Ncert class 7 Hindi- chapter 4- दानी पेङ
Ncert class 7 Hindi- chapter 4- दानी पेङ
यह कहानी एक पेड़ और एक लड़के के बीच के निस्वार्थ और अटूट प्रेम को दर्शाती है। बचपन में लड़का पेड़ के साथ खेलता था, लेकिन बड़े होने पर वह अपनी भौतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बार-बार उसके पास आया। पेड़ ने लड़के की खुशी के लिए अपने फल, शाखाएं और तना सब कुछ सहर्ष दान कर दिया। अंत में जब लड़का एक बूढ़ा व्यक्ति बन गया, तो पेड़ के पास उसे देने के लिए केवल एक ठूंठ बचा था। इसके बावजूद, पेड़ उसे विश्राम की जगह प्रदान करके अत्यंत प्रसन्न था। यह मार्मिक कथा प्रकृति की उदारता और मनुष्य की अंतहीन माँगों के बीच के संबंध को खूबसूरती से उजागर करती है।
बचपन में लड़का पेड़ के साथ किस तरह समय बिताता था और कौन-कौन से खेल खेलता था?
बचपन में लड़का हर रोज़ पेड़ के पास आता था और उसके साथ बहुत समय बिताता था । वह पेड़ के गिरे हुए फूलों की माला बनाता था और उसके तने पर चढ़ता था । इसके अलावा, वह पेड़ की शाखाओं से झूलता था और उसके फल खाता था ।
खेलों की बात करें तो, लड़का पेड़ के साथ लुका-छिपी (hide-and-seek) खेलता था । जब वह खेलते-खेलते थक जाता था, तो वह पेड़ की छाँव में सो जाता था । लड़का पेड़ से बहुत प्यार करता था और पेड़ भी उसके साथ समय बिताकर बहुत खुश रहता था ।
जब लड़के को पैसों की ज़रूरत महसूस हुई, तब पेड़ ने उसकी मदद किस प्रकार की?
जब लड़के को पैसों की ज़रूरत महसूस हुई, तो उसने पेड़ से आर्थिक मदद मांगी क्योंकि वह बहुत सी चीज़ें खरीदना चाहता था । पेड़ ने जवाब दिया कि उसके पास पैसे तो नहीं हैं, लेकिन उसने लड़के को एक उपाय सुझाया । पेड़ ने कहा कि लड़का उसके फल तोड़ ले और उन्हें बाज़ार में बेच दे, जिससे उसे पैसे मिल जाएंगे । लड़का पेड़ के सभी फल तोड़कर ले गया और इस तरह पेड़ ने उसकी मदद की । अपनी मदद के बदले फल दिए जाने पर भी पेड़ बहुत खुश था ।
शादी होने पर घर की ज़रूरत पूरा करने के लिए लड़के ने पेड़ का कौन सा हिस्सा काट लिया?
जब लड़के को पैसों की ज़रूरत महसूस हुई, तो उसने पेड़ से आर्थिक मदद मांगी क्योंकि वह बहुत सी चीज़ें खरीदना चाहता था । पेड़ ने जवाब दिया कि उसके पास पैसे तो नहीं हैं, लेकिन उसने लड़के को एक उपाय सुझाया । पेड़ ने कहा कि लड़का उसके फल तोड़ ले और उन्हें बाज़ार में बेच दे, जिससे उसे पैसे मिल जाएंगे । लड़का पेड़ के सभी फल तोड़कर ले गया और इस तरह पेड़ ने उसकी मदद की । अपनी मदद के बदले फल दिए जाने पर भी पेड़ बहुत खुश था ।
समय बीतने के साथ जब लड़का पेड़ के पास खेलने नहीं आता था, तो पेड़ को कैसा महसूस होता था?
जब लड़के की शादी होने वाली थी और उसे एक घर की ज़रूरत थी, तब पेड़ के सुझाव पर उसने पेड़ की शाखाएँ (branches) काट लीं। पेड़ ने उससे कहा था कि उसके पास घर तो नहीं है, लेकिन वह उसकी शाखाओं को काटकर उनसे अपना घर बना सकता है। इसके बाद युवक पेड़ की सभी शाखाओं को काटकर ले गया, जिससे पेड़ का केवल तना ही शेष बचा रह गया था।
मछली पकड़ने के लिए नाव बनाने हेतु पेड़ ने युवक को अपना क्या देने का प्रस्ताव रखा?
जब वह लड़का अधेड़ उम्र का आदमी बन गया और उसने मछली पकड़ने के लिए एक नाव की माँग की, तब पेड़ ने उसे अपना तना (trunk) काटने का प्रस्ताव दिया । पेड़ ने उससे कहा कि उसके पास नाव तो नहीं है, लेकिन जो तना बचा है, उसे काटकर वह नाव बना सकता है । उस आदमी ने पेड़ का तना काट लिया और उसकी नाव बना ली, जिसके बाद पेड़ का केवल ठूंठ (stump) ही शेष रह गया था । इसके बावजूद, दिए गए स्रोतों के अनुसार, पेड़ तब भी बहुत खुश था ।
शाखाएँ और तना कट जाने के बाद अंत में पेड़ का केवल कौन सा हिस्सा शेष रह गया था?
शाखाएँ और तना कट जाने के बाद, अंत में पेड़ का केवल ठूंठ (stump) शेष रह गया था ।
जब युवक ने मछली पकड़ने के लिए नाव बनाने हेतु पेड़ का तना काट लिया, तब पेड़ का केवल यही हिस्सा बचा था । स्रोतों के अनुसार, कहानी के अंत में जब वह लड़का एक थके हुए बूढ़े आदमी के रूप में वापस लौटा, तो पेड़ ने उसे अपने उसी ठूंठ पर बैठकर आराम करने और सुस्ताने के लिए आमंत्रित किया । इस स्थिति में भी पेड़ बहुत खुश था ।
जब लड़का एक बूढ़ा आदमी बनकर लौटा, तब पेड़ ने उसे क्या-क्या देने में अपनी असमर्थता जताई?
जब लड़का एक बूढ़े आदमी के रूप में पेड़ के पास वापस लौटा, तो पेड़ उसे पहचानकर बहुत खुश हुआ, लेकिन उसने दुखी मन से अपनी कुछ चीज़ें देने में असमर्थता जताई क्योंकि वह अब पूरी तरह खाली हो चुका था। पेड़ ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें कहीं:
फल: पेड़ ने कहा कि अब उसके पास फल नहीं बचे हैं जिन्हें वह बूढ़ा आदमी खा सके ।
शाखाएँ: पेड़ ने बताया कि उसकी शाखाएँ भी नहीं रहीं, जिनसे वह व्यक्ति पहले की तरह लटक सके या झूल सके ।
तना: पेड़ का तना भी नहीं बचा था, जिस पर वह चढ़ सके ।
पेड़ ने भावुक होकर कहा कि वह उसे कुछ देना चाहता था, लेकिन अब उसके पास देने के लिए कुछ भी शेष नहीं बचा है । हालाँकि, जब उस व्यक्ति ने कहा कि उसे केवल आराम करने के लिए जगह चाहिए, तो पेड़ ने उसे अपने ठूंठ (stump) पर बैठकर सुस्ताने के लिए आमंत्रित किया । इस प्रकार, सब कुछ खो देने के बाद भी पेड़ उस बूढ़े आदमी की मदद करके बहुत खुश था ।
बुढ़ापे की अवस्था में पहुँचने पर व्यक्ति ने पेड़ से किस चीज़ की माँग की थी?
जब व्यक्ति बुढ़ापे की अवस्था में पेड़ के पास लौटा, तो उसने पेड़ से किसी भौतिक वस्तु या भौतिक लाभ (जैसे फल, पैसे या लकड़ी) की माँग नहीं की थी।
स्रोतों के अनुसार, उसकी माँग निम्नलिखित थी:
उसने अपनी शारीरिक थकान और कमजोरी का हवाला देते हुए पेड़ से केवल "आराम से बैठने और सुस्ताने के लिए एक जगह" माँगी थी।
उसने स्पष्ट किया कि अब उसकी उम्र शाखाओं पर झूलने की नहीं रही और न ही उसमें तने पर चढ़ने का दम बचा है।
उसके दाँत गिर चुके थे, इसलिए उसे खाने के लिए फलों की भी आवश्यकता नहीं थी।
उसकी इस इच्छा को पूरा करने के लिए पेड़ ने उसे अपने ठूंठ (stump) पर बैठने के लिए आमंत्रित किया, क्योंकि शांति से बैठने और सुस्ताने के लिए वह एक उपयुक्त स्थान था। इस तरह, अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में वह व्यक्ति केवल शांति और विश्राम की तलाश में था।
कहानी के अंत में जब बूढ़ा आदमी पेड़ के ठूंठ पर बैठा, तब पेड़ को कैसा महसूस हुआ?
कहानी के अंत में जब वह व्यक्ति एक थके हुए बूढ़े के रूप में लौटा और पेड़ के ठूंठ पर बैठा, तब पेड़ बहुत खुश (very happy) था , ।
इस स्थिति के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित हैं:
सेवा की भावना: पेड़ ने उस बूढ़े आदमी को अपने ठूंठ पर बैठने और सुस्ताने के लिए आमंत्रित किया था क्योंकि उस व्यक्ति को केवल आराम करने की जगह चाहिए थी , ।
निरंतर प्रसन्नता: कहानी के हर पड़ाव पर, चाहे उसने अपने फल दिए हों, शाखाएँ दी हों या अपना तना, पेड़ हमेशा खुश रहा , । अंत में, जब उसके पास देने के लिए केवल एक ठूंठ ही बचा था और वह व्यक्ति उस पर बैठ गया, तब भी पेड़ की खुशी कम नहीं हुई ।
उपयोगिता का अहसास: पेड़ को इस बात की खुशी थी कि वह अपने जीवन के अंतिम अवशेष (ठूंठ) के माध्यम से भी उस व्यक्ति के काम आ सका जिसे वह सबसे अधिक प्यार करता था , ।
संक्षेप में, सब कुछ न्योछावर करने के बाद भी, अपने प्रिय मित्र को आराम देते समय पेड़ को परम संतोष और सुख का अनुभव हुआ ।
दानी पेड़ पाठ का महत्वपूर्ण नोट्स
अध्याय "दानी पेड़" के मुख्य बिंदुओं और सारांश पर आधारित नोट्स निम्नलिखित हैं:
1. मूल विवरण
अध्याय का नाम: दानी पेड़ ।
लेखक: शेल स्लिवरस्टाइन ।
मुख्य पात्र: एक निस्वार्थ पेड़ और एक लड़का (जो समय के साथ बूढ़ा हो जाता है) ।
2. बचपन की मधुर यादें
लड़का और पेड़ एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे ।
लड़का रोज़ पेड़ के पास आकर फूलों की माला बनाता, उसके तने पर चढ़ता और उसकी शाखाओं से झूलता था ।
वे दोनों साथ में लुका-छिपी खेलते थे और थकने पर लड़का पेड़ की छाँव में सो जाता था ।
3. पेड़ का क्रमिक त्याग (लड़के की बदलती ज़रूरतें)
जैसे-जैसे लड़का बड़ा हुआ, उसकी ज़रूरतें बदलती गईं और पेड़ ने अपनी हर चीज़ उसे सौंप दी:
आर्थिक सहायता (युवावस्था): जब लड़के को चीज़ें खरीदने के लिए पैसों की ज़रूरत हुई, तो पेड़ ने उसे अपने फल तोड़कर बाज़ार में बेचने का सुझाव दिया ।
घर की ज़रूरत (शादी के समय): शादी के लिए घर बनाने हेतु पेड़ ने लड़के को अपनी शाखाएँ (branches) काटने की अनुमति दे दी ।
नाव की ज़रूरत (अधेड़ उम्र): मछली पकड़ने और यात्रा के लिए नाव बनाने हेतु पेड़ ने अपना तना (trunk) भी दे दिया ।
4. अंतिम अवस्था (बुढ़ापा और विश्राम)
अंत में पेड़ के पास केवल एक ठूंठ (stump) बचा था ।
जब लड़का एक थके हुए बूढ़े आदमी के रूप में लौटा, तो उसे केवल आराम करने और सुस्ताने के लिए जगह चाहिए थी ।
पेड़ ने उसे अपने ठूंठ पर बैठने के लिए आमंत्रित किया, क्योंकि वह शांति से बैठने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान था ।
5. पाठ का मुख्य संदेश
निस्वार्थ प्रेम और दान: पेड़ ने अपना अस्तित्व समाप्त होने तक लड़के की मदद की और बदले में कुछ नहीं चाहा ।
सच्ची खुशी: पेड़ हर बार अपनी कोई चीज़ लड़के को देने के बाद "खुश" महसूस करता था, यहाँ तक कि अंत में ठूंठ बन जाने पर भी वह प्रसन्न था।
6. शब्दावली (महत्वपूर्ण शब्द)
शाखाएँ: पेड़ की डालियाँ ।
अधेड़: वह व्यक्ति जिसकी आधी उम्र बीत चुकी हो ।
ठूंठ: पेड़ का वह निचला हिस्सा जो तना कटने के बाद ज़मीन में बचा रह जाता है ।

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