CBSE Board class 9 history ch-1

यह स्रोत एनसीईआरटी की कक्षा 9 की इतिहास पाठ्यपुस्तक का एक अंश है, जो मुख्य रूप से फ्रांसीसी क्रांति के ऐतिहासिक घटनाक्रम और उसके वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डालता है। इसमें बताया गया है कि कैसे 1789 में बास्तीन के किले के पतन के साथ राजतंत्र के विरुद्ध विद्रोह शुरू हुआ और एक नई सामाजिक व्यवस्था का जन्म हुआ। पाठ में तत्कालीन फ्रांसीसी समाज के तीन एस्टेट्स में विभाजन, बढ़ते करों का बोझ और पैदा हुए आर्थिक संकट का विस्तृत वर्णन किया गया है। इसके अतिरिक्त, यह मानव एवं नागरिक अधिकार घोषणापत्र के माध्यम से स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के उदय को रेखांकित करता है। साथ ही, यह सामग्री रूस की क्रांति और जर्मनी में नाजीवाद के उत्थान जैसी महत्वपूर्ण युग-परिवर्तकारी घटनाओं का भी संक्षिप्त परिचय देती है। अंततः, यह स्पष्ट करता है कि आधुनिक विश्व की राजनीतिक भाषा और अधिकारों की समझ इन्हीं ऐतिहासिक संघर्षों की देन है।

यहाँ आपके द्वारा दिए गए स्रोतों (पाठ के अंत में दिए गए मुख्य अभ्यास प्रश्नों) के आधार पर सभी प्रश्नों के उत्तर और पाँच वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न दिए गए हैं:


पाठ के मुख्य प्रश्नों के उत्तर


प्रश्न 1: फ्रांस में क्रांति की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई?

उत्तर: फ्रांस में क्रांति की शुरुआत निम्नलिखित परिस्थितियों के कारण हुई:

आर्थिक संकट और कर्ज: 1774 में जब लुई XVI गद्दी पर बैठा, तो राजकोष खाली था । लंबे युद्धों, वर्साय के महल की शानो-शौकत के खर्च और अमेरिका के 13 उपनिवेशों को ब्रिटेन से आज़ाद कराने में मदद करने के कारण फ्रांस पर 10 अरब लिव्रे से अधिक का कर्ज चढ़ गया था ।

दोषपूर्ण कर व्यवस्था: 18वीं सदी में फ्रांसीसी समाज तीन एस्टेट्स में बँटा था, जिसमें केवल 'तीसरे एस्टेट' (जनसाधारण) के लोग ही कर (टाईल, टाईथ आदि) चुकाते थे, जबकि कुलीन वर्ग और पादरी वर्ग को करों से छूट प्राप्त थी ।

जीविका संकट (Subsistence Crisis): फ्रांस की जनसंख्या तेजी से बढ़ी, जिससे अनाज की माँग बढ़ी लेकिन उत्पादन नहीं बढ़ा । पावरोटी की कीमतें आसमान छूने लगीं और मजदूरी न बढ़ने के कारण अमीर-गरीब की खाई चौड़ी हो गई ।

मध्यम वर्ग का उदय और दार्शनिकों का प्रभाव: एक नया शिक्षित और समृद्ध मध्यम वर्ग उभरा जिसका मानना था कि जन्म के आधार पर किसी को विशेषाधिकार नहीं मिलने चाहिए । जॉन लॉक और रूसो जैसे दार्शनिकों ने स्वतंत्रता और समान नियमों पर आधारित समाज की कल्पना की, जिसने लोगों को प्रेरित किया ।

तात्कालिक कारण: राजा लुई XVI द्वारा कर बढ़ाने के लिए 'एस्टेट्स जनरल' की बैठक बुलाना और तीसरे एस्टेट की 'एक व्यक्ति-एक वोट' की माँग को ठुकरा देना । इसके विरोध में तीसरे एस्टेट ने खुद को नेशनल असेंबली घोषित कर दिया और 14 जुलाई 1789 को भड़की भीड़ ने बास्तील के किले को तोड़ दिया ।


प्रश्न 2: फ्रांसीसी समाज के किन तबकों को क्रांति का फायदा मिला? कौन-से समूह सत्ता छोड़ने के लिए मजबूर हो गए? क्रांति के नतीजों से समाज के किन समूहों को निराशा हुई होगी?

उत्तर:

क्रांति का फायदा: क्रांति का सबसे बड़ा फायदा तीसरे एस्टेट (Third Estate) के समृद्ध और शिक्षित वर्ग (जैसे- वकील, व्यापारी, किसान और कर्मचारी) को मिला ।

सत्ता छोड़ने को मजबूर समूह: प्रथम एस्टेट (पादरी वर्ग) और द्वितीय एस्टेट (कुलीन वर्ग) को सत्ता और अपने जन्मजात विशेषाधिकार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा । सामंती व्यवस्था खत्म कर दी गई और चर्च की संपत्तियाँ जब्त कर ली गईं ।

निराश समूह: समाज के गरीब तबके (जैसे भूमिहीन मजदूर) और महिलाओं को क्रांति से घोर निराशा हुई होगी। 1791 के संविधान ने केवल अमीर पुरुषों (जो कम से कम तीन दिन की मजदूरी के बराबर कर चुकाते थे) को ही 'सक्रिय नागरिक' का दर्जा दिया । महिलाओं और गरीबों को 'निष्क्रिय नागरिक' मानकर उन्हें मतदान और राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखा गया ।


प्रश्न 3: उन्नीसवीं और बीसवीं सदी की दुनिया के लिए फ्रांसीसी क्रांति कौन-सी विरासत छोड़ गई?

उत्तर: फ्रांसीसी क्रांति ने 19वीं और 20वीं सदी के लिए सबसे महत्वपूर्ण विरासत स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के विचारों के रूप में छोड़ी । इन्ही विचारों के कारण:

यूरोप के बाकी हिस्सों में सामंती व्यवस्था का नाश हुआ ।

औपनिवेशिक समाजों (colonized societies) में लोगों ने दासता से मुक्ति के विचार को नई परिभाषा दी और संप्रभु राष्ट्र-राज्य की स्थापना के आंदोलनों को गति मिली ।

भारत में टीपू सुल्तान और राजा राममोहन रॉय जैसे नेता फ्रांसीसी क्रांति में उपजे विचारों से गहराई से प्रभावित हुए ।


प्रश्न 4: उन जनवादी अधिकारों की सूची बनाएँ जो आज हमें मिले हुए हैं और जिनका उद्गम फ्रांसीसी क्रांति में है।

उत्तर: आज हमें प्राप्त कई जनवादी अधिकारों का उद्गम फ्रांसीसी क्रांति के 'पुरुष एवं नागरिक अधिकार घोषणापत्र' से हुआ है । ये अधिकार हैं:

जीवन जीने का अधिकार (Right to life) ।

अभिव्यक्ति और भाषण की स्वतंत्रता का अधिकार (Freedom of speech and expression) ।

कानूनी बराबरी या कानून की नजर में समानता (Equality before law) ।

शोषण के प्रतिरोघ का अधिकार ।


प्रश्न 5: क्या आप इस तर्क से सहमत हैं कि सार्वभौमिक अधिकारों के संदेश में नाना अंतर्विरोध थे?

उत्तर: हाँ, यह तर्क बिल्कुल सही है कि सार्वभौमिक अधिकारों के संदेश में कई अंतर्विरोध थे:

'पुरुष एवं नागरिक अधिकार घोषणापत्र' में यह तो कहा गया कि "आदमी स्वतंत्र पैदा होते हैं और स्वतंत्र रहते हैं", लेकिन इसमें महिलाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया और उन्हें जन्मजात अधिकारों से वंचित रखा गया ।

सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की बात कही गई, लेकिन व्यवहार में केवल कर चुकाने वाले संपत्तिवान पुरुषों को ही 'सक्रिय नागरिक' मानकर वोट देने का अधिकार दिया गया । करीब 30 लाख गरीब पुरुषों और सभी महिलाओं को 'निष्क्रिय नागरिक' बना दिया गया ।

फ्रांसीसी उपनिवेशों में लंबे समय तक दास प्रथा (Slavery) जारी रही, जो मनुष्य के मूलभूत अधिकारों का सीधा उल्लंघन था ।


प्रश्न 6: नेपोलियन के उदय को कैसे समझा जा सकता है?

उत्तर: 1794 में रोबेस्प्येर की जैकोबिन सरकार के पतन के बाद फ्रांस की सत्ता मध्यम वर्ग के संपन्न लोगों के हाथ में आ गई । नए संविधान में सत्ता के केंद्रीकरण से बचने के लिए पाँच सदस्यों वाली एक 'डिरेक्ट्री' (कार्यपालिका) बनाई गई । लेकिन इन डिरेक्टरों का विधान परिषदों से अक्सर झगड़ा होता रहता था और परिषदें उन्हें बर्खास्त करने की कोशिश करती थीं । डिरेक्ट्री की इसी राजनीतिक अस्थिरता ने एक सैनिक तानाशाह— नेपोलियन बोनापार्ट —के उदय का मार्ग प्रशस्त कर दिया, जिसने 1804 में खुद को फ्रांस का सम्राट घोषित कर दिया ।


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पाँच वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)


प्रश्न 1: 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के समय फ्रांस का राजा कौन था?

A) लुई XIV

B) नेपोलियन बोनापार्ट

C) लुई XVI

D) जार निकोलस II

उत्तर: C) लुई XVI


प्रश्न 2: फ्रांस के समाज में 'टाईथ' (Tithe) नामक कर किसके द्वारा वसूला जाता था?

A) कुलीन वर्ग (Nobility) द्वारा

B) चर्च (Church) द्वारा

C) राजा द्वारा

D) व्यापारियों द्वारा

उत्तर: B) चर्च (Church) द्वारा (यह कृषि उपज के दसवें हिस्से के बराबर धार्मिक कर था) ।


प्रश्न 3: दार्शनिक रूसो (Rousseau) ने इनमें से कौन सी पुस्तक लिखी थी जिसमें उन्होंने लोकतांत्रिक सिद्धांत प्रस्तुत किया?

A) टू ट्रीटाइज़ेज़ ऑफ़ गवर्नमेंट

B) द स्पिरिट ऑफ़ द लॉज़

C) द सोशल कॉन्ट्रैक्ट

D) तीसरा एस्टेट क्या है?

उत्तर: C) द सोशल कॉन्ट्रैक्ट


प्रश्न 4: फ्रांस के इतिहास में किस अवधि को 'आतंक का राज' (Reign of Terror) कहा जाता है?

A) 1789 से 1791 तक

B) 1793 से 1794 तक

C) 1804 से 1815 तक

D) 1774 से 1789 तक

उत्तर: B) 1793 से 1794 तक (रोबेस्प्येर के शासनकाल को) ।


प्रश्न 5: फ्रांस की महिलाओं को लंबे संघर्ष के बाद अंततः मताधिकार (Voting Right) किस वर्ष प्राप्त हुआ?

A) 1791

B) 1848

C) 1946

D) 1793

उत्तर: C) 1946

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