Ncert class 6 Hindi- chapter 13- दादा दादी के साथ
Ncert class 6 Hindi- chapter 13- दादा दादी के साथ
यह कहानी राहुल और पद्मिनी के इंगलैंड से भारत आकर अपने दादा-दादी के घर हमीरपुर रहने के अनुभवों का वर्णन करती है। यहाँ उनके चचेरे भाई-बहन, पिंकी और विकी, पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित हैं, जबकि विदेशी मेहमान बच्चे भारतीय परंपराओं और सरल जीवन के प्रति अधिक आकर्षित दिखते हैं। दादी की कहानियाँ, लालटेन की रोशनी और पारंपरिक भोजन इन बच्चों के लिए एक रोमांचक अनुभव बन जाते हैं। जहाँ स्थानीय बच्चे खंडहरों और ग्रामीण परिवेश की उपेक्षा करते हैं, वहीं राहुल और पद्मिनी उनमें इतिहास और प्रकृति खोजने के लिए उत्सुक हैं। यह पाठ आधुनिकता और सांस्कृतिक जड़ों के बीच के रोचक अंतर को खूबसूरती से दर्शाता है। पारिवारिक संबंधों की गर्मजोशी और जिज्ञासा इस वृत्तांत का मुख्य केंद्र है।
दादा दादी के साथ अध्याय का संक्षेपण
प्रस्तुत कहानी इंग्लैंड से भारत आए दो बच्चों, राहुल और पद्मिनी, के अपने दादा-दादी और चचेरे भाई-बहनों (पिंकी और विकी) से मिलने के अनुभवों पर आधारित है। इस पाठ का संक्षेप निम्नलिखित है:
अतिथियों का आगमन और स्वागत
राहुल और पद्मिनी अपने पिता, विपिन प्रताप सिंह के साथ हमीरपुर पहुँचे, जहाँ पूरे परिवार और कर्मचारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। घर में रिश्तेदारों का ताँता लगा रहा और सभी ने बच्चों के हिंदी ज्ञान और सुंदर रूप की प्रशंसा की। इंग्लैंड के सीमित रिश्तों के मुकाबले, यहाँ का प्रेम और आकर्षण उनके लिए नया और आनंददायक था।
सांस्कृतिक विरोधाभास
कहानी में आधुनिकता और परंपरा के बीच का अंतर स्पष्ट दिखाई देता है:
* भाषा का प्रयोग: पद्मिनी और राहुल को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि हिंदी आने के बावजूद पिंकी और विकी अक्सर अंग्रेजी में बात करते थे।
* विचारधारा: पिंकी पौराणिक कथाओं और ग्रामीण परिवेश को 'पुराना' और 'विज्ञान के युग में अनुपयुक्त' मानती थी, जबकि राहुल और पद्मिनी के लिए दादी से कहानियाँ सुनना और लालटेन की रोशनी में चारपाई पर बैठना एक रोमांचक अनुभव था।
* भोजन: जहाँ पिंकी और विकी ने पारंपरिक भोजन के बजाय सूप और ब्रेड को चुना, वहीं राहुल और पद्मिनी ने बड़े चाव से उपलों पर बनी 'सत्तू की लिट्टी' का आनंद लिया।
भावी योजना: खंडहरों की खोज
अगले दिन की योजना बनाते समय पिंकी और विकी को लगा कि हमीरपुर में दिखाने लायक कुछ खास नहीं है। हालाँकि, जब खंडहरों और पास के एक असली गाँव की बात चली, तो पद्मिनी और राहुल की उत्सुकता बढ़ गई।
* पद्मिनी की रुचि इतिहास और पुरातत्व में थी, इसलिए वह प्राचीन भग्नावशेषों का अन्वेषण करना चाहती थी।
* राहुल अपने कैमरे से दुर्लभ पक्षियों और चमगादड़ों के चित्र लेना चाहता था।
पिंकी और विकी की अनिच्छा के बावजूद, इंग्लैंड से आए इन बच्चों ने तय किया कि वे भारत की प्राचीन सभ्यता और प्रकृति को करीब से देखने के लिए इन खंडहरों की यात्रा अवश्य करेंगे।
पिंकी और विकी क्यों प्रसन्न थे और उनके घर कौन आ रहा था?
पिंकी और विकी की प्रसन्नता और उनके घर आने वाले अतिथियों का विवरण नीचे दिया गया है:
* प्रसन्नता का कारण: पिंकी और उसका छोटा भाई विकी इसलिए बहुत खुश थे क्योंकि सात समुद्र पार इंग्लैंड से उनके हम उम्र भाई-बहन उनसे मिलने आ रहे थे।
* आने वाले अतिथि: उनके घर उनके सगे चाचा, श्री विपिन प्रताप सिंह के बच्चे, राहुल और पद्मिनी आ रहे थे।
* विशेष परिस्थिति: यद्यपि वे आपस में भाई-बहन थे, लेकिन पिंकी और विकी की उनसे अब तक कभी मुलाकात नहीं हुई थी।
पूरा परिवार, जिसमें दादा-दादी, मम्मी-पापा और घर के सभी कर्मचारी (माली, चौकीदार आदि) शामिल थे, कई दिनों से इन अतिथियों के स्वागत की तैयारी और घर की सफाई में लगे हुए थे।
2: राहुल और पद्मिनी कहाँ से आए थे और उनका पिंकी-विकी से क्या संबंध था? मेहमानों के स्वागत के लिए घर में क्या-क्या तैयारियाँ की गई थीं? पद्मिनी को देखकर रिश्तेदारों ने उसकी तुलना किससे की और क्या टिप्पणियाँ कीं?
* राहुल और पद्मिनी का मूल स्थान और संबंध
* मूल स्थान: राहुल और पद्मिनी सात समुद्र पार इंग्लैंड से भारत आए थे।
* संबंध: वे पिंकी और विकी के अपने चाचा, श्री विपिन प्रताप सिंह के बच्चे थे। इस नाते वे आपस में चचेरे भाई-बहन (Cousins) थे, हालाँकि इससे पहले उनकी कभी मुलाकात नहीं हुई थी।
* मेहमानों के स्वागत की तैयारियाँ
* सफाई अभियान: पूरा परिवार अतिथियों के स्वागत में जुटा था। दादा-दादी, मम्मी-पापा और बच्चों के साथ-साथ घर के सभी कर्मचारी जैसे नौकर, दाई, माली और चौकीदार कई दिनों से घर की सफाई में लगे थे।
* परिजनों का जमावड़ा: उनके आने पर परिवार के लोगों का आना-जाना लगा रहा और रिश्ते के ढेर सारे भाई-बहन, चाचा-चाची, बुआ-फूफा आदि उनसे मिलने के लिए घर पर एकत्रित हुए।
* पद्मिनी की तुलना और रिश्तेदारों की टिप्पणियाँ
रिश्तेदारों ने पद्मिनी को देखकर उसकी तुलना उसकी माँ से की और निम्नलिखित टिप्पणियाँ कीं:
* शारीरिक तुलना: उन्होंने कहा कि बेटी बिल्कुल अपनी माँ जैसी है, जिसकी आँखें नीली और बाल काले हैं।
* सुंदरता की प्रशंसा: उसे देखकर लोगों के मुँह से निकला कि वह बहुत सुंदर है।
* हिंदी ज्ञान पर टिप्पणी: रिश्तेदारों ने इस बात की सराहना की कि उन्हें हिंदी सिखाई गई है, वरना वे परिवार की बात समझ नहीं पाते।
* संस्कार: उनके माता-पिता से कहा गया कि उन्होंने बच्चों को बहुत "अच्छी ट्रेनिंग" दी है।
शाम को बिजली चले जाने पर पिंकी ने क्या प्रतिक्रिया दी और राहुल ने रमुआ की मदद कैसे की?
शाम को बिजली चले जाने पर पिंकी की प्रतिक्रिया और राहुल द्वारा रमुआ की मदद करने का विवरण नीचे दिया गया है:
* पिंकी की प्रतिक्रिया: बिजली जाने पर पिंकी ने मुँह बनाकर दुख व्यक्त किया और अँग्रेजी में कहा, "ओ हो ! आई एम सो सॉरी!"। उसे इस बात की चिंता थी कि राहुल और पद्मिनी भारत (इण्डिया) के बारे में क्या सोचेंगे कि यहाँ कैसी व्यवस्था है।
* राहुल द्वारा रमुआ की मदद: राहुल ने देखा कि रमुआ आँगन में लालटेन जला रहा है। वह रमुआ के पास गया और उससे पूछा कि क्या वह भी लालटेन जला सकता है। राहुल ने लालटेन जलाने में रमुआ की मदद की और जब पैट्रोमैक्स की लालटेन पूरी रोशनी के साथ जल उठी, तो उसे बहुत आनंद आया।
इसके बाद राहुल वही जलती हुई लालटेन लेकर अपनी दादी के पास गया और उनके पास चारपाई पर बैठकर बातें करने लगा।
दादी के साथ चारपाई पर बैठने के अनुभव को पद्मिनी ने किस प्रकार महसूस किया?
दादी के साथ चारपाई पर बैठने का अनुभव पद्मिनी के लिए अत्यंत सुखद और भावनात्मक रहा, जिसे उसने कुछ इस प्रकार महसूस किया:
* रोमांचकारी वातावरण: पद्मिनी को वह पूरा वातावरण बहुत रोमांचकारी लग रहा था।
* प्रेम भरा सामीप्य: लालटेन की हल्की रोशनी में उसे अपने आस-पास की टूटी दीवारें, फर्श की दरारें और बिखरी लकड़ियाँ दिखाई देना बंद हो गई थीं; उसे केवल दादी का मधुर और प्रेम भरा साथ महसूस हो रहा था।
* अतीत का अहसास: दादी ने पद्मिनी को अपने से सटाकर बिठाया था और वे प्यार से उसके बालों को सहला रही थीं। उसे ऐसा लगा जैसे वह किसी बीते हुए पुराने समय (अतीत) में वापस आ गई हो।
* संस्कृति से जुड़ाव: पद्मिनी ने महसूस किया कि उसके पिता के देश (भारत) की यही विशेष बात है कि यहाँ का जीवन आज भी अपनी प्राचीन सभ्यता और जड़ों से मजबूती से जुड़ा हुआ है।
* प्रकृति का आनंद: उस माहौल में उसे बाहर काली रात में मेंढ़कों का टर्राना और आसमान में बिखरे हुए ढेर सारे तारे बहुत अच्छे लग रहे थे।
मेंढकों का टर्राना और तारों भरा आकाश पद्मिनी को क्या याद दिला रहा था?
मेंढकों का टर्राना और तारों भरा आकाश पद्मिनी को निम्नलिखित बातों का अहसास और याद दिला रहा था:
* अतीत की झलक: उस शांत और प्राकृतिक वातावरण में पद्मिनी को ऐसा महसूस हुआ जैसे वे किसी बीते हुए अतीत में पुनः वापस आ गए हों।
* प्राचीन सभ्यता से जुड़ाव: उसे महसूस हुआ कि उसके पिता (डैड) के देश की यही विशेषता है कि यहाँ का जीवन आज भी अपनी प्राचीन जीवनशैली और सभ्यता से गहराई से जुड़ा हुआ है।
* सुखद सामीप्य: काली रात के साए में मेंढ़कों की आवाज़ और नभ में छिटके तारों के बीच उसे अपनी दादी का प्रेम भरा सामीप्य और उनके रेशमी बालों को सहलाने का अहसास बहुत सुखद लग रहा था।
पद्मिनी के लिए यह अनुभव आधुनिक इंग्लैंड के जीवन से बिल्कुल अलग और किसी पुरानी कहानी के दृश्य जैसा था।
दादी बच्चों को कौन सी कहानियाँ सुनाना चाहती थीं?
दादी बच्चों को रामायण और महाभारत की कहानियाँ सुनाना चाहती थीं। उन्होंने इन पुराण कथाओं के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि:
* इन कथाओं में बहुत ज्ञान भरा होता है।
* इनसे हमारे जीवन के सिद्धांतों, मान्यताओं और मूल्यों के विषय में जानकारी मिलती है।
* इन किस्सों के माध्यम से न केवल मनोरंजन होता है, बल्कि आम लोगों को अच्छे और बुरे का ज्ञान तथा आदर्श समझाने का कार्य भी हो जाता है।
पुराण कथाओं के महत्व के बारे में दादी और दादाजी के क्या विचार थे?
पुराण कथाओं के महत्व के बारे में दादी और दादाजी ने निम्नलिखित विचार व्यक्त किए:
दादी के विचार
* ज्ञान का भंडार: दादी का मानना था कि पुराण कथाओं में बहुत अधिक ज्ञान भरा हुआ है।
* सिद्धांतों और मूल्यों की शिक्षा: उनके अनुसार, ये कथाएँ हमें हमारे जीवन के सिद्धांतों, मान्यताओं और नैतिक मूल्यों के विषय में जानकारी देती हैं।
* दोहरा लाभ: दादी ने इन कहानियों के बारे में 'एक पंथ दो काज' वाली बात कही, क्योंकि ये मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा भी देती हैं।
दादाजी के विचार
* नैतिक ज्ञान: दादाजी के अनुसार, इन किस्सों के माध्यम से ही पहले के समय में आम लोगों को अच्छे और बुरे का ज्ञान प्राप्त होता था।
* आदर्शों की समझ: उन्होंने बताया कि इन कहानियों के जरिए मनोरंजन के साथ-साथ समाज के आदर्शों और मूल्यों को समझाने का कार्य भी बड़ी सहजता से पूरा हो जाता था।
पिंकी की कहानियों के प्रति क्या सोच थी और उसने दादी से क्या बहस की?
पिंकी की कहानियों के प्रति सोच काफी आधुनिक और नकारात्मक थी। उसने दादी की कहानियों को पुराने जमाने का मानकर उनसे निम्नलिखित बहस की:
* पुरानापन और अरुचि: पिंकी को दादी की कहानियाँ "पुराने किस्से-कहानी" और "पुरानी कथाएँ" लगती थीं।
* विज्ञान के साथ तुलना: उसने तर्क दिया कि आज के साइंस (विज्ञान) के जमाने में ये कहानियाँ बिल्कुल फिट नहीं बैठतीं।
* उपयोगिता पर प्रश्न: उसने दादी से सीधे सवाल किया कि "क्या मिलेगा हमें उनसे?"।
* रुचि का अभाव: जब दादी ने कहानियाँ सुनाने की बात की, तो पिंकी ने "ओह नो, नॉट अगेन" कहकर मुँह बनाया, जिससे उसकी कहानियों के प्रति चिढ़ साफ़ झलक रही थी।
रात के भोजन में डैड ने किस विशेष व्यंजन की माँग की थी?
रात के भोजन में डैड ने बचपन में खाए सत्तू की लिट्टी की माँग पेश की थी। उनके इस विशेष व्यंजन के बारे में पाठ में निम्नलिखित बातें बताई गई हैं:
* प्रतिक्रिया: यह सुनकर पिंकी और विकी ने नाक-भौं सिकोड़ी और अपने लिए सूप, ब्रेड तथा अंडे बनवा लिए।
* विदेशी बच्चों का उत्साह: राहुल और पद्मिनी के लिए लिट्टी एक विशेष और नया व्यंजन बन गया।
* बनाने का तरीका: दादी ने खाट के पास ही गोबर के उपले (कंडे) रखवाए और उनमें सत्तू भरी गोल-गोल लिट्टियाँ डालकर उन्हें पारंपरिक तरीके से पकाया।
* स्वाद: राहुल और पद्मिनी को गर्म घी के साथ खाई गई इन लिट्टियों का स्वाद बहुत ही सोंधा और पेस्ट्री जैसा लगा।
लिट्टी बनाने का पारंपरिक तरीका क्या था और पिंकी-विकी ने अपने लिए क्या बनवाया?
पाठ के आधार पर लिट्टी बनाने का पारंपरिक तरीका और पिंकी-विकी के भोजन का विवरण नीचे दिया गया है:
लिट्टी बनाने का पारंपरिक तरीका
लिट्टी को अत्यंत प्राचीन और पारंपरिक ढंग से तैयार किया गया था:
* दादी ने लिट्टी पकाने के लिए खाट के पास ही गोबर के उपलों (कंडों) को रखवाया और उन्हें जलाया।
* आटे में सत्तू भरकर गोल-गोल लिट्टियाँ तैयार की गईं।
* इन लिट्टियों को सीधे जलते हुए उपलों में डालकर सेंका (बेक किया) गया।
* अंत में, इन्हें गर्म घी के साथ परोसा गया, जिससे उनमें एक विशेष सोंधा स्वाद आ गया था।
पिंकी और विकी का भोजन
चूँकि पिंकी और विकी को पारंपरिक लिट्टी पसंद नहीं थी और उसे देखकर उन्होंने नाक-भौं सिकोड़ी थी, इसलिए उन्होंने अपने लिए निम्नलिखित चीजें बनवाईं:
* सूप
* ब्रेड
* अंडे
पिंकी और विकी की खंडहरों में जाने के प्रति क्या राय थी?
पिंकी और विकी की खंडहरों में जाने के प्रति राय काफी नकारात्मक और उत्साहहीन थी। उनके दृष्टिकोण को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:
रुचि का अभाव: पिंकी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसकी टूटी-फूटी दीवारों को देखने में कोई रुचि नहीं है। उसने यह भी साझा किया कि उन्होंने उन खंडहरों को हमेशा दूर से ही देखा है और उनके पास जाने की कभी इच्छा नहीं हुई।
उपेक्षापूर्ण दृष्टिकोण: विकी ने खंडहरों में जाने के विचार का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वहाँ उल्लू और चमगादड़ के सिवाय और क्या मिलेगा। उसके अनुसार खंडहरों में केवल यही जीव पाए जाते हैं और वहाँ देखने लायक कुछ खास नहीं है।
वैचारिक अंतर: जहाँ राहुल और पद्मिनी खंडहरों को इतिहास, खोज (अन्वेषण) और प्रकृति-विज्ञान के नजरिए से देख रहे थे, वहीं पिंकी और विकी के लिए वे केवल ध्वस्त और बेकार भवन थे। पद्मिनी ने स्पष्ट रूप से महसूस किया कि पिंकी और विकी इस योजना से बहुत खुश नहीं थे।
संक्षेप में, पिंकी और विकी के लिए खंडहरों की यात्रा निरर्थक थी, जबकि राहुल और पद्मिनी के लिए यह एक 'एडवेंचर' और सीखने का अवसर था।
राहुल खंडहरों में जाकर क्या करना चाहता था और उसने अपने साथ क्या ले जाने की बात कही?
राहुल खंडहरों में जाकर निम्नलिखित कार्य करना चाहता था और उसने अपने साथ कैमरा ले जाने की बात कही थी:
दुर्लभ पक्षियों की खोज: राहुल को उम्मीद थी कि खंडहरों में उसे कुछ दुर्लभ पक्षियों के संकेत मिल सकते हैं।
भारतीय चमगादड़ों का अवलोकन: जब विकी ने मजाक में कहा कि वहाँ केवल उल्लू और चमगादड़ मिलेंगे, तो राहुल ने उत्साह दिखाते हुए कहा कि वह देखना चाहता है कि भारतीय चमगादड़ कैसे होते हैं क्योंकि ये हर जगह नहीं मिलते।
कैमरा ले जाना: राहुल ने कहा कि वह अपने साथ अपना कैमरा ले जाएगा।
चित्र खींचना और अध्ययन: कैमरा ले जाने का उसका मुख्य उद्देश्य पक्षियों के चित्र खींचना था। उसका मानना था कि ये चित्र उसकी पाठशाला में प्रकृति-विज्ञान' (Nature Science) के विषय के लिए बहुत रोचक और उपयोगी होंगे ।
संक्षेप में, राहुल के लिए खंडहरों की यात्रा केवल घूमने के लिए नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं के अन्वेषण और वैज्ञानिक अध्ययन का एक अवसर थी।
पद्मिनी की रुचि खंडहरों में क्यों थी और उसने स्कूल में इस बारे में क्या सीखा था?
पद्मिनी की खंडहरों में गहरी रुचि थी और इसके पीछे मुख्य कारण उसकी इतिहास (History) के प्रति विशेष दिलचस्पी थी।
स्त्रोतों के अनुसार, पद्मिनी की रुचि और उसके स्कूल की शिक्षा के बारे में निम्नलिखित बातें पता चलती हैं:
इतिहास में रुचि: पद्मिनी ने स्वयं बताया कि उसे इतिहास में विशेष रुचि है, इसी कारण वह खंडहरों (प्राचीन ध्वस्त भवनों) को देखने के लिए बहुत उत्सुक थी।
अन्वेषण का अनुभव: वह अपनी पाठशाला (स्कूल) की ओर से कई बार पुराने खंडहरों में खोज और अन्वेषण (Discovery and Exploration) करने के लिए जा चुकी थी।
वैज्ञानिक अध्ययन: उसने स्कूल में इस विषय पर काफी अध्ययन किया था कि प्राचीन भग्नावशेषों (Ancient remains) पर खोज किस प्रकार की जाती है।
समय और इतिहास की जानकारी: पद्मिनी ने सीखा था कि इन खंडहरों के माध्यम से उस समय और इतिहास की जानकारी कैसे प्राप्त की जाती है।
उसे इस विषय का 'थोड़ा-बहुत ज्ञान' भी था, जिसके कारण वह हमीरपुर के खंडहरों को केवल टूटी दीवारें न मानकर उन्हें सीखने और खोजने के एक अवसर के रूप में देख रही थी। जब पिंकी ने खंडहरों के प्रति उदासीनता दिखाई, तो पद्मिनी ने दृढ़ता से कहा कि वह उन्हें अवश्य देखना चाहेगी।
राहुल के लिए भारत का यह प्रवास एक 'एडवेंचर' क्यों था?
राहुल के लिए भारत का यह प्रवास एक 'एडवेंचर' (साहसिक अनुभव) इसलिए था क्योंकि यहाँ का वातावरण और जीवनशैली उसके इंग्लैंड के जीवन से पूरी तरह भिन्न और रोमांचक थी। उसके लिए यह अनुभव निम्नलिखित कारणों से विशेष था:
प्राकृतिक और पारंपरिक वातावरण: राहुल को रात के अंधेरे में बाहर बैठकर खाना पकाने और खाने में बहुत आनंद आया। उसे लालटेन की रोशनी, खुले नीले आकाश की छत और रस्सी की बनी अनोखी चारपाई पर बैठना बहुत रोमांचकारी लगा।
दैनिक गतिविधियों में नवीनता: जब बिजली चली गई, तो राहुल ने रमुआ के साथ मिलकर लालटेन जलाई, जिससे उसे बहुत खुशी मिली। दादी के पास चारपाई पर बैठकर उनके करीब रहना और उनसे कहानियाँ सुनना उसके लिए एक नया अनुभव था।
अन्वेषण और खोज की इच्छा: राहुल के लिए यह यात्रा केवल घूमने तक सीमित नहीं थी; वह एक 'असली गाँव' देखना चाहता था जहाँ लोग झोपड़ियों में रहते हों।
वैज्ञानिक रुचि: वह खंडहरों में जाकर दुर्लभ पक्षियों और भारतीय चमगादड़ों की खोज करना चाहता था। उसने अपने साथ कैमरा ले जाने की बात कही ताकि वह उनके चित्र खींच सके और अपनी पाठशाला में 'प्रकृति-विज्ञान' (Nature Science) के विषय में उनका उपयोग कर सके।
संक्षेप में, भारत की प्राचीन सभ्यता, पारंपरिक रहन-सहन और प्रकृति के साथ जुड़ाव ने इस प्रवास को राहुल के लिए एक बड़ा 'एडवेंचर' बना दिया था।
पिंकी के अनुसार हमीरपुर और बड़े शहरों (दिल्ली, मुंबई) में क्या अंतर था?
पिंकी के अनुसार हमीरपुर और दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों के बीच मुख्य अंतर निम्नलिखित थे:
सुविधाओं और आकर्षण का अभाव: पिंकी का मानना था कि हमीरपुर एक छोटी जगह है जहाँ देखने के लिए म्यूजियम (संग्रहालय) जैसी चीजें नहीं हैं। उसके अनुसार, बड़े शहरों में मनोरंजन और ज्ञान के अधिक साधन उपलब्ध होते हैं।
आधुनिक भारत की पहचान: पिंकी का विचार था कि यदि राहुल और पद्मिनी मुंबई या दिल्ली जैसे शहर देखते, तो उन्हें बेहतर तरीके से पता चलता कि 'इंडिया' वास्तव में कैसा है। उसके लिए बड़े शहर ही आधुनिक भारत का सही प्रतिनिधित्व करते थे।
लोगों का व्यक्तित्व: पिंकी के अनुसार, बड़े शहरों में रहने वाले लोग बहुत 'स्मार्ट' और 'पढ़े-लिखे' होते हैं। वह हमीरपुर की तुलना में बड़े शहरों के निवासियों को अधिक आधुनिक और शिक्षित मानती थी।
गाँव बनाम शहर: विकी और पिंकी के अनुसार, हमीरपुर को देखकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई किसी गाँव में आ गया हो। पिंकी ने यह भी स्पष्ट किया कि हमीरपुर जैसे कस्बे और 'असली गाँव' (रियल विलेज) में भी अंतर होता है, जहाँ लोग केवल झोपड़ियों में रहते हैं।
संक्षेप में, पिंकी के लिए हमीरपुर एक सीमित और पिछड़ी हुई जगह थी, जबकि बड़े शहर प्रगति, शिक्षा और आधुनिकता के प्रतीक थे।
दादा दादी के साथ पाठ का नोट्स
प्रस्तुत पाठ 'दादा-दादी के साथ' के मुख्य बिंदुओं पर आधारित नोट्स निम्नलिखित हैं:
1. अतिथियों का आगमन और परिचय
* मुख्य अतिथि: राहुल और पद्मिनी, जो सात समुद्र पार इंग्लैंड से भारत आए थे।
* पारिवारिक संबंध: वे श्री विपिन प्रताप सिंह (पिंकी और विकी के चाचा) के बच्चे थे।
* स्वागत: दादा-दादी, माता-पिता और घर के समस्त कर्मचारियों (माली, नौकर, चौकीदार आदि) ने उत्साह के साथ तैयारी की थी।
2. सांस्कृतिक विरोधाभास (Culture Gap)
* भाषा: इंग्लैंड से आए बच्चों को हिंदी आती थी, लेकिन भारत में रहने वाले पिंकी और विकी अक्सर अंग्रेजी में बात करते थे।
* विचारधारा: * पिंकी पौराणिक कहानियों को विज्ञान के युग में अनुपयुक्त मानती थी।
* राहुल और पद्मिनी के लिए भारतीय परंपराएँ, जैसे चारपाई पर बैठना और लालटेन की रोशनी, रोमांचकारी थीं।
3. परंपराओं और मूल्यों का महत्व
* दादी के विचार: पुराण कथाएँ जीवन के सिद्धांतों, मान्यताओं और मूल्यों का आधार हैं।
* दादाजी के विचार: कहानियाँ मनोरंजन के साथ-साथ अच्छे-बुरे का ज्ञान और आदर्श समझाने का सशक्त माध्यम हैं।
* भोजन: डैड की पसंद पर 'सत्तू की लिट्टी' पारंपरिक तरीके से उपलों पर बनाई गई, जिसका स्वाद राहुल-पद्मिनी को बहुत पसंद आया।
4. हमीरपुर के प्रति दृष्टिकोण
* पिंकी और विकी: वे हमीरपुर को एक छोटी और पिछड़ी जगह मानते थे जहाँ कोई म्यूजियम या देखने लायक 'स्मार्ट' चीज़ नहीं थी।
* राहुल और पद्मिनी: उनके लिए यह एक बड़ा 'एडवेंचर' था। वे असली गाँव और प्राचीन खंडहरों को देखने के लिए उत्सुक थे।
5. खंडहरों के प्रति विशेष रुचि
* पद्मिनी का उद्देश्य: इतिहास में रुचि होने के कारण वह प्राचीन भग्नावशेषों का अन्वेषण (Exploration) करना चाहती थी।
* राहुल का उद्देश्य: वह अपने कैमरे से दुर्लभ पक्षियों और भारतीय चमगादड़ों के चित्र लेना चाहता था ताकि प्रकृति-विज्ञान में काम आ सकें।

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