 \times 10^{-3}) / (3.15 \times 10^{-7}) \approx 7.1 \times 10^4$ ।
यह अनुपात बहुत अधिक है क्योंकि गैस अवस्था में अणुओं के बीच बहुत अधिक रिक्त स्थान होता है ।
1.16 पास और दूर की वस्तुओं का प्रेक्षण:
जब हम चलते हुए किसी ट्रेन से बाहर देखते हैं, तो निकट की वस्तुओं द्वारा आँखों पर बनने वाले दृष्टि रेखा के कोण में परिवर्तन की दर बहुत अधिक होती है, इसलिए वे तेजी से विपरीत दिशा में भागती हुई लगती हैं । दूरी अधिक होने पर कोण के परिवर्तन की दर बहुत कम हो जाती है, इसलिए तारे और चन्द्रमा जैसी दूरस्थ वस्तुएं हमारे साथ ही स्थिर प्रतीत होती हैं ।
1.17 सूर्य का द्रव्यमान घनत्व:
सूर्य का द्रव्यमान $M = 2.0 \times 10^{30}\ kg$, त्रिज्या $R = 7.0 \times 10^8\ m$ ।
आयतन $V = \frac{4}{3} \pi R^3 = \frac{4}{3} \times 3.14 \times (7.0 \times 10^8)^3 \approx 1.43 \times 10^{27}\ m^3$ ।
घनत्व $= M / V = (2.0 \times 10^{30}) / (1.43 \times 10^{27}) \approx 1.4 \times 10^3\ kg/m^{-3}$ ।
हाँ, यह घनत्व ठोसों व द्रवों के घनत्व के परिसर में है (जल का घनत्व $10^3\ kg/m^{-3}$ होता है)। सूर्य के अत्यंत उच्च गुरुत्वाकर्षण बल के कारण इसके भीतर का प्लाज्मा अत्यधिक संकुचित हो जाता है, जिससे इसका घनत्व इतना अधिक हो जाता है ।
पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions):
प्रश्न 1: मात्रकों की अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली (SI) में कितने मूल मात्रक निर्धारित किए गए हैं?
(A) 5
(B) 6
(C) 7
(D) 8
उत्तर: (C) 7
प्रश्न 2: निम्नलिखित में से बल का सही विमीय सूत्र क्या है?
(A) $[M L T^{-1}]$
(B) $[M L^2 T^{-2}]$
(C) $[M L T^{-2}]$
(D) $[M^0 L T^{-2}]$
उत्तर: (C) $[M L T^{-2}]$
प्रश्न 3: 0.002308 संख्या में सार्थक अंकों की कुल संख्या कितनी है?
(A) 3
(B) 4
(C) 5
(D) 6
उत्तर: (B) 4 (नियम के अनुसार, 1 से छोटी संख्या में दशमलव के दायीं ओर और प्रथम शून्येतर अंक के बायीं ओर के शून्य सार्थक अंक नहीं होते)
प्रश्न 4: विमीय विश्लेषण के 'समघातता सिद्धांत' (Principle of Homogeneity) के अनुसार, किसी सही गणितीय समीकरण के दोनों पक्षों में:
(A) पदों के केवल संख्यात्मक मान समान होने चाहिए
(B) पदों की विमाएँ (Dimensions) समान होनी चाहिए
(C) पदों की विमाएँ भिन्न होनी चाहिए
(D) भौतिक राशियाँ समान होनी चाहिए
उत्तर: (B) पदों की विमाएँ समान होनी चाहिए
प्रश्न 5: जब दी गई दो मापित राशियों (जैसे लम्बाई 16.2 cm और चौड़ाई 10.1 cm) का गुणा किया जाता है, तो अंतिम परिणाम में सार्थक अंक कितने रखे जाने चाहिए?
(A) दोनों संख्याओं के योग के बराबर
(B) दोनों संख्याओं में सबसे अधिक सार्थक अंकों के बराबर
(C) दोनों संख्याओं में सबसे कम सार्थक अंकों के बराबर
(D) अनंत
उत्तर: (C) दोनों संख्याओं में सबसे कम सार्थक अंकों के बराबर
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