Bihar Board class 12 physics ch-4 moving charges and magnetism notes and 20 important MCQs

यह पाठ गतिमान आवेश और चुंबकत्व के सिद्धांतों पर आधारित एक विस्तृत शैक्षणिक सामग्री है। इसमें हंस क्रिश्चियन ऑस्टेड के ऐतिहासिक प्रयोगों का वर्णन किया गया है, जिन्होंने यह सिद्ध किया था कि विद्युत धारा अपने चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र निर्मित करती है। यह लेख लोरेंट्ज़ बल की अवधारणा को स्पष्ट करता है, जो विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों में गतिशील कणों पर लगने वाले बल की व्याख्या करता है। इसके अतिरिक्त, इसमें बायो-सावर्ट नियम और मैक्सवेल के योगदान के माध्यम से धारावाही चालकों द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्रों का गणितीय विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। पाठ में साइक्लोट्रॉन की कार्यप्रणाली, चुंबकीय क्षेत्र की इकाइयाँ और आवेशित कणों की विभिन्न प्रकार की गतियों, जैसे कि वृत्ताकार और कुंडलनी गति, को भी विस्तार से समझाया गया है। अंततः, यह स्रोत विद्युत और चुंबकत्व के बीच के गहरे अंतर्संबंधों और उनके आधुनिक तकनीकी अनुप्रयोगों पर प्रकाश डालता है।

गतिमान आवेश और चुंबकत्व - विस्तृत नोट्स, 20 महत्वपूर्ण MCQs 


1. भूमिका (Introduction)

1820 में हैंस क्रिश्चियन ऑस्ट्रेड ने अपने प्रयोग में पाया कि एक सीधे तार में धारा प्रवाहित करने पर पास रखी चुंबकीय सुई विक्षेपित होती है ।

इस घटना से यह निष्कर्ष निकला कि गतिमान आवेश या धाराएँ अपने चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती हैं ।


2. लॉरेंज बल और चुंबकीय क्षेत्र (Lorentz Force and Magnetic Field)

विद्युत क्षेत्र (E) तथा चुंबकीय क्षेत्र (B) दोनों की उपस्थिति में, v वेग से गतिमान q आवेश पर लगने वाले कुल बल को लॉरेंज बल कहते हैं ।

इसका सूत्र F = q [ E + (v × B) ] होता है ।

केवल चुंबकीय बल की बात करें तो यह $F = q(v \times B)$ होता है, जो वेग (v) और चुंबकीय क्षेत्र (B) दोनों के लंबवत कार्य करता है ।

यदि आवेश गतिमान नहीं है (v = 0) तो चुंबकीय बल शून्य होता है ।

चुंबकीय क्षेत्र (B) का SI मात्रक टेस्ला (T) है और इसका छोटा मात्रक गाउस (G) है, जहाँ 1 गाउस = $10^{-4}$ टेस्ला होता है ।


3. धारावाही चालक पर चुंबकीय बल

एकसमान अनुप्रस्थ काट वाले और l लंबाई के सीधे धारावाही चालक पर बाह्य चुंबकीय क्षेत्र B द्वारा लगने वाला बल F = Il × B होता है ।


4. चुंबकीय क्षेत्र में आवेश की गति

जब कोई आवेशित कण चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत (v $\perp$ B) प्रवेश करता है, तो चुंबकीय बल अभिकेंद्र बल की तरह कार्य करता है जिससे कण का पथ वृत्ताकार हो जाता है ।

इस वृत्ताकार पथ की त्रिज्या r = mv / qB होती है ।

यदि कण के वेग का कोई घटक चुंबकीय क्षेत्र के समांतर भी है, तो कण का पथ कुंडलिनी (Helical) हो जाता है ।


5. बायो-सावर्ट नियम (Biot-Savart Law)

यह नियम किसी धारा अल्पांश (Idl) के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र का मान देता है।

इसका सूत्र $dB = (\mu_0/4\pi) \times (I dl \sin\theta / r^2)$ है, जहाँ यह दूरी (r) के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है , ।

निर्वात की चुंबकशीलता ($\mu_0$) का मान $4\pi \times 10^{-7} T m / A$ होता है ।

R त्रिज्या के वृत्ताकार धारावाही पाश के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण $B = \mu_0 I / 2R$ होता है ।


6. ऐम्पियर का परिपथीय नियम (Ampere's Circuital Law)

किसी बंद पाश के लिए चुंबकीय क्षेत्र का रेखा समाकलन, उस पाश से गुजरने वाली कुल धारा I का $\mu_0$ गुना होता है: $\oint B \cdot dl = \mu_0 I$ ।

एक अनंत लंबे सीधे तार के कारण r दूरी पर चुंबकीय क्षेत्र $B = \mu_0 I / 2\pi r$ होता है , ।


7. परिनालिका (Solenoid)

लंबी परिनालिका के भीतर प्रत्येक बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र अक्ष के समांतर और एकसमान होता है ।

इसके भीतर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण B = $\mu_0$ n I होता है (जहाँ n प्रति एकांक लंबाई फेरों की संख्या है) ।


8. दो समांतर धारावाही तारों के बीच बल

समान दिशा (समांतर) में धारा ले जाने वाले तार एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं, जबकि विपरीत दिशा (प्रतिसमांतर) वाले तार प्रतिकर्षित करते हैं ।

तारों के बीच लगने वाला बल प्रति एकांक लंबाई $f = \mu_0 I_a I_b / 2\pi d$ होता है , ।

1 ऐम्पियर की परिभाषा: एक ऐम्पियर वह स्थायी धारा है जो निर्वात में 1 मीटर दूरी पर रखे दो लंबे तारों में प्रवाहित होने पर प्रति एकांक लंबाई पर $2 \times 10^{-7} N$ का बल उत्पन्न करती है ।


9. धारा पाश पर बल आघूर्ण और चुंबकीय द्विध्रुव (Torque and Magnetic Dipole)

एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में धारा पाश पर लगने वाला बल आघूर्ण $\tau = m \times B$ होता है ।

वृत्ताकार धारा पाश एक चुंबकीय द्विध्रुव की तरह कार्य करता है जिसका चुंबकीय आघूर्ण m = N I A होता है , ।


10. चल कुंडली गैल्वेनोमीटर (Moving Coil Galvanometer)

यह एकसमान त्रिज्य (radial) चुंबकीय क्षेत्र में रखी कुंडली पर लगने वाले बल आघूर्ण ($k\phi = NIAB$) के सिद्धांत पर कार्य करता है , ।

कुंडली के भीतर नरम लोहे का क्रोड रखा जाता है जो चुंबकीय क्षेत्र को त्रिज्य बनाने के साथ उसकी प्रबलता बढ़ाता है ।

ऐमीटर में रूपांतरण: गैल्वेनोमीटर के समांतर क्रम में एक अल्प प्रतिरोध (शंट, $r_s$) जोड़कर इसे ऐमीटर बनाया जाता है , ।

वोल्टमीटर में रूपांतरण: गैल्वेनोमीटर के श्रेणीक्रम में एक बड़ा प्रतिरोध (R) जोड़कर इसे वोल्टमीटर में परिवर्तित किया जाता है ।


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20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) उत्तर सहित


1. ऑस्ट्रेड का प्रयोग किस वर्ष में किया गया था?

(A) 1800

(B) 1820

(C) 1864

(D) 1902

उत्तर: (B) 1820


2. चुंबकीय क्षेत्र (B) का SI मात्रक क्या है?

(A) न्यूटन

(B) ऐम्पियर

(C) टेस्ला

(D) गाउस

उत्तर: (C) टेस्ला


3. स्थिर आवेश (v=0) पर चुंबकीय क्षेत्र द्वारा कितना बल लगाया जाता है?

(A) शून्य

(B) अनंत

(C) अधिकतम

(D) qvB

उत्तर: (A) शून्य


4. लॉरेंज बल का सही सूत्र क्या है?

(A) F = qE

(B) F = q(v × B)

(C) F = q[E + (v × B)]

(D) F = I(l × B)

उत्तर: (C) F = q[E + (v × B)]


5. धारावाही चालक पर एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में लगने वाला चुंबकीय बल क्या है?

(A) F = qvB

(B) F = I(l × B)

(C) F = I/lB

(D) F = qE

उत्तर: (B) F = I(l × B)


6. जब कोई आवेश चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत गति करता है, तो उसका पथ कैसा होता है?

(A) कुंडलिनी (Helical)

(B) सीधी रेखा

(C) वृत्ताकार

(D) परवलयाकार

उत्तर: (C) वृत्ताकार


7. वृत्ताकार गति करते हुए आवेशित कण की त्रिज्या (r) का सूत्र क्या है?

(A) r = qB/mv

(B) r = mv/qB

(C) r = m/qvB

(D) r = qv/mB

उत्तर: (B) r = mv/qB


8. निर्वात की चुंबकशीलता ($\mu_0$) का मान क्या होता है?

(A) $4\pi \times 10^{-7} T m / A$

(B) $4\pi \times 10^7 T m / A$

(C) $10^{-7} T m / A$

(D) $9 \times 10^9 T m / A$

उत्तर: (A) $4\pi \times 10^{-7} T m / A$


9. R त्रिज्या के वृत्ताकार धारावाही पाश के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र का मान क्या होता है?

(A) $\mu_0 I / 2\pi R$

(B) $\mu_0 I / 2R$

(C) $\mu_0 I / 4\pi R$

(D) $\mu_0 I / R$

उत्तर: (B) $\mu_0 I / 2R$


10. बायो-सावर्ट नियम के अनुसार, चुंबकीय क्षेत्र दूरी (r) पर किस प्रकार निर्भर करता है?

(A) r के अनुक्रमानुपाती

(B) r के व्युत्क्रमानुपाती

(C) $r^2$ के व्युत्क्रमानुपाती

(D) $r^3$ के अनुक्रमानुपाती

उत्तर: (C) $r^2$ के व्युत्क्रमानुपाती


11. ऐम्पियर का परिपथीय नियम किस समीकरण द्वारा दर्शाया जाता है?

(A) $\oint B \cdot dl = \mu_0 I$

(B) $\oint B \cdot dl = \mu_0 / I$

(C) $\oint E \cdot dl = \mu_0 I$

(D) $\oint B \cdot ds = 0$

उत्तर: (A) $\oint B \cdot dl = \mu_0 I$


12. एक लंबी परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण कितना होता है?

(A) $\mu_0 I / 2r$

(B) $\mu_0 N I$

(C) $\mu_0 n I$

(D) शून्य

उत्तर: (C) $\mu_0 n I$


13. एक ही दिशा (समांतर) में धारा ले जाने वाले दो तारों के बीच कौन सा बल कार्य करता है?

(A) प्रतिकर्षण

(B) आकर्षण

(C) कोई बल नहीं

(D) शून्य

उत्तर: (B) आकर्षण


14. 1 ऐम्पियर धारा वह धारा है जो 1 मीटर दूरी पर रखे तारों के बीच प्रति एकांक लंबाई पर कितना बल उत्पन्न करती है?

(A) $1 \times 10^{-7} N/m$

(B) $2 \times 10^{-7} N/m$

(C) $4\pi \times 10^{-7} N/m$

(D) $9 \times 10^9 N/m$

उत्तर: (B) $2 \times 10^{-7} N/m$


15. चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण (m) का सूत्र क्या है?

(A) m = N/IA

(B) m = I/A

(C) m = NIA

(D) m = NA/I

उत्तर: (C) m = NIA


16. एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में धारा पाश पर लगने वाले बल आघूर्ण ($\tau$) का सूत्र क्या है?

(A) $\tau = m \cdot B$

(B) $\tau = m \times B$

(C) $\tau = m / B$

(D) $\tau = I \times B$

उत्तर: (B) $\tau = m \times B$


17. चल कुंडली गैल्वेनोमीटर में नरम लोहे का क्रोड (soft iron core) क्यों उपयोग किया जाता है?

(A) उपकरण का वजन बढ़ाने के लिए

(B) धारा कम करने के लिए

(C) चुंबकीय क्षेत्र को त्रिज्य (radial) और प्रबल बनाने के लिए

(D) प्रतिरोध बढ़ाने के लिए

उत्तर: (C) चुंबकीय क्षेत्र को त्रिज्य (radial) और प्रबल बनाने के लिए


18. किसी गैल्वेनोमीटर को ऐमीटर में बदलने के लिए क्या किया जाता है? ,

(A) श्रेणीक्रम में उच्च प्रतिरोध जोड़कर

(B) समांतर क्रम में उच्च प्रतिरोध जोड़कर

(C) समांतर क्रम में अल्प प्रतिरोध (शंट) जोड़कर

(D) श्रेणीक्रम में अल्प प्रतिरोध जोड़कर

उत्तर: (C) समांतर क्रम में अल्प प्रतिरोध (शंट) जोड़कर ,


19. गैल्वेनोमीटर को वोल्टमीटर में रूपांतरित करने के लिए क्या करना चाहिए?

(A) श्रेणीक्रम में बड़ा प्रतिरोध जोड़ना

(B) समांतर क्रम में बड़ा प्रतिरोध जोड़ना

(C) समांतर क्रम में छोटा प्रतिरोध जोड़ना

(D) श्रेणीक्रम में छोटा प्रतिरोध जोड़ना

उत्तर: (A) श्रेणीक्रम में बड़ा प्रतिरोध जोड़ना


20. 1 टेस्ला कितने गाउस के बराबर होता है?

(A) $10^2$ गाउस

(B) $10^4$ गाउस

(C) $10^{-4}$ गाउस

(D) $10^6$ गाउस

उत्तर: (B) $10^4$ गाउस

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