Mp Board class 12 chemistry ch-7
यह पाठ अल्कोहल, फ़ीनॉल और ईथर के रासायनिक गुणों, वर्गीकरण और उनके निर्माण की विधियों का विस्तृत विवरण प्रदान करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे हाइड्रॉक्सिल समूह के जुड़ाव के आधार पर इन यौगिकों को प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक श्रेणियों में विभाजित किया जाता है। स्रोत इन रसायनों के IUPAC नामकरण और उनकी आणविक संरचनाओं को स्पष्ट करने के साथ-साथ दैनिक जीवन और उद्योगों में इनके महत्व को भी रेखांकित करता है। इसके अतिरिक्त, पाठ में कार्बोनिल यौगिकों के अपचयन और ग्रिन्यार अभिकर्मक जैसी महत्वपूर्ण रासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से इनके निर्माण की वैज्ञानिक विधियाँ समझाई गई हैं। यह सामग्री मुख्य रूप से रसायन विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए इन कार्बनिक यौगिकों की मौलिक समझ विकसित करने हेतु तैयार की गई है।
दिए गए पाठ में कई 'उदाहरण' (Examples), 'पाठ्यनिहित प्रश्न' (In-text questions) और पाठांत 'अभ्यास' (Exercises) दिए गए हैं। पाठ में उपलब्ध जानकारी और उत्तरमाला के आधार पर इन प्रश्नों के उत्तर नीचे दिए गए हैं:
1. पाठ में हल किए गए उदाहरण (Examples):
उदाहरण 7.1: निम्नलिखित यौगिकों के आईयूपीएसी (IUPAC) नाम लिखिए।
उत्तर: (i) 4-क्लोरो-2, 3-डाइमेथिलपेन्टेन-1-ऑल (ii) 2-एथॉक्सीप्रोपेन (iii) 2, 6-डाइमेथिलफ़ीनॉल (iv) 1-एथॉक्सी-2-नाइट्रोसाइक्लोहेक्सेन ।
उदाहरण 7.2: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के संभव उत्पादों की संरचनाएं तथा उनके आईयूपीएसी नाम दीजिए— (क) ब्यूटेनेल का उत्प्रेरकी अपचयन (ख) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की उपस्थिति में प्रोपीन का जलयोजन (ग) प्रोपेनोन की मेथिलमैग्नीशियम ब्रोमाइड के साथ अभिक्रिया तत्पश्चात जल अपघटन।
उत्तर: (क) ब्यूटेन-1-ऑल (ख) प्रोपेन-2-ऑल (ग) 2-मेथिलप्रोपेन-2-ऑल ।
उदाहरण 7.3: निम्नलिखित समूहों के यौगिकों कॊ उनके क्वथनांकों कॆ बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए— (क) पेन्टेन-1-ऑल, ब्यूटेन-1-ऑल, ब्यूटेन-2-ऑल, एथेनॉल, प्रोपेन-1-ऑल, मेथेनॉल (ख) पेन्टेन-1-ऑल, n-ब्यूटेन, पेन्टेनेल, एथॉक्सीएथेन।
उत्तर: (क) मेथेनॉल, एथेनॉल, प्रोपेन-1-ऑल, ब्यूटेन-2-ऑल, ब्यूटेन-1-ऑल, पेन्टेन-1-ऑल (ख) n-ब्यूटेन, एथॉक्सीएथेन, पेन्टेनेल, पेन्टेन-1-ऑल ।
उदाहरण 7.4: निम्नलिखित यौगिकों को उनके अम्ल-सामर्थ्य के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए— प्रोपेन-1-ऑल, 2,4,6-ट्राइनाइट्रोफ़ीनॉल, 3-नाइट्रोफ़ीनॉल, 3,5-डाइनाइट्रोफ़ीनॉल, फ़ीनॉल, 4-मेथिलफ़ीनॉल।
उत्तर: प्रोपेन-1-ऑल, 4-मेथिलफ़ीनॉल, फ़ीनॉल, 3-नाइट्रोफ़ीनॉल, 3,5-डाइनाइट्रोफ़ीनॉल, 2,4,6-ट्राइनाइट्रोफ़ीनॉल ।
उदाहरण 7.6: निम्नलिखित अभिक्रिया (सोडियम एथॉक्साइड + तृतीयक ब्यूटिल ब्रोमाइड) तृतीयक ब्यूटिल एथिल ईथर बनाने के लिए उपयुक्त नहीं है। (i) इस अभिक्रिया का मुख्य उत्पाद क्या होगा?
उत्तर: (i) दी गई अभिक्रिया में 2-मेथिलप्रोप-1-ईन मुख्य उत्पाद है क्योंकि सोडियम एथॉक्साइड एक प्रबल नाभिकरागी एवं प्रबल क्षारक है, अतः यहाँ प्रतिस्थापन की जगह विलोपन (Elimination) अधिक प्रधान होता है ।
2. पाठ्यनिहित प्रश्न (In-text Questions) जिनके उत्तर पाठ के अंत में उपलब्ध हैं:
प्रश्न 7.1: निम्नलिखित को प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक ऐल्कोहॉल में वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर: प्राथमिक ऐल्कोहॉल: (i), (ii), (iii); द्वितीयक ऐल्कोहॉल: (iv), (v); तृतीयक ऐल्कोहॉल: (vi) ।
प्रश्न 7.2: उपरोक्त उदाहरणों में से ऐलिलिक ऐल्कोहॉलों को पहचानिए।
उत्तर: ऐलिलिक ऐल्कोहॉल: (ii) तथा (vi) ।
प्रश्न 7.3: निम्नलिखित यौगिकों के आईयूपीएसी (IUPAC) नामपद्धति से नाम दीजिए।
उत्तर: (i) 4-क्लोरो-3-एथिल-2-(1-मेथिल एथिल)-ब्यूटेन-1-ऑल (ii) 2, 5-डाइमेथिलहेक्सेन-1, 3-डाइऑल (iii) 3-ब्रोमोसाइक्लोहेक्सेनऑल (iv) हेक्स-1-ईन-3-ऑल (v) 2-ब्रोमो-3-मेथिलब्यूट-2-ईन-1-ऑल ।
प्रश्न 7.7: (i) 1-मेथिलसाइक्लोहेक्सेनॉल और (ii) ब्यूटेन-1-ऑल के अम्ल उत्प्रेरित निर्जलन के मुख्य उत्पादों की प्रागुक्ति कीजिए।
उत्तर: (i) 1-मेथिलसाइक्लोहेक्सीन (ii) ब्यूट-1-ईन एवं ब्यूट-2-ईन का मिश्रण प्राप्त होता है जिसमें ब्यूट-2-ईन मुख्य उत्पाद है क्योंकि इस अभिक्रिया में पुनर्विन्यास द्वारा द्वितीयक कार्बोकैटायन बनता है ।
प्रश्न 7.11: 1-मेथॉक्सी-4-नाइट्रोबेंजीन के विरचन के लिए कौन सा युग्म उपयुक्त है?
उत्तर: पाठ के अनुसार दिया गया दूसरा (ii) युग्म उपयुक्त है ।
प्रश्न 7.12: निम्नलिखित अभिक्रियाओं (ईथरों के फलन) से प्राप्त उत्पादों का अनुमान लगाइए।
उत्तर: (i) 1-ब्रोमोप्रोपेन ($CH_3CH_2CH_2Br$) तथा मेथिल ब्रोमाइड ($CH_3Br$) (iv) तृतीयक ब्यूटिल आयोडाइड ($(CH_3)_3C-I$) तथा एथेनॉल ($C_2H_5OH$) ।
3. 'अभ्यास' (Exercises) के प्रमुख प्रश्न जिनके उत्तर पाठ की थ्योरी में स्पष्ट रूप से मौजूद हैं:
प्रश्न 7.4: समझाइए कि प्रोपेनॉल का क्वथनांक, हाइड्रोकार्बन ब्यूटेन से अधिक क्यों होता है?
उत्तर: ऐल्कोहॉलों में अंतराआण्विक हाइड्रोजन आबंध उपस्थित होते हैं। इसी प्रबल आकर्षण बल के कारण इनका क्वथनांक समतुल्य आण्विक द्रव्यमान वाले हाइड्रोकार्बनों (जैसे ब्यूटेन) से अधिक होता है ।
प्रश्न 7.5: समतुल्य आण्विक भार वाले हाइड्रोकार्बनों की अपेक्षा ऐल्कोहॉल जल में अधिक विलेय होते हैं, इस तथ्य को समझाइए।
उत्तर: ऐल्कोहॉल जल के अणुओं के साथ हाइड्रोजन आबंध बनाने की क्षमता रखते हैं, इसी कारण ये जल में आसानी से विलेय हो जाते हैं जबकि हाइड्रोकार्बन ऐसा नहीं कर पाते ।
प्रश्न 7.6: हाइड्रोबोरॉनन-ऑक्सीकरण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: डाइबोरेन ऐल्कीनों से अभिक्रिया करके एक योगज उत्पाद ट्राइएल्किल बोरेन बनाता है। जब इसे जलीय सोडियम हाइड्रॉक्साइड की उपस्थिति में हाइड्रोजन परॉक्साइड ($H_2O_2$) द्वारा ऑक्सीकृत किया जाता है, तो यह ऐल्कोहॉल देता है। इस अभिक्रिया में ऐल्कोहॉल की प्राप्ति मारकोनीकॉफ़ के नियम के विपरीत जलयोजन जैसी दिखती है ।
प्रश्न 7.8: ऑर्थो तथा पैरा-नाइट्रोफ़ीनॉलों के मिश्रण को भाप-आसवन द्वारा पृथक करने में भाप-वाष्पशील समावयवी का नाम बताइए। इसका कारण दीजिए।
उत्तर: इस मिश्रण में ऑर्थो-नाइट्रोफ़ीनॉल भाप द्वारा वाष्पित होती है क्योंकि इसमें अंतःआण्विक (intramolecular) हाइड्रोजन आबंध होता है। जबकि पैरा-नाइट्रोफ़ीनॉल कम वाष्पशील होती है क्योंकि इसमें अंतराआण्विक (intermolecular) हाइड्रोजन आबंध विद्यमान होता है जिससे इसके अणु संगुणित (जुड़े हुए) हो जाते हैं ।
प्रश्न 7.14: ऐसी दो अभिक्रियाएं दीजिए जिनसे फ़ीनॉल की अम्लीय प्रकृति प्रदर्शित होती हो।
उत्तर: (i) फ़ीनॉल की सक्रिय धातुओं (जैसे सोडियम तथा ऐलुमिनियम) के साथ अभिक्रिया करने पर हाइड्रोजन गैस निकलना, और (ii) जलीय सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के साथ अभिक्रिया करके सोडियम फ़ीनॉक्साइड बनाना। ये दोनों अभिक्रियाएं इसकी अम्लीय प्रकृति को दर्शाती हैं ।
प्रश्न 7.22: कारण बताइए कि मेथॉक्सीमेथेन की तुलना में एथेनॉल का क्वथनांक उच्च क्यों होता है?
उत्तर: एथेनॉल (ऐल्कोहॉल) में प्रबल अंतराआण्विक हाइड्रोजन आबंध उपस्थित होते हैं। मेथॉक्सीमेथेन (ईथर) में हाइड्रोजन आबंध का अभाव होता है, इसी कारण एथेनॉल का क्वथनांक उच्च होता है ।
(नोट: अभ्यास के वे प्रश्न जो केवल संरचनाओं/चित्रों पर आधारित हैं और जिनके स्पष्ट उत्तर पाठ्यांश में नहीं दिए गए हैं, उन्हें अपर्याप्त संदर्भ के कारण यहाँ शामिल नहीं किया गया है ताकि कोई गलत जानकारी (hallucination) न दी जाए)।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें