CBSE Board class 11 physics ch-3 motion in a plane and vector analysis

यह स्रोत एनसीईआरटी की कक्षा 11 भौतिकी की पाठ्यपुस्तक का तीसरा अध्याय है, जो समतल में गति के सिद्धांतों की व्याख्या करता है। इसमें मुख्य रूप से अदिश और सदिश राशियों के बीच अंतर, सदिशों के योग, घटाव और वास्तविक संख्याओं के साथ उनके गुणन को विस्तार से समझाया गया है। पाठ में स्थिति, विस्थापन, वेग और त्वरण जैसे महत्वपूर्ण भौतिक घटकों को दो-आयामी संदर्भ में परिभाषित करने के लिए सदिश बीजगणित का उपयोग किया गया है। इसके अतिरिक्त, यह सामग्री प्रक्षेप्य गति और एकसमान वृत्तीय गति जैसे विषयों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है। अंत में, विभिन्न गणितीय विधियों और उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि किसी समतल में वस्तु की गति का सटीक विश्लेषण कैसे किया जाता है।

पाठ के अभ्यास (3.1 से 3.22) के प्रश्नों के उत्तर:


3.1. अदिश राशियाँ (Scalars): आयतन, द्रव्यमान, चाल, घनत्व, मोल संख्या, कोणीय आवृत्ति ।

सदिश राशियाँ (Vectors): त्वरण, वेग, विस्थापन, कोणीय वेग ।


3.2. दी गई सूची में से कार्य (Work) और धारा (Current) अदिश राशियाँ हैं । (विद्युत धारा की दिशा होती है लेकिन यह सदिश योग के नियमों का पालन नहीं करती)।


3.3. दी गई सूची में से एकमात्र सदिश राशि आवेग (Impulse) है । समय, पथ की लंबाई, ऊर्जा आदि अदिश राशियाँ हैं ।


3.4.

(a) दो अदिशों को जोड़ना: सार्थक नहीं (केवल समान विमा/मात्रक वाली राशियाँ जुड़ सकती हैं) ।

(b) एक सदिश और एक अदिश को जोड़ना: सार्थक नहीं ।

(c) एक सदिश को एक अदिश से गुणा करना: सार्थक है ।

(d) दो अदिशों का गुणन: सार्थक है ।

(e) दो सदिशों को जोड़ना: सार्थक नहीं (जब तक कि उनकी विमाएं/मात्रक समान न हों) ।

(f) सदिश के घटक को उसी सदिश से जोड़ना: सार्थक है (क्योंकि घटक भी एक सदिश होता है) ।


3.5.

(a) सत्य: किसी सदिश का परिमाण (magnitude) हमेशा एक धनात्मक संख्या (अदिश) होता है ।

(b) असत्य: किसी सदिश का घटक (जैसे $A_x \hat{i}$) हमेशा एक सदिश होता है ।

(c) असत्य: कुल पथ-लंबाई विस्थापन के परिमाण से हमेशा बराबर नहीं होती; यदि दिशा बदलती है तो यह अधिक हो सकती है ।

(d) सत्य: औसत चाल औसत वेग के परिमाण से अधिक या उसके बराबर होती है ।

(e) सत्य: तीन सदिश जो एक समतल में नहीं हैं, उनका योग कभी शून्य नहीं हो सकता क्योंकि वे बंद बहुभुज नहीं बना सकते।


3.6.

(a) $|a+b| \leq |a| + |b|$ (b) $|a+b| \geq ||a| - |b||$ (c) $|a-b| \leq |a| + |b|$ (d) $|a-b| \geq ||a| - |b||$

ये असमिकाएँ सदिश योग के त्रिभुज नियम द्वारा ज्यामितीय रूप से सिद्ध की जाती हैं । समता (Equality) का चिह्न तब लागू होता है जब दोनों सदिश एक ही दिशा में संरेखीय (collinear) होते हैं।


3.7. $a + b + c + d = 0$ के लिए:

(a) असत्य।

(b) सत्य: चूँकि $(a+c) = -(b+d)$, अतः $(a+c)$ का परिमाण $(b+d)$ के परिमाण के बराबर होगा ।

(c) सत्य: सदिश योग के बहुभुज नियम के अनुसार, किसी एक का परिमाण बाकी सदिशों के परिमाणों के योग से अधिक नहीं हो सकता।

(d) सत्य: $b+c = -(a+d)$, इसलिए ये उसी समतल में होंगे।


3.8. P से Q (व्यास के विपरीत) तक प्रत्येक लड़की के विस्थापन का परिमाण वृत्त के व्यास के बराबर होगा, अर्थात $2 \times 200 = 400$ मीटर । सीधे रास्ते (व्यास के अनुदिश) जाने वाली लड़की (चित्र B) के लिए यह विस्थापन उसके द्वारा स्केट किए गए पथ की लंबाई के बराबर है ।


3.9.

(a) कुल विस्थापन शून्य (0) है क्योंकि साइकिल सवार प्रारंभिक बिंदु O पर वापस आ जाता है ।

(b) औसत वेग शून्य होगा क्योंकि कुल विस्थापन शून्य है ।

(c) औसत चाल के लिए कुल पथ $s = OP + PQ + QO = 1 + (\frac{2\pi \times 1}{4}) + 1 \approx 3.57$ km होगा। समय 10 मिनट ($1/6$ घंटा) है। अतः औसत चाल $\approx 3.57 \times 6 = 21.4$ km/h होगी ।


3.10. यह 500m भुजा वाला एक समषट्भुज (regular hexagon) पथ है।

- तीसरे मोड़ पर: विस्थापन 1000m और पथ की लंबाई 1500m होगी ।

- छठे मोड़ पर: मोटर चालक प्रारंभिक बिंदु पर आ जाएगा, अतः विस्थापन 0 और पथ 3000m होगा ।

- आठवें मोड़ पर: विस्थापन 866m और पथ 4000m होगा।


3.11.

(a) टैक्सी की औसत चाल = $\frac{23 \text{ km}}{28/60 \text{ h}} = \mathbf{49.3 \text{ km/h}}$.

(b) औसत वेग का परिमाण = $\frac{10 \text{ km}}{28/60 \text{ h}} = \mathbf{21.4 \text{ km/h}}$.

ये बराबर नहीं हैं क्योंकि चली गई दूरी (23 km) विस्थापन (10 km) से भिन्न है [10-12]।


3.12. अधिकतम ऊँचाई के सूत्र $h_m = \frac{v_0^2 \sin^2\theta}{2g}$ में $h_m = 25$m और $v_0 = 40$ m/s रखने पर $\sin^2\theta \approx 0.306$ प्राप्त होता है । क्षैतिज परास $R = \frac{v_0^2 \sin 2\theta}{g}$ में यह मान रखने पर अधिकतम क्षैतिज दूरी लगभग 150 मीटर आएगी ।


3.13. खिलाड़ी द्वारा फेंकी गई अधिकतम क्षैतिज दूरी $R_{max} = \frac{v_0^2}{g} = 100$m ($\theta = 45^\circ$ पर) है । यदि वह गेंद को सीधे ऊपर ($\theta = 90^\circ$) फेंकता है, तो अधिकतम ऊँचाई $H = \frac{v_0^2}{2g}$ होगी। अतः अधिकतम ऊँचाई $100/2 = 50$ मीटर होगी ।


3.14. कोणीय चाल $\omega = \frac{2\pi \nu}{t} = \frac{2\pi \times 14}{25} \approx 3.52$ rad/s । अभिकेंद्र त्वरण $a_c = \omega^2 R = (3.52)^2 \times 0.8 \approx \mathbf{9.9 \text{ m/s}^2}$ होगा और इसकी दिशा हमेशा वृत्त के केंद्र की ओर होगी ।


3.15. वायुयान की चाल $v = 900 \text{ km/h} = 250 \text{ m/s}$ है। $R = 1000$m। अभिकेंद्र त्वरण $a_c = \frac{v^2}{R} = \frac{250^2}{1000} = \mathbf{62.5 \text{ m/s}^2}$ । गुरुत्वीय त्वरण ($g=9.8$) से इसकी तुलना करने पर $\frac{a_c}{g} \approx \mathbf{6.38}$ प्राप्त होता है।


3.16.

(a) असत्य: केवल 'एकसमान' वृत्तीय गति में ही नेट त्वरण हमेशा त्रिज्या के अनुदिश केंद्र की ओर होता है ।

(b) सत्य: वेग सदिश हमेशा उस बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा की दिशा में होता है ।

(c) सत्य: एक पूरे चक्र में वेग में कुल परिवर्तन शून्य होता है, इसलिए औसत त्वरण सदिश शून्य होगा।


3.17.

(a) वेग $v = \frac{dr}{dt}$ और त्वरण $a = \frac{dv}{dt}$ अवकलन द्वारा ज्ञात किया जाता है ।

(b) $t = 2.0$s पर अवकलन के सूत्र में मान रखकर वेग का परिमाण और $x$-अक्ष से उसका कोण (दिशा) ज्ञात की जा सकती है ।


3.18. समीकरण $r = r_0 + v_0 t + \frac{1}{2} a t^2$ का उपयोग करने पर :

(a) $x = \frac{1}{2} (8.0) t^2 = 16 \Rightarrow t = 2$s। इसी क्षण $y = 10(2) + \frac{1}{2}(2.0)(2)^2 = \mathbf{24 \text{ मीटर}}$ होगा ।

(b) $t=2$s पर $v_x = 16$ m/s और $v_y = 14$ m/s। अतः चाल $v = \sqrt{16^2 + 14^2} \approx \mathbf{21.26 \text{ m/s}}$ होगी ।


3.19. सदिश $\hat{i} + \hat{j}$ का परिमाण $\sqrt{1^2 + 1^2} = \mathbf{\sqrt{2}}$ है और इसकी दिशा x-अक्ष से $45^\circ$ है । $\hat{i} - \hat{j}$ का परिमाण भी $\mathbf{\sqrt{2}}$ है और इसकी दिशा $-45^\circ$ है।


3.20. स्वेच्छ (arbitrary) गति के लिए केवल (b) और (e) सत्य हैं, क्योंकि ये क्रमशः औसत वेग और औसत त्वरण की सटीक परिभाषाएँ हैं जो हर गति पर लागू होती हैं ।


3.21. इनमें से केवल (e) सत्य है। अदिश राशि उन सभी प्रेक्षकों के लिए एक ही मान रखती है चाहे अक्षों से उनके अभिविन्यास भिन्न-भिन्न क्यों न हों, क्योंकि अदिश की दिशा नहीं होती ।


3.22. त्रिकोणमिति का उपयोग करते हुए, 10 सेकंड में तय की गई दूरी $d = 2 \times 3400 \times \tan(15^\circ) \approx 1822$m है। अतः चाल $v = \frac{1822}{10} = \mathbf{182.2 \text{ m/s}}$ होगी।


---


पाठ पर आधारित पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ):


प्रश्न 1: किसी प्रक्षेप्य (Projectile) का पथ कैसा होता है?

A. वृत्ताकार

B. सरल रेखा

C. परवलयाकार (Parabolic)

D. दीर्घवृत्ताकार

उत्तर: C. परवलयाकार (पाठ में उल्लेखित है कि प्रक्षेप्य का पथ परवलयिक होता है )।


प्रश्न 2: एकसमान वृत्तीय गति में अभिकेंद्र त्वरण ($a_c$) का सूत्र क्या है?

A. $v/R$

B. $v^2/R$

C. $v R$

D. $v^2 R$

उत्तर: B. $v^2/R$ (त्वरण का परिमाण $v^2/R$ होता है जिसकी दिशा सदैव केंद्र की ओर होती है )।


प्रश्न 3: किसी सदिश को संख्या 'शून्य' से गुणा करने पर परिणाम क्या प्राप्त होता है?

A. एक अदिश राशि

B. शून्य सदिश (Zero Vector)

C. अनंत सदिश

D. ऋणात्मक सदिश

उत्तर: B. शून्य सदिश (शून्य सदिश का परिमाण शून्य होता है और दिशा निर्धारित नहीं की जा सकती )।


प्रश्न 4: प्रक्षेप्य गति में अधिकतम क्षैतिज परास (Maximum Horizontal Range) प्राप्त करने के लिए प्रक्षेपण कोण ($\theta_0$) कितना होना चाहिए?

A. $30^\circ$

B. $45^\circ$

C. $60^\circ$

D. $90^\circ$

उत्तर: B. $45^\circ$ (समीकरण के अनुसार क्षैतिज परास अधिकतम तब होगा जब $\sin 2\theta_0 = 1$ हो )।


प्रश्न 5: निम्नलिखित में से कौन सी राशि एक अदिश (Scalar) राशि है?

A. विस्थापन

B. वेग

C. त्वरण

D. द्रव्यमान

उत्तर: D. द्रव्यमान (द्रव्यमान में केवल परिमाण होता है, जबकि अन्य में दिशा भी होती है )।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Online calculator find percentage number in your exam marks

Ncert class 12 Hindi- chapter-12- तिरिछ

Ncert class 12 Hindi- chapter-10- जूठन