CBSE Board class 11 physics ch-8 mechanical properties of solids

प्रस्तुत पाठ ठोसों के यांत्रिक गुणों का विस्तार से वर्णन करता है, जिसमें मुख्य रूप से प्रत्यास्थता और प्लास्टिकता की अवधारणाओं को समझाया गया है। यह स्रोत स्पष्ट करता है कि किसी पिंड पर बल लगाने से उसमें विकृति कैसे उत्पन्न होती है और प्रतिबल के माध्यम से वस्तु अपनी मूल स्थिति पाने का प्रयास करती है। पाठ में हुक के नियम और विभिन्न प्रत्यास्थता गुणांकों, जैसे यंग गुणांक और आयतन गुणांक, की गणितीय विवेचना की गई है। इसके अतिरिक्त, प्रतिबल-विकृति वक्र के जरिए पदार्थों के लचीलेपन और उनके टूटने की सीमा को परिभाषित किया गया है। अंत में, इन सिद्धांतों का इंजीनियरिंग और दैनिक जीवन में महत्व बताते हुए क्रेन के रस्सों और पुलों के निर्माण जैसे व्यावहारिक उदाहरण दिए गए हैं। यह सामग्री भौतिकी के छात्रों के लिए संरचनात्मक डिजाइन और पदार्थ विज्ञान को समझने हेतु एक आधार प्रदान करती है।

यहाँ आपके पाठ के आधार पर 'ठोसों के यांत्रिक गुण' अध्याय के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर और अंत में 5 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) दिए गए हैं:


अभ्यास प्रश्नों के उत्तर


8.1 स्टील और तांबे के तार पर समान बल (F) और समान वृद्धि ($\Delta L$) है।

यंग गुणांक का सूत्र है: $Y = \frac{F \times L}{A \times \Delta L}$ ।

स्टील के लिए ($Y_s$): $L = 4.7$ m, $A = 3.0 \times 10^{-5} m^2$ ।

तांबे के लिए ($Y_c$): $L = 3.5$ m, $A = 4.0 \times 10^{-5} m^2$ ।

अनुपात: $\frac{Y_s}{Y_c} = (\frac{L_s}{L_c}) \times (\frac{A_c}{A_s}) = (\frac{4.7}{3.5}) \times (\frac{4.0 \times 10^{-5}}{3.0 \times 10^{-5}}) \approx \mathbf{1.79}$ ।

उत्तर: अनुपात लगभग 1.8 : 1 है।


8.2 (ध्यान दें: स्रोत में ग्राफ का चित्र उपलब्ध नहीं है, इसलिए सटीक संख्यात्मक मान नहीं निकाला जा सकता ।)

(a) यंग प्रत्यास्थता गुणांक प्रतिबल-विकृति वक्र के रैखिक भाग की प्रवणता (Slope) के बराबर होता है ($Y = \frac{प्रतिबल}{विकृति}$) । ग्राफ में दी गई प्रवणता से यह मान निकाला जा सकता है।

(b) सन्निकट पराभव सामर्थ्य (Yield strength) ग्राफ के उस बिंदु (पराभव बिंदु) के संगत प्रतिबल का मान है, जहाँ के बाद विकृति तेजी से बढ़ती है ।


8.3 (ग्राफ की अनुपस्थिति में सैद्धांतिक उत्तर )

(a) जिस पदार्थ के ग्राफ की प्रवणता (Slope) अधिक खड़ी (steeper) होगी, उसका यंग प्रत्यास्थता गुणांक अधिक होगा क्योंकि समान विकृति के लिए उसमें अधिक प्रतिबल की आवश्यकता होगी ।

(b) जो पदार्थ टूटने से पहले (भंजन बिंदु) अधिकतम प्रतिबल सह सकता है (जिसका चरम सामर्थ्य बिंदु ऊँचा है), वह अधिक मजबूत होता है ।


8.4

(a) असत्य: इस्पात का यंग गुणांक रबर की तुलना में बहुत अधिक होता है, इसलिए इस्पात रबर से अधिक प्रत्यास्थ है । रबर में लंबाई बढ़ाने के लिए कम बल चाहिए, जबकि इस्पात में बहुत अधिक बल की आवश्यकता होती है ।

(b) सत्य: जब किसी कुण्डली (spring) को खींचा जाता है, तो उसके तार में न केवल लंबाई का विस्तार होता है, बल्कि वह ऐंठता भी है, जिसमें अपरूपण गुणांक (Shear modulus) की भूमिका होती है ।


8.5 (प्रश्न में भार की मात्रा चित्र 8.11 में है जो स्रोत में नहीं है ।)

सिद्धांत: दोनों तारों में विस्तार $\Delta L = \frac{F \times L}{A \times Y}$ से निकाला जाएगा। यहाँ $A = \pi (\frac{0.25}{2})^2 cm^2$ होगा, और इस्पात का $Y = 2.0 \times 10^{11}$ Pa तथा पीतल का $Y = 0.91 \times 10^{11}$ Pa रखकर गणना की जाएगी ।


8.6 (प्रश्न अपूर्ण है , परंतु सूत्र इस प्रकार है)

अपरूपण विस्थापन $\Delta x = \frac{F \times L}{A \times G}$ द्वारा ज्ञात किया जाएगा, जहाँ G अपरूपण गुणांक (25 GPa) है ।


8.7 कुल भार = $50,000 \text{ kg} \times 9.8 \text{ m/s}^2 = 4,90,000 \text{ N}$ ।

4 स्तम्भों में से प्रत्येक पर बल $F = \frac{4,90,000}{4} = 1,22,500 \text{ N}$ ।

एक खोखले स्तम्भ का क्षेत्रफल $A = \pi(r_2^2 - r_1^2) = \pi(0.60^2 - 0.30^2) \approx 0.848 \text{ m}^2$ ।

प्रतिबल (Stress) $= \frac{F}{A} = \frac{1,22,500}{0.848} \approx 1.44 \times 10^5 \text{ N/m}^2$.

मृदु इस्पात का $Y \approx 2 \times 10^{11} \text{ N/m}^2$ ।

संपीड़न विकृति $= \frac{\text{प्रतिबल}}{Y} = \frac{1.44 \times 10^5}{2 \times 10^{11}} \approx \mathbf{7.2 \times 10^{-7}}$ ।


8.8 अनुप्रस्थ क्षेत्रफल $A = 15.2 \text{ mm} \times 19.1 \text{ mm} = 2.9032 \times 10^{-4} \text{ m}^2$ ।

बल $F = 44,500 \text{ N}$ ।

प्रतिबल $= \frac{F}{A} \approx 1.53 \times 10^8 \text{ N/m}^2$.

तांबे का यंग गुणांक $Y = 1.1 \times 10^{11} \text{ N/m}^2$ ।

उत्पन्न विकृति $= \frac{\text{प्रतिबल}}{Y} = \frac{1.53 \times 10^8}{1.1 \times 10^{11}} \approx \mathbf{1.39 \times 10^{-3}}$ ।


8.9 केबिल की त्रिज्या $r = 1.5 \text{ cm} = 0.015 \text{ m}$ ।

क्षेत्रफल $A = \pi r^2 = \pi (0.015)^2 \approx 7.068 \times 10^{-4} \text{ m}^2$.

अधिकतम अनुमेय प्रतिबल $= 10^8 \text{ N/m}^2$ ।

अधिकतम भार (बल) $= \text{प्रतिबल} \times \text{क्षेत्रफल} = 10^8 \times 7.068 \times 10^{-4} \approx \mathbf{7.07 \times 10^4 \text{ N}}$ ।


8.10 चूँकि पट्टी को सममित लटकाया गया है और वह दृढ़ है, सभी तारों में विकृति ($\Delta L/L$) और तनाव (F) समान होगा ।

$\frac{F}{A_c \times Y_c} = \frac{F}{A_s \times Y_s} \Rightarrow A_c \times Y_c = A_s \times Y_s$

क्षेत्रफल व्यासों के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है ($d^2$)।

$\frac{d_c^2}{d_s^2} = \frac{Y_s}{Y_c} = \frac{2.0 \times 10^{11}}{1.1 \times 10^{11}} \approx 1.81$ ।

व्यासों का अनुपात ($d_c / d_s$) $= \sqrt{1.81} \approx \mathbf{1.35 : 1}$ ।


8.11 तार के निम्नतम बिंदु पर अधिकतम तनाव $T = mg + \frac{mv^2}{r} = m(g + r\omega^2)$ होगा ।

$\omega = 2 \text{ rev/s} = 4\pi \text{ rad/s}$ ।

$T = 14.5 \times [9.8 + 1 \times (4\pi)^2] \approx 14.5 \times (9.8 + 157.9) \approx 2431.8 \text{ N}$ ।

विस्तार ($\Delta L$) $= \frac{T \times L}{A \times Y} = \frac{2431.8 \times 1}{0.065 \times 10^{-4} \times 2.0 \times 10^{11}} \approx \mathbf{1.87 \times 10^{-3} \text{ m (या 1.87 mm)}}$ ।


8.12 दाब वृद्धि $\Delta p = 100 \text{ atm} = 100 \times 1.013 \times 10^5 = 1.013 \times 10^7 \text{ Pa}$ ।

आयतन में परिवर्तन $\Delta V = 100.5 - 100.0 = 0.5 \text{ L}$ (संपीड़न मानते हुए) ।

जल का आयतन गुणांक (B) $= \frac{\Delta p}{\Delta V / V} = \frac{1.013 \times 10^7}{(0.5 / 100)} \approx \mathbf{2.026 \times 10^9 \text{ Pa}}$ ।

वायु का आयतन गुणांक $1.0 \times 10^5 \text{ Pa}$ है । दोनों का अनुपात लगभग 20,000 है। यह अनुपात इतना अधिक इसलिए है क्योंकि ठोस और द्रवों के अणु गैसों की तुलना में बहुत पास-पास और दृढ़ता से जुड़े होते हैं ।


8.13 $\Delta p = 80.0 \text{ atm} = 80 \times 1.013 \times 10^5 \text{ Pa} \approx 8.104 \times 10^6 \text{ Pa}$ ।

$\frac{\Delta V}{V} = \text{संपीड्यता} \times \Delta p = 45.8 \times 10^{-11} \times 8.104 \times 10^6 \approx 3.71 \times 10^{-3}$ ।

नया घनत्व $\rho' = \rho (1 + \frac{\Delta V}{V}) = 1.03 \times 10^3 \times (1 + 0.00371)$

घनत्व $\approx \mathbf{1.034 \times 10^3 \text{ kg m}^{-3}}$ ।


8.14 $\Delta p = 10 \text{ atm} \approx 1.013 \times 10^6 \text{ Pa}$ ।

कांच का B $= 37 \times 10^9 \text{ N/m}^2$ ।

भिन्नात्मक अंतर ($\Delta V/V$) $= \frac{\Delta p}{B} = \frac{1.013 \times 10^6}{37 \times 10^9} \approx \mathbf{2.74 \times 10^{-5}}$ ।


8.15 तांबे का B $= 140 \times 10^9 \text{ Pa}$ । $\Delta p = 7.0 \times 10^6 \text{ Pa}$ ।

प्रारंभिक आयतन $V = 10 \text{ cm} \times 10 \text{ cm} \times 10 \text{ cm} = 1000 \text{ cm}^3$ या $10^{-3} \text{ m}^3$ ।

आयतन में संकुचन ($\Delta V$) $= \frac{V \times \Delta p}{B} = \frac{10^{-3} \times 7.0 \times 10^6}{140 \times 10^9} = \mathbf{5 \times 10^{-8} \text{ m}^3}$ (या $0.05 \text{ cm}^3$) ।


8.16 $\frac{\Delta V}{V} = 0.10\% = 0.001$ । जल का B $= 2.2 \times 10^9 \text{ Pa}$ ।

आवश्यक दाब ($\Delta p$) $= B \times \frac{\Delta V}{V} = 2.2 \times 10^9 \times 0.001 = \mathbf{2.2 \times 10^6 \text{ Pa}}$ ।


---


5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)


प्रश्न 1: हुक के नियम के अनुसार, कम विरूपण के लिए प्रतिबल और विकृति के बीच क्या संबंध होता है?

A) प्रतिबल, विकृति के व्युत्क्रमानुपाती होता है

B) प्रतिबल, विकृति के अनुक्रमानुपाती होता है

C) प्रतिबल, विकृति के वर्ग के बराबर होता है

D) इनके बीच कोई संबंध नहीं होता

उत्तर: B


प्रश्न 2: निम्नलिखित में से किस पदार्थ का यंग प्रत्यास्थता गुणांक सबसे अधिक होता है?

A) रबर

B) तांबा

C) इस्पात

D) लकड़ी

उत्तर: C


प्रश्न 3: आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (Bulk Modulus) के व्युत्क्रम (reciprocal) को क्या कहा जाता है?

A) यंग गुणांक (Young's modulus)

B) संपीड्यता (Compressibility)

C) अपरूपण गुणांक (Shear modulus)

D) प्वासों अनुपात (Poisson's ratio)

उत्तर: B


प्रश्न 4: प्रतिबल (Stress) की SI इकाई क्या है?

A) $N \cdot m$

B) $N \cdot m^2$

C) $N \cdot m^{-2}$

D) केवल N (न्यूटन)

उत्तर: C


प्रश्न 5: जब बल लगाने पर किसी वस्तु के केवल आकार (Shape) में परिवर्तन होता है, लेकिन आयतन में नहीं, तो उस विकृति को क्या कहते हैं?

A) अनुदैर्ध्य विकृति (Longitudinal strain)

B) आयतन विकृति (Volume strain)

C) अपरूपण विकृति (Shear strain)

D) पार्श्व विकृति (Lateral strain)

उत्तर: C

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