CBSE Board class 12 ch-4 Primary Economic Activities and Human Geography Primary Economic Activities and Human Geography important MCQs and question answer
यह पाठ प्राथमिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रदान करता है, जो सीधे तौर पर पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से जुड़ी होती हैं। इसमें भोजन संग्रह, आखेट, पशुचारण और कृषि जैसे जीवन निर्वाह के पारंपरिक और आधुनिक तरीकों की व्याख्या की गई है। स्रोत बताते हैं कि कैसे भौगोलिक और तकनीकी कारक चलवासी पशुचारण और वाणिज्यिक पशुधन पालन के बीच अंतर पैदा करते हैं। इसके अतिरिक्त, यहाँ स्थानांतरणशील कृषि से लेकर वृहत वाणिज्यिक अनाज कृषि जैसी विभिन्न खेती की प्रणालियों पर चर्चा की गई है। यह पाठ स्पष्ट करता है कि ये आर्थिक क्रियाएँ दुनिया के अलग-अलग जलवायु क्षेत्रों में मानव जीवन को कैसे आधार प्रदान करती हैं। मानचित्रों और चित्रों के माध्यम से इन गतिविधियों के वैश्विक वितरण और उनके बदलते स्वरूप को भी रेखांकित किया गया है।
यहाँ पाठ के दिए गए अभ्यास प्रश्नों के उत्तर और विस्तृत नोट्स दिए गए हैं। आपकी सुविधा के लिए मैंने एक विस्तृत रिपोर्ट (Notes) भी तैयार की है जिसे आप अलग से देख सकते हैं।
अभ्यास प्रश्नों के उत्तर
1. बहुविकल्पीय प्रश्न:
(i) निम्न में से कौन-सी रोपण फसल नहीं है?
उत्तर: (x) गेहूँ
(ii) निम्न देशों में से किस देश में सहकारी कृषि का सफल परीक्षण किया गया है?
उत्तर: ([k) डेनमार्क
(iii) फूलों की कृषि कहलाती है-
उत्तर: (?k) पुष्पोत्पादन
(iv) निम्न में से कौन-सी कृषि के प्रकार का विकास यूरोपीय औपनिवेशिक समूहों द्वारा किया गया?
उत्तर: (?k) रोपण कृषि
(v) निम्न प्रदेशों में से किसमें विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि नहीं की जाती है?
उत्तर: (?k) अमेज़न बेसिन
(vi) निम्न में से किस प्रकार की कृषि में खट्टे रसदार फलों की कृषि की जाती है?
उत्तर: ([k) भूमध्यसागरीय कृषि
(vii) निम्न कृषि के प्रकारों में से कौन-सा प्रकार 'कर्तन-दहन' कृषि का प्रकार है?
उत्तर: ([k) आदिकालीन निर्वाहक कृषि
(viii) निम्न में से कौन-सी एकल कृषि नहीं है?
उत्तर: ([k) मिश्रित कृषि
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2. लघु उत्तरीय प्रश्न (लगभग 30 शब्दों में):
(i) स्थानांतरित कृषि का भविष्य अच्छा नहीं है। विवेचना कीजिए।
उत्तर: स्थानांतरित कृषि में भूमि की उर्वरता जल्दी समाप्त हो जाती है, जिससे 'झूम का चक्र' छोटा होता जाता है । इसके कारण वनों का ह्रास होता है और पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है, इसलिए आधुनिक समय में इसे टिकाऊ नहीं माना जाता ।
(ii) बाजारीय सब्जी कृषि नगरीय क्षेत्रों के समीप ही क्यों की जाती है?
उत्तर: क्योंकि नगरीय क्षेत्रों में ताजी सब्जियों और फलों की ऊँची मांग होती है और वहाँ के उपभोक्ता ऊँची आय वाले होते हैं । शहर के पास होने से परिवहन खर्च कम होता है और सब्जियां खराब होने से पहले बाजार पहुँच जाती हैं ।
(iii) विस्तृत पैमाने पर डेयरी कृषि का विकास यातायात के साधनों एवं प्रशीतकों के विकास के बाद ही क्यों संभव हो सका है?
उत्तर: डेयरी उत्पाद (जैसे दूध) जल्दी खराब होने वाली वस्तुएं हैं । उन्नत परिवहन, प्रशीतकों (Refrigerators) और पास्तूरीकरण की सुविधा के कारण अब इन उत्पादों को अधिक समय तक सुरक्षित रखकर दूर के बाजारों तक भेजा जा सकता है ।
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3. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:
(i) चलवासी पशुचारण और वाणिज्य पशुधन पालन में अंतर कीजिए।
उत्तर: चलवासी पशुचारण एक प्राचीन जीवन-निर्वाह व्यवसाय है जहाँ चरवाहे पानी और चरागाह की खोज में एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रवास करते हैं और कई प्रकार के पशु पालते हैं । इसके विपरीत, वाणिज्य पशुधन पालन अधिक व्यवस्थित और पूँजी प्रधान है, जहाँ विशाल स्थायी फार्मों में वैज्ञानिक तरीके से केवल एक ही प्रकार के पशु पाले जाते हैं ।
(ii) रोपण कृषि की मुख्य विशेषताएँ बताइए एवं विभिन्न देशों में उगाई जाने वाली कुछ प्रमुख रोपण फसलों के नाम बताइए।
उत्तर: इसकी मुख्य विशेषताएँ बड़े आकार के बागान, अधिक पूँजी निवेश, वैज्ञानिक विधियाँ और एकफसली विशेषज्ञता हैं । प्रमुख फसलें और क्षेत्र: भारत और श्रीलंका में चाय, मलेशिया में रबड़, पश्चिमी द्वीप समूह में गन्ना एवं केले, और ब्राजील में कॉफी (जिसे फेज़ेंडा कहा जाता है) ।
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अध्याय के मुख्य नोट्स (Short Notes)
प्राथमिक क्रियाएँ: ये सीधे पर्यावरण पर निर्भर होती हैं, जैसे आखेट, भोजन संग्रह, पशुचारण, मछली पकड़ना, कृषि और खनन ।
आखेट एवं भोजन संग्रह: ये सबसे प्राचीन ज्ञात आर्थिक क्रियाएं हैं जो कठोर जलवायु वाले क्षेत्रों में की जाती हैं ।
कृषि के प्रकार:
निर्वाह कृषि: इसमें किसान स्थानीय उपभोग के लिए उत्पादन करता है ।
विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि: यह मध्य अक्षांशों के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में की जाती है जहाँ गेहूँ मुख्य फसल है और कार्य मशीनों द्वारा होता है ।
मिश्रित कृषि: इसमें फसल उत्पादन और पशुपालन दोनों को समान महत्व दिया जाता है ।
भूमध्यसागरीय कृषि: यह अंगूर और खट्टे फलों के उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध है ।
खनन: यह खनिजों की उपलब्धता और आर्थिक कारकों (जैसे मांग, तकनीक, पूँजी) पर निर्भर करता है। इसकी दो मुख्य विधियाँ हैं: धरातलीय (विवृत) और भूमिगत (कूपकी) खनन [23-25]।
मैंने आपके लिए इस अध्याय के सभी मुख्य अवधारणाओं को शामिल करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर दी है।
अध्याय "प्राथमिक क्रियाएँ" पर आधारित आपके विस्तृत नोट्स (Study Notes) तैयार कर दिए गए हैं, जिन्हें आप रिपोर्ट अनुभाग में देख सकते हैं। इसमें आखेट, पशुचारण, कृषि के विभिन्न प्रकार और खनन जैसे सभी महत्वपूर्ण विषयों को विस्तार से समझाया गया है।
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